मिलिए 3 वर्षों में अपने कपड़े के ब्रांड को फरीदाबाद से विदेशों में ले जाने वाली इस महिला उद्यमी से

मिलिए 3 वर्षों में अपने कपड़े के ब्रांड को फरीदाबाद से विदेशों में ले जाने वाली इस महिला उद्यमी से

Wednesday August 14, 2019,

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कुछ ही वर्षों में भारतीय कपड़ा उद्योग के 60 बिलियन डॉलर से पार जाने की उम्मीद है। ऐसा होते ही भारत कपड़ा उद्योग में छठा सबसे बड़ा देश होगा। देश में जहां बड़े पैमाने पर उत्पादित फैशन ब्रांड स्थानीय कपड़ा उद्योग पर अपनी पकड़ बनाए हुए हैं तो वहीं कुछ छोटे व्यवसाय भी हैं जो कस्टमर्स को कपड़ों में पर्सनल टच देकर अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, फरीदाबाद स्थित रेंगे (Rengé) को ही ले लीजिए, जिसकी संस्थापक शीना उप्पल भारतीय महिलाओं को युनिक एक्सपीरियंस प्रदान कर रही हैं। 



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Rengé की फाउंडर शीना उप्पल



शीना उप्पल योरस्टोरी को बताती हैं,


"मैं कपड़े के बड़े पैमाने पर उत्पादन और हाई स्ट्रीट ब्रांडों के साथ प्रतिस्पर्धा में विश्वास नहीं करती। हम अपने ग्राहकों के लिए एक पर्सनलाइज्ड एक्सपीरियंस बनाना चाहते हैं और उन्हें ऑर्डर के सात दिनों के भीतर उनकी पसंद के आउटफिट डिलीवर करना चाहते हैं।” 


फैशन के प्रति अपने प्यार को देखते हुए, शीना ने अपनी निजी बचत से फरवरी 2016 में फरीदाबाद में रेंगे की शुरुआत की थी। शीना का परिवार टेक्सटाइल और मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस में तीन दशकों से अधिक समय से है। यही कारण है शीना कपड़ों के बारे में जानने और खुद की डिजाइन बनाने के सपने देखते हुए बड़ी हुईं। लंदन कॉलेज ऑफ फैशन में ग्रेजुएट की पढ़ाई पूरी करने के बाद, वह रेंगे शुरू करने के लिए दिल्ली लौट आईं। बता दें कि रेंगे (Rengé) जापानी भाषा में कमल के फूल को कहते हैं।


रेंगे की शुरुआत

दिल्ली लौटने के बाद, शीना कुछ समय के लिए मुंबई चली गईं जहाँ उन्होंने कपड़े की आउटसोर्सिंग शुरू कर दी और हर आउटफिट को खुद के लिए डिजाइन करने लगीं। कुछ ही समय में उन्हें महसूस हुआ कि उन्हें अपना खुद का ब्रांड लॉन्च करने की जरूरत है। वह कहती हैं, "मैंने खुद को एक उद्यमी के रूप में कभी नहीं सोचा था। मैंने एक शौक के रूप में कपड़े डिजाइन करना शुरू किया। रचनात्मक ऊर्जा के इस आउटलेट ने मुझे अपने खुद के ब्रांड को लॉन्च करने के लिए जरूरी आत्मविश्वास दिया।"


अपने बुटीक के साथ, शीना ने ऐसे गॉर्जियस ऑउटफिट बनाने के बारे में सोचा जिसमें विंटेज स्टाइल्स और मॉर्डन एस्थेटिक दोनों की चमक हो। शीना बताती हैं कि रेंगे का मिशन महिलाओं को एथिकल, कम्पैशनेट और सस्टेनेबल फैशन डिलीवर करना है। रेंगे द्वारा ऑफर किए गए हर कलेक्शन को सीमित मात्रा में बनाया गया है और ऑर्डर मिलने पर अलग से बनाया जा सकता है। कन्सेप्शन से लेकर प्रोडक्शन तक, सब कुछ एक ही छत के नीचे किया जाता है।


रेंगे की फरीदाबाद में अपनी खुद की युनिट स्थापित है और स्थानीय क्षेत्र के आठ लोगों को रोजगार देती है। यह कच्चे माल जैसे कॉटन ब्लेंड्स, लटकन (tassel), लिनन, मोडा आदि को दिल्ली से सोर्स करता है। शीना खुद से इसकी डिजाइनों की देखभाल करती हैं।


एक अलग ऑनलाइन गेम

शीना ने मार्च 2017 में ब्रांड की वेबसाइट लॉन्च की और तब से दुनिया भर से ऑर्डर मिल रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने दिल्ली में पर्निया के पॉप अप शॉप और रॉक एन शॉप में अपने प्रोडक्ट्स को डिस्प्ले किया है। सिंगापुर स्थित इंडिगो कल्चर के प्लेटफॉर्म पर एक लिमिटेड कलेक्शन भी सूचीबद्ध है।


शीना बताती हैं, "हमारी वेबसाइट को लॉन्च करने के बाद, हमने सिंगापुर के बाजार पर ध्यान केंद्रित किया क्योंकि हमारे पास वहां एक टारगेट ऑडियंस है। रेंगे एक बुटीक, रिसोर्ट वियर ब्रांड और कस्टम मेड के कहीं अधिक है। इसलिए, हमने Myntra, Flipkart या Jabong पर ब्रांड को सूचीबद्ध नहीं किया। हालांकि, मैं अगले तीन से छह महीनों में इन ई-कॉमर्स पोर्टलों पर जल्द ही एक नया कलेक्शन शुरू करने की योजना बना रही हूं।"


रेंगे का कलेक्शन 4,500 रुपये से लेकर 8,500 रुपये तक है और इसे एक महीने में औसतन 50-100 ऑर्डर मिलते हैं।


बड़ी चुनौतियां

शीना के अनुसार, डिजाइनिंग और कपड़े बनाते समय कई चुनौतियां होती हैं। हालांकि कपड़ों की मार्केटिंग और प्रचार करते समय काफी मुश्किल हो जाती है। वह कहती हैं कि इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने उन्हें रेंगे के बारे में जागरूकता पैदा करने में मदद की है, लेकिन बेहद अव्यवस्थित बाजार में हजारों मौजूदा ब्रांडों के बीच खुद को खड़ा करना काफी चुनौतीपूर्ण है। उन्हें अतीत में ब्रांड के बारे में बाजार में जागरूकता पैदा करने में काफी मुश्किलें हुई हैं। 


भविष्य की संभावनाएं

शीना अब दक्षिण-पूर्व एशिया और उत्तरी अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं और अमेरिका स्थित साइटों revolve.com और shopbop.com पर ब्रांड को सूचीबद्ध करना चाहती हैं। वह कहती हैं कि वह खुद को अत्यधिक प्रतिस्पर्धी बाजारों में स्थापित करने की चुनौती देख रही हैं, जहां विभिन्न ब्रांड ग्राहकों के ध्यान और वफादारी के लिए लड़ते हैं। वह दिल्ली और मुंबई में रेंगे फ्लैगशिप स्टोर भी खोलना चाहती है।