नहीं थम पाई फैशन स्टार्टअप Zilingo की उथल-पुथल, होने जा रहा है लिक्विडेशन

By yourstory हिन्दी
January 23, 2023, Updated on : Mon Jan 23 2023 09:04:36 GMT+0000
नहीं थम पाई फैशन स्टार्टअप Zilingo की उथल-पुथल, होने जा रहा है लिक्विडेशन
कभी ऊंची उड़ान भरने वाली Zilingo वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों के बाद नीचे आती चली गई.
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फैशन स्टार्टअप Zilingo Pte का लिक्विडेशन होने वाला है. सिंगापुर स्थित Zilingo के बोर्ड ने EY कॉरपोरेट सर्विसेज Pte को प्रोविजनल लिक्विडेटर नियुक्त किया है. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से यह बात कही गई है. कहा जा रहा है कि Zilingo के बोर्ड ने बड़े शेयरधारकों और क्रेडिटर्स को अपने फैसले के बारे में सूचित कर दिया है. लिक्विडेशन की प्रॉसेस एक ऐसे स्टार्टअप को समाप्त कर देगी, जिसमें अचानक से उपजे विवाद और सर्वाइवल के लिए महीनों तक चली लंबी लड़ाई ने दक्षिण पूर्व एशिया और भारत की टेक्नोलॉजी व स्टार्टअप इंडस्ट्रीज को हिला कर रख दिया. कभी ऊंची उड़ान भरने वाली Zilingo वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों के बाद नीचे आती चली गई.


कहा जा रहा है कि Zilingo क्रेडिटर्स Varde Partners और Indies Capital Partners को अपने कुछ एसेट्स के लिए एक खरीदार मिल गया है. इसी के बाद लिक्विडेशन का फैसला आया है. यह भी खबर है कि उन एसेट्स को एक अज्ञात खरीद मूल्य पर नए मालिक को ट्रांसफर कर दिया गया है. Zilingo कभी सिंगापुर से उभरने वाले सबसे हाई-प्रोफाइल स्टार्टअप्स में से एक था. इसमें एक बड़ा निवेश Temasek Holdings Pte का है. अन्य प्रमुख निवेशकों में सिकोइया कैपिटल इंडिया शामिल है.

ब्रेकडाउन की सबसे बड़ी वजह

Zilingo के ब्रेकडाउन की सबसे बड़ी वजह अंकिती बोस और उनके लॉन्ग टाइम सपोर्टर व Sequoia India के प्रमुख शैलेंद्र सिंह के बीच के खराब रिश्ते बने. दोनों वर्षों तक सहयोगी रहे लेकिन फिर वित्तीय दबाव बढ़ते ही वे अलग हो गए. सिंह ने युवा संस्थापक अंकिती बोस के मैनेजमेंट स्किल्स में विश्वास खो दिया, जबकि बोस का मानना ​​था कि सिंह ने उन्हें अपनी ही कंपनी से बाहर धकेल कर धोखा दिया.

अप्रैल 2022 में बर्खास्त हुई थीं अंकिती

कंपनी की अकाउंटिंग में कथित तौर पर विसंगतियां मिलने के बाद अप्रैल 2022 में अंकिती बोस को सीईओ पद से बर्खास्त कर दिया गया था. पहले अंकिती बोस को 5 मई तक सस्पेंड किया गया था लेकिन बाद में उन्हें टर्मिनेट कर दिया गया. बोस ने पूरे संकट के दौरान गलत काम करने के किसी भी दावे से इनकार करना जारी रखा और तर्क दिया कि उन्हें गलत तरीके से निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने कंपनी के कदम को 'विच हंट' बताया था और कहा था कि यह कंपनी में एक निवेशक के खिलाफ उनके द्वारा की गई उत्पीड़न की शिकायतों का भी नतीजा है. बोस ने तर्क दिया कि उन फैसलों और प्रैक्टिसेज के लिए उन्हें दोषी ठहराया जा रहा है, जिनके बारे में वरिष्ठ प्रबंधकों और निदेशकों को अच्छी तरह से पता थे. बोस ने जून 2022 में कंपनी के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया था. एक बयान में उन्होंने कहा कि वह बोर्ड के सदस्य और शेयरधारक के तौर पर जानकारी की अस्पष्टता के कारण इस्तीफा दे रही हैं.

साल 2015 में हुई थी शुरू

Zilingo अपैरल मर्चेंट्स और फैक्ट्रियों को टेक्नोलॉजी की आपूर्ति करती है. जिलिंगो की स्थापना अंकिती बोस और चीफ टेक्नोलॉजी एंड प्रॉडक्ट ऑफिसर ध्रुव कपूर ने साल 2015 में सिंगापुर में की थी. इसके पीछे मकसद दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया के छोटे व्यवसायों को अपना सामान ऑनलाइन बेचने में मदद करना था. 2018 में Zilingo ने छोटे विक्रेताओं को कार्यशील पूंजी प्रदान करने के लिए वित्तीय प्रौद्योगिकी फर्मों के साथ मिलकर काम करना शुरू किया ताकि वे माल का उत्पादन करने के लिए कच्चा माल खरीद सकें.


2019 के फंडिंग राउंड के बाद Zilingo की वैल्युएशन 97 करोड़ डॉलर तक पहुंच गई थी. उस वक्त अंकिती बोस केवल 27 वर्ष की थीं. फिर कोविड19 महामारी की वजह से कारोबार को नुकसान पहुंचा और कंपनी को रेवेन्यु में लगे झटके के चलते छंटनी करनी पड़ी. कटौती के बाद, Zilingo के पास भारत, इंडोनेशिया, श्रीलंका और बांग्लादेश में हाल ही में 100 से कम कर्मचारी थे.


Edited by Ritika Singh