BYJU'S ने जारी किए FY22 के नतीजे; घाटा बढ़कर 8,245 करोड़ रुपये हुआ

BYJU'S ने वित्त वर्ष 2022 में 8,245 करोड़ रुपये का समेकित घाटा दर्ज किया, जो पिछले वित्तीय वर्ष में दर्ज 4,564 करोड़ रुपये से 80.6% अधिक है. वित्त वर्ष 2022 में ऑपरेटिंग रेवेन्यू 120% बढ़कर 5,014.6 करोड़ रुपये हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2021 में यह 2,280.3 करोड़ रुपये था.

BYJU'S ने जारी किए FY22 के नतीजे; घाटा बढ़कर 8,245 करोड़ रुपये हुआ

Tuesday January 23, 2024,

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बेहद लंबे समय के इंतजार के बाद एडटेक फर्म BYJU'S ने मंगलवार को वित्तीय वर्ष (FY) 2021-22 के अपने वित्तीय परिणाम कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के साथ साझा किए.

बेंगलुरु स्थित फर्म ने वित्त वर्ष 2022 में 8,245 करोड़ रुपये का समेकित घाटा दर्ज किया, जो पिछले वित्त वर्ष में दर्ज 4,564 करोड़ रुपये से 80.6% अधिक है.

इस बीच, इसके हालिया समेकित वित्तीय विवरणों के अनुसार, इसका ऑपरेटिंग रेवेन्यू 120% बढ़कर वित्त वर्ष 2022 में 5,014.6 करोड़ रुपये हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2021 में यह 2,280.3 करोड़ रुपये था.

बायजू रवींद्रन के नेतृत्व वाली कंपनी का कुल खर्च वित्त वर्ष 2022 में 94.5% बढ़कर 13,668.5 करोड़ रुपये हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2021 में यह 7,027.5 करोड़ रुपये था.

BYJU'S के चीफ़ फाइनेंशियल ऑफिसर नितिन गोलानी ने कहा, "हालांकि हम खुश हैं कि हमारी कुल आय 2.2 गुना बढ़ गई है, हम Whitehat Jr और OSMO जैसे हमारे खराब प्रदर्शन वाले व्यवसायों के बारे में भी जानते हैं, जिन्हें मिलाकर 45% का घाटा है."

उन्होंने कहा, “हमने अपनी परिचालन वित्तीय स्थितियों में सुधार के लिए विभिन्न उपाय किए हैं. बाद के वर्षों में घाटे को कम करने के लिए इन व्यवसायों को काफी हद तक कम कर दिया गया, जबकि अन्य व्यवसायों में वृद्धि देखी जा रही है.”

पिछले साल, BYJU'S ने चुनिंदा रूप से अपने FY22 के कुछ मुख्य व्यवसाय आंकड़े साझा किए थे. हालाँकि, एडटेक कंपनी ने आधिकारिक तौर पर अपने मुख्य व्यवसाय से शुद्ध घाटे के साथ-साथ वित्त वर्ष 2022 के लिए समेकित राजस्व और लाभ/हानि के आंकड़ों का खुलासा नहीं किया था.

BYJU'S, जो रणनीतिक अधिग्रहणों के माध्यम से तेजी से आगे बढ़ी, को महामारी के कारण एडटेक बूम के बाद महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करना पड़ा है. इन चुनौतियों में 1.2 बिलियन डॉलर के टर्म लोन बी से संबंधित मुकदमेबाजी, प्रवर्तन निदेशालय के साथ मुद्दे, लिक्विडिटी की कमी और इसके मुख्य व्यवसाय और अधिग्रहण के बारे में अनिश्चितताएं शामिल हैं.

जून में, ऑडिटिंग फर्म डेलॉइट हास्किन्स एंड सेल्स ने BYJU'S और आकाश के वैधानिक ऑडिटर के रूप में पद छोड़ दिया, इस इस्तीफे के लिए कंपनी ने अपने FY22 वित्तीय नतीजे दाखिल करने में देरी को जिम्मेदार ठहराया. इसके बाद, BYJU'S ने FY22 से शुरू करके अगले पांच वर्षों के लिए बीडीओ (MSKA & Associates) को अपना वैधानिक लेखा परीक्षक नियुक्त किया.

(Translated by: रविकांत पारीक)