यमुना का पानी, दिल्ली की हवा दोनों पहुंची 'खराब' श्रेणी में, छठ पूजा के मद्देनज़र यमुना संयुक्त समिति गठित

By Prerna Bhardwaj
October 19, 2022, Updated on : Wed Oct 19 2022 07:17:00 GMT+0000
यमुना का पानी, दिल्ली की हवा दोनों पहुंची 'खराब' श्रेणी में, छठ पूजा के मद्देनज़र यमुना संयुक्त समिति गठित
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राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार सुबह न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 17.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में मंगलवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 241 के अंक पर रहा. इस स्तर की हवा को खराब श्रेणी में रखा जाता है. सोमवार को यह सूचकांक 237 के अंक पर रहा था. यानी चौबीस घंटे के भीतर इसमें चार अंकों की बढ़ोतरी हुई. दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता समग्र तौर पर ख़राब बनी हुई है.  वहीं, दिल्ली के तीन इलाके ऐसे हैं जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक मंगलवार को 300 के अंक से ऊपर यानी बेहद खराब श्रेणी में रहा. शादीपुर, नार्थ कैंपस और वजीरपुर इसमें शामिल हैं.


बता दें, शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 को ‘मध्यम’, 201 से 300 को ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ तथा 401 से 500 के बीच एक्यूआई को ‘गंभीर’ माना जाता है.


दिल्ली में प्रदूषण स्तर बढ़ जाने के कारण यमुना नदी में ओखला बैराज के निचले प्रवाह क्षेत्र में झाग उत्पन्नता बढ़ने का खतरा भी है. खासकर छठ पूजा के परिपेक्ष्य से. छठ पूजा के दौरान यमुना नदी में ओखला बैराज के निचले प्रवाह क्षेत्र में बनने वाले झागों को कम करने के लिये दिल्ली सरकार द्वारा एक संयुक्त समिति का गठन किया गया है. जल शक्ति मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी.


मंत्रालय के बयान के अनुसार, इस संयुक्त समिति में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, उपरी यमुना नदी बोर्ड, उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग, दिल्ली जल बोर्ड, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण दिल्ली शामिल हैं. इसमें कहा गया है कि यह संयुक्त समिति छठ पूजा के दौरान यमुना नदी में ओखला बैराज के निचले प्रवाह क्षेत्र में बनने वाले झागों को कम करने के लिये समन्वित प्रयास एवं निगरानी करेगी. यह भी फैसला किया गया है कि 25 अक्टूबर से छठ पूजा तक एंटी सर्फेक्टेंट का छिड़काव किया जायेगा. इसके अलावा झाग के बनने पर नियंत्रण के लिये और भी कदम उठाये जायेंगे.


बता दें कि दिल्ली-एनसीआर में हर साल अक्टूबर महीने में प्रदूषण बढ़ने लगता है. इसी को देखते हुए बीते कुछ सालों से दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान यानी ग्रैप (GRAP) के पहले चरण को लागू कर दिया जाता है. इस साल भी 1 अक्टूबर से ग्रैप को लागू कर दिया गया है. राजधानी में वायु गुणवत्ता प्रबंधन (CQAM) आयोग ने वायु प्रदूषण नियंत्रण के मानकों आधार पर 491 स्थलों पर निर्माण और विध्वंस कार्य बंद करने का निर्देश जारी किया है, जिनमें 110 स्थल अकेले दिल्ली में हैं. जबकि, हरियाणा में 118, उत्तर प्रदेश में 211 और राजस्थान में 52 स्थल शामिल हैं. इसके अलावा पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा. पटाखों का उत्पादन-भंडार, खरीद व बिक्री को पूरी तरह से प्रतिबंध किया गया है. ऑनलाइन डिलीवरी भी नहीं होगी. पुराने पेट्रोल-डीजल वाहनों पर सख्ती की जाएगी.