DRDO ने किया मानव संचालित एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल का अंतिम सफल परीक्षण

By रविकांत पारीक
January 12, 2022, Updated on : Wed Jan 12 2022 05:08:00 GMT+0000
DRDO ने किया मानव संचालित एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल का अंतिम सफल परीक्षण
इस मिसाइल को थर्मल साइट के साथ एकीकृत मानव संचालित लॉन्चर से दागा गया। मिसाइल ने निर्धारित लक्ष्य पर हमला किया तथा उसे नष्ट कर दिया।
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रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने 11 जनवरी 2022 को मानव संचालित एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (MPATGM) का अंतिम सफल परीक्षण किया। स्वदेश में विकसित यह टैंक रोधी मिसाइल कम भार वाली, दागो और भूल जाओ मिसाइल है, क्‍योंकि इसे दागे जाने के बाद पुनः निर्देशित करने की आवश्यकता नहीं पड़ती और फिर धुआं भी नहीं निकलता।


इस मिसाइल को थर्मल साइट के साथ एकीकृत मानव संचालित लॉन्चर से दागा गया। मिसाइल ने निर्धारित लक्ष्य पर हमला किया तथा उसे नष्ट कर दिया। परीक्षण के दौरान अंतिम वृत्तांत को कैमरे में कैद किया गया और मिसाइल ने अपनी क्षमताओं को पुष्ट करते हुए सभी उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया है। 


वर्तमान परीक्षण में इसको न्यूनतम सीमा तक सिलसिलेवार कार्य-प्रदर्शन में सिद्धस्त प्रदर्शित करना था। इस मिशन के दौरान सभी उद्देश्यों को पूरा किया गया। मिसाइल ने ऑन-बोर्ड नियंत्रण और मार्गदर्शन के लिए इन्फ्रारेड इमेजिंग सीकर तथा एडवांस्ड एवियोनिक्स को सीमित कर दिया है। मिसाइल के कार्य-निष्पादन को पहले की परीक्षण जांचों में अधिकतम सीमा तक के लिए प्रमाणित किया गया है।


रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने टैंक रोधी मिसाइल की निरंतर सफलताओं के लिए DRDO टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि उन्नत प्रौद्योगिकी आधारित रक्षा प्रणाली विकास में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव तथा DRDO के अध्यक्ष डॉ जी सतीश रेड्डी ने परीक्षण के दौरान मिसाइल के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए टीम को बधाई दी।


Edited by Ranjana Tripathi