[फंडिंग अलर्ट] फिनटेक स्टार्टअप Kuhoo ने सीड राउंड में West Bridge से जुटाए 20 मिलियन डॉलर

By Trisha Medhi & रविकांत पारीक
March 02, 2022, Updated on : Thu Mar 03 2022 05:57:00 GMT+0000
[फंडिंग अलर्ट] फिनटेक स्टार्टअप Kuhoo ने सीड राउंड में West Bridge से जुटाए 20 मिलियन डॉलर
स्टूडेंट लोन फिनटेक स्टार्टअप Kuhoo का उद्देश्य भारत और विदेशों दोनों में विश्वविद्यालयों में अध्ययन करने के इच्छुक छात्रों को ऑनलाइन लोन प्रदान करना है।
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

स्टूडेंट लोन फिनटेक प्लेटफॉर्म Kuhoo ने कहा कि उसने West Bridge Capital से सीड राउंड में 20 मिलियन डॉलर जुटाए हैं।


कोयल पक्षी की मधुर ध्वनि के नाम पर, Kuhoo पूर्व ICICI, HDFC Credila, और InCred के कार्यकारी और बैंकिंग दिग्गज प्रशांत ए भोंसले के दिमाग की उपज है।


शिक्षा की बढ़ती लागत और वहनीयता के बीच की खाई केवल चौड़ी हुई है, जिससे छात्रों को अपने सपनों को छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है। Kuhoo इस अंतर को भरने और मुख्य रूप से उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि, कॉलेज, पाठ्यक्रम रैंकिंग और करियर की संभावनाओं के आधार पर प्रोडक्ट बनाने का इरादा रखता है।


स्टार्टअप का उद्देश्य भारत और विदेशों दोनों में विश्वविद्यालयों में अध्ययन करने के इच्छुक छात्रों को ऑनलाइन लोन प्रदान करना है। यह इंजीनियरिंग, एमबीए, कार्यकारी शिक्षा, ऑनलाइन पाठ्यक्रम, कोचिंग कक्षाओं और यहां तक ​​कि नए युग के पाठ्यक्रमों जैसे विभिन्न धाराओं में प्रोडक्ट पेश करने वाला पहला स्टूडेंट लोन प्रदाता होने का दावा करता है।


वेंचर के बारे में बोलते हुए, Kuhoo के फाउंडर प्रशांत ए. भोंसले ने कहा, "हम भारतीय छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने के मिशन पर हैं। भारतीय छात्रों को लोन देने में 30 से अधिक वर्षों के हमारे संचयी अनुभव में, हमने देखा है कि कई प्रतिभाशाली छात्र अच्छे विश्वविद्यालयों में आवेदन नहीं करते हैं क्योंकि वे अपने माता-पिता पर फीस और रहने के खर्च समेत उच्च लागत का बोझ डालने की चिंता करते हैं। हम इसे बदलना चाहते हैं। Kuhoo में, हम जोखिम और क्रेडिट मॉडल बनाने के लिए एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और डेटा साइंस के साथ अपने विशाल अनुभव को जोड़ते हैं।"

f

ये मॉडल विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए छात्रों की संभावित रोजगार क्षमता और भविष्य की आय का मूल्यांकन करते हैं। वास्तव में, यह लोन उन्हें पढ़ाई के दौरान क्रेडिट हिस्ट्री बनाने में मदद करेगा।


West Bridge Capital के पार्टनर दीपक रामिनीदी ने कहा, "शिक्षा की बढ़ती लागत के साथ, हमारा मानना ​​है कि भारत को ऐसे लोन प्रदाताओं की जरूरत है जो छात्रों, अभिभावकों और शैक्षणिक संस्थानों की समस्याओं को व्यापक रूप से समझते हैं। भविष्य की रोजगार योग्यता और छात्रों की आय का आकलन करना, स्टूडेंट लोन की पेशकश करने वाले मौजूदा बैंकों और एनबीएफसी के लिए सबसे बड़ी दो चुनौतियां हैं। हमें खुशी है कि हमें प्रशांत में सही उद्यमी मिला है। भारत में सबसे सफल स्टूडेंट लोन देने वाली कंपनियों में से एक बनाने के उनके अनुभव के अलावा, एक ऑनलाइन व्यापार मॉडल बनाने के लिए, हम टेक्नोलॉजी और एनालिटिक्स का उपयोग करने के उनके दृष्टिकोण को पसंद करते हैं।"


West Bridge Capital Partners के को-फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर सुमीर चड्ढा ने कहा, "पिछले कुछ दशकों के दौरान, प्रतिभाशाली भारतीय छात्रों के केवल एक छोटे प्रतिशत को विदेशों में विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा के अपने सपनों को आगे बढ़ाने का मौका मिला है। जबकि यह बढ़ता रहेगा..., भारत सरकार की नीति में उच्च-गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संस्थानों और हाल के वर्षों की एडटेक क्रांति ने युवा भारतीय छात्रों के लिए आकर्षक रास्ते खोले हैं।