संस्करणों
विविध

मिस्त्री के बाद कंपनी ने दाखिल किये कैविएट

साइरस मिस्त्री को अचानक हटाये जाने के बाद मामले में अदालती मोर्चेबंदी शुरु।

PTI Bhasha
25th Oct 2016
  • Share Icon
  • Facebook Icon
  • Twitter Icon
  • LinkedIn Icon
  • Reddit Icon
  • WhatsApp Icon
Share on

टाटा समूह के चेयरमैन पद से साइरस मिस्त्री को अचानक हटाये जाने के बाद अब इस मामले में अदालती मोर्चेबंदी होने लगी हैं। टाटा समूह ने आज उच्चतम न्यायालय, बांबे उच्च न्यालय और राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण में कैविएट दाखिल किये हैं ताकि साइरस मिस्त्री अदालतों से कोई इकतरफा आदेश पारित नहीं करा सकें।

image


टाटा परिवार चाहता है कि कोई भी अदालत मिस्त्री को हटाने के मामले में उनका पक्ष सुने बिना इकतरफा फैसला नहीं दे। 

सूत्रों ने कहा, ‘‘उन्होंने अदालत में उनका पक्ष सुने जाने का आग्रह किया है। कोई अदालत यदि मिस्त्री को चेयरमैन पद से हटाने पर स्थगन जैसा कोई अंतरिम आदेश पारित करती है तो उससे पहले उसे टाटा समूह का पक्ष सुना जाना चाहिये।’’ 

टाटा समूह के अंतरिम चेयरमैन नियुक्त रतन टाटा ने इससे पहले आज दिन में समूह की विभिन्न कंपनियों के प्रमुखों से कहा है कि वह शीर्ष स्तर पर होने वाले बदलावों के बारे में चिंतित हुये बिना अपने काम पर ध्यान दें।

मिस्त्री ने भी रतन टाटा, टाटा संस और सर दोराबजी ट्रस्ट के खिलाफ तीन कैविएट दाखिल किये हैं, जबकि एक कैविएट साइरस इनवेस्टमेंट प्रा.लि. ने रतन टाटा और टाटा संस के खिलाफ दाखिल किया है।

ये कैविएट जानी मानी कानूनी फर्म अमरचंद मंगलदास के जरिये दाखिल किये गये हैं।

  • Share Icon
  • Facebook Icon
  • Twitter Icon
  • LinkedIn Icon
  • Reddit Icon
  • WhatsApp Icon
Share on
Report an issue
Authors

Related Tags