देश में बनी पहली कोरोना टेस्ट किट, अब लैब में रोज़ाना हो सकेंगे 1 हज़ार परीक्षण

कोरोना वायरस संक्रमण का पता लगाने वाली इस किट का उत्पादन जल्द ही 1 लाख यूनिट प्रति हफ्ते की दर से किया जाएगा।

पुणे की कंपनी ने कोरोना वायरस टेस्ट किट विकसित कर ली है।

पुणे की कंपनी ने कोरोना वायरस टेस्ट किट विकसित कर ली है। (सांकेतिक चित्र)



कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप और 21 दिनों के लिए जारी किए गए लॉक डाउन के बीच पुणे से देश के लिए एक अच्छी ख़बर सामने आई है। पुणे की लाइफ साइंस उपकरणों का निर्माण करने वाली एक कंपनी ने कोविड-19 (कोरोना वायरस) टेस्ट किट बना ली है।


यह किट मायलैब डिस्कवरी सोल्युशंस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित की गई है। गौरतलब है कि इस टेस्ट किट के जरिये 100 लोगों का कोरोना वायरस टेस्ट किया जा सकता है, जबकि फिलहाल इस टेस्ट किट की कीमत 80 हज़ार रुपये है।


मायलैब डिस्कवरी सोल्युशंस प्राइवेट लिमिटेड को इस किट के कमर्शियल उत्पादन के लिए केन्द्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन द्वारा अनुमति भी जारी कर दी गई है।


इस टेस्ट के आम बाज़ार में आते ही लैब एक दिन में कोरोना के 1 हज़ार टेस्ट करने में सक्षम हो जाएगी। इस किट के बारे में बात करते हुए कंपनी के एमडी हसमुख रावल ने मीडिया को बताया है कि इस किट को ‘मेक इन इंडिया’ को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, इसी के साथ किट को WHO और CDC के दिशानिर्देशों के अनुरूप विकसित किया गया है।


मयलाब के कार्यकारी निदेशक श्री शैलेन्द्र कवाडे ने कहा,

“हम अपने देश में अत्याधुनिक तकनीक को उचित और सस्ती कीमत पर उपलब्ध कराने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। चूंकि यह परीक्षण संवेदनशील पीसीआर तकनीक पर आधारित है, इसलिए प्रारंभिक चरण के संक्रमण का भी पता उच्चतम सटीकता के साथ लगाया जा सकता है।”

अभी इस टेस्ट किट की कीमत अधिक है, लेकिन बड़े स्तर पर उत्पादन के बाद इस किट की लागत एक चौथाई हो जाने की बात कही जा रही है।





अभी तक एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण से संबन्धित 100 नमूनों का ही परीक्षण किया जा रहा था, लेकिन इस किट के बाज़ार में आने के साथ ही कोरोना वायरस संक्रमण परीक्षण की गति में भी तेजी आएगी। गौरतलब है कि इस किट को रिकॉर्ड टाइम में विकसित किया गया है।


भारत ने अभी कोरोना वायरस संक्रमण के टेस्ट के लिए जर्मनी से किट आयात की है, हालांकि अब देश में किट का निर्माण होने से कोरोना वायरस को खत्म करने में बड़ी मदद मिलेगी। मालूम हो कि कोरोना वायरस से संबन्धित जांच के मामले में भारत अन्य देशों की तुलना में बेहद पीछे है। भारत में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर टेस्ट करने का आंकड़ा महज 6.8 का ही है।


कंपनी ने इस किट के जरिये बेहद सटीक परिणाम देने का दावा किया है। कंपनी का कहना है कि आने वाले समय में इस किट का उत्पादन प्रति सप्ताह एक लाख यूनिट तक किया जाएगा।


यह पहली बार नहीं है जब मायलैब ने इस तरह की महत्वपूर्ण टेस्ट किट का निर्माण किया हो। कंपनी इसके पहले एचआईवी टेस्ट किट का भी निर्माण कर चुकी है।


देश में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को शाम को देश भर में 21 दिनों के लॉक की घोषणा कर दी है, जो 14 अप्रैल तक जारी रहेगा। भारत में कोरोना वायरस के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जबकि इस वायरस से सबसे अधिक प्रभावित होने वाले राज्य महाराष्ट्र और केरल हैं।