विविध

आहार के प्रति सजग तीन खाने के शौकीनों ने शुरू किया स्नैकएक्सपर्ट्स, चेन्नई समेत भारत को बताएंगे कैसे करें स्वस्थ अल्पाहार

Aamir Ansari
27th Nov 2015
  • Share Icon
  • Facebook Icon
  • Twitter Icon
  • LinkedIn Icon
  • Reddit Icon
  • WhatsApp Icon
Share on
image


चेन्नई के तीन युवकों ने बाजार में मिलने वाले तैलीय अल्पाहार से त्रस्त होकर स्नैकएक्सपर्ट्स की शुरुआत की. भारत पहले से कहीं ज्यादा सेहत को लेकर सचेत हो रहा है. पारंपरिक, अक्सर तैलीय खाने अब पुराने हो चले हैं. जबकि अब प्रचलन में नए जमाने के स्वस्थ आहार आ गए हैं जो कैलरी का ध्यान रखते हैं. कई फूड स्टार्टअप सालों से ऐसा करते आए हैं. इस सूची में स्नैकएक्सपर्ट भी जुड़ गया है. उनका सिद्धांत बेहद सरल था. चाय के वक्त होने वाली गपशप कई बार इतनी रोचक हो जाती है कि आपको पता ही नहीं चलता कि आपने कितना तैलीय अल्पाहार ले लिया है. और यही कारण है कि स्वास्थ्य के लिए सजग तीन युवाओं ने ऑनलाइन स्टोर की शुरुआत की. यह देशभर में हेल्दी नाश्ता परोसता है. एक सप्ताहांत अरुण प्रकाश, अरुल मुरुगन और मैरी शामला चाय पर मिले और उन्हें अचानक इस बात का एहसास हुआ कि रेडीमेड हेल्दी नाश्ते में बहुत ही कम विकल्प मौजूद है.


अरुण कहते हैं, ‘हम ऐसे नाश्ते का सेवन कर अपनी सेहत को खराब कर रहे थे, जो कि अनेकों स्वास्थ्य कारणों के लिए जिम्मेदार है. हम यह जानते हुए कि लोकप्रिय ब्रांड हमारी सेहत को कितना नुकसान पहुंचा रहे हैं, हम इसे खाने के लिए मजबूर थे. खैर, एक विकल्प था, नाश्ता खाना बंद कर देने का, लेकिन ऐसा नहीं हो सकता है, हम ऐसा नहीं कर सकते थे.’बाद में अरुण हेल्दी स्नैक्स की तलाश में निकल गए ताकि वह इसे घर में रखकर आगे इस्तेमाल कर सके. इस मैनेजमेंट सलाहकार ने चेन्नई में हर जगह हेल्दी नाश्ता खोजा लेकिन उन्हें खाली हाथ घर वापस लौटना पड़ा.


अरुण आगे कहते हैं, ‘इस वजह से मैं निराश और हैरान हो गया और हमने इस दिशा में कार्रवाई करने का फैसला लिया. हम ऐसा नाश्ता बनाना चाहते थे जो स्वस्थ हो. वैसा ही जैसा आप अपने घर में बिना किसी संकोच के खाना खाते हैं, क्योंकि आपको पता है कि आपकी मां सिर्फ सर्वश्रेष्ठ ही परोसेंगी. हम अपने जैसे लोगों को उस प्रकार का नाश्ता देना चाहते थे.’ इस तिकड़ी के पास अगस्त 2014 में यह आइडिया था और इसे अगले कुछ महीनों में पूरा कर लिया गया. तीनों ने अपनी नौकरी छोड़ी और इस साल से इस कंपनी के साथ पूरे समय के लिए जुड़ गए. अरुल जो कि तमिल नाडु के डिंडीगुल में बतौर गुणवत्ता आश्वासन प्रबंधक काम कर रहे थे चेन्नई आ बसे. ऑनलाइन स्नैकएक्सपर्ट्स स्टोर कार्यरत है और उसके बाद से ही व्यापार कर रहा है. शुरुआत में टीम कटे हुए फल, भुनी दाल और फलो का सलाद बाजार में पेश करना चाहती थी लेकिन उन्हें एहसास हुआ कि खराब होने वाले माल के लिए लॉजिस्ट का काम जटिल होगा और इसलिए उन्होंने अपना ध्यान ड्राई स्नैक्स की तरफ दिया. अरुण कहते हैं, ‘देश भर में खाने के शौकीनों के लिए हम ऐसी चीज देना चाहते थे जिसे खरीदने के बाद कम से कम 30-40 दिन तक रखा जा सके.’ कंपनी ने 20-25 वस्तुओं के साथ अपना काम शुरू किया जिनमें से ज्यादातर बेक किए हुए नाश्ते हैं. लेकिन धीरे-धीरे अन्य चीजों को जोड़ा. पोषण विशेषज्ञ रंजिनी रमण ने उन्हें व्यंजनों पर फैसला लेने मदद की. वे यह सुनिश्चित करती कि सामान्य आहार आवश्यकताओं से चीजें अधिक न हो. स्नैकएक्स्पर्ट्स के पास फिलहाल 40 तरह के नाश्ते हैं जिनमें रागी सेव, ओट और ड्राई फ्रूट लड्डु, बिना शक्कर वाले ब्राउनी, कटहल के पकौड़े और तरह तरह के फ्लैपजैक्स (एक तरह का केक). कंपनी इन हाउस नाश्ते का निर्माण नहीं करती लेकिन उसने पूरे तमिल नाडु में दर्जन भर से ज्यादा रसोई से करार किया किया है.

image


स्नैक्सएक्सर्ट के लिए उपभोक्ता ही राजा है. अरुण विस्तार से बताते हैं, ‘जैसे जैसे हमें उपभोक्ता की तरफ से फीडबैक मिलती है, हम अपनी सूची में लगातार चीजें जोड़ते रहते हैं. जब हमें इस बात का एहसास होता कि कोई खास उत्पाद उतना स्वादिष्ट नहीं या फिर उपभोक्ता उसे पसंद नहीं कर रहा था है तो हम व्यंजन में बदलाव करते हैं. अगर फिर भी उन्हें पसंद नहीं आता है तो हम उस उत्पाद को हटाकर कुछ और लाते हैं.’

साढ़े सात सौ ग्राम वाले स्नैक्स बॉक्स की कीमत 699 रुपये है, और इसे उपभोक्ता की पसंद के हिसाब से खास तौर से बनाया जा सकता है. इसके बाद इन बॉक्सों को कुरियर के माध्यम से देश भर में पहुंचाया जाता है, लेकिन ऑर्डर चेन्नई से होता है तो संस्थापक उसे निजी तौर पर खुद पहुंचाते हैं. पीएस मार्केट रिसर्च की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2014 में चटपटे नाश्ते का वैश्विक बाजार का 111.1 अरब अमेरिकी डॉलर था. जबकि उम्मीद है कि 2015 से 2020 के बीच इस क्षेत्र में सीएजीआर 7.1 फीसदी का विकास होगा जो कि बढ़कर 166.6 अरब अमेरिकी डॉलर हो जाएगा. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि स्वादिष्ट नाश्ते की ज्यादा मांग एशिया प्रशांत क्षेत्र में जहां चीन और भारत जैसे घनी आबादी वाले देश हैं. साथ ही रिपोर्ट में कहा है कि लोग अब स्वादिष्ट नाश्ते के स्वस्थ विकल्प भी तलाशने लगे हैं, जैसे बेक की हुई चीजें, ताजा फल और फलों का रस. इस वजह स्वादिष्ट नाश्तों का बाजार बढ़ नहीं पा रहा है और कंपनियां मजबूरन स्वस्थ नाश्ता पेश कर रही है.


image


भारत में कई स्टार्टअप कंपनियां हैं जो इस क्षेत्र में कब्जा जमाना चाह रही है. कुछ कंपनियां जिन्होंने इस क्षेत्र में बड़ा किया है उनमें दी ग्रीन स्नैक कंपनी, स्नैकोसौर, स्पूनजॉय शामिल हैं. हालांकि स्टार्टअप ने मार्केटिंग पर ज्यादा खर्च नहीं किया सिर्फ सोशल मीडिया पर थोड़ा निवेश किया है. उन्होंने देशभर में 500 से ज्यादा ऑर्डर पूरे किए हैं. टीम ने हाल ही में 10 लाख रुपये आईआईटी बॉम्बे के उद्यमिता सेल के इवेंट ‘दी 10 मिनट मिलियन’ में जीता है. बाद में कंपनी ने करीब 20 लाख रुपये अजीत खुराना, ताहा नबी, वीसी काथिक और रवि गुरुराज से बतौर निवेश पाया है. अरुण के मुताबिक, ‘हम अपने नाश्ते के जरिए अल्पाहार को समाज में खुशी और स्वस्थ आदत बनाना चाहते हैं. हमारा पहला लक्ष्य बच्चों और युवाओं के बीच जागरुकता फैलाने का है और उन्हें कम उम्र में पकड़ने का है.’ अरुण अपने 12 सदस्यीय टीम के साथ हेल्दी स्नैकिंग अभियान देश भर के स्कूलों और कॉलेजों में चलाने की योजना बना रहे हैं.

लेखिका-अपर्णा घोष

अनुवाद-आमिर अंसारी

  • Share Icon
  • Facebook Icon
  • Twitter Icon
  • LinkedIn Icon
  • Reddit Icon
  • WhatsApp Icon
Share on
Report an issue
Authors

Related Tags

Latest Stories