इस बड़ी एडटेक कंपनी ने 85 फीसदी भारतीय कर्मचारियों को नौकरी से निकाला, 50 फीसदी महिलाएं

By Vishal Jaiswal
November 07, 2022, Updated on : Mon Nov 07 2022 08:22:57 GMT+0000
इस बड़ी एडटेक कंपनी ने 85 फीसदी भारतीय कर्मचारियों को नौकरी से निकाला, 50 फीसदी महिलाएं
बीते 28 अक्तूबर को गूगल मीट पर वीडियो कॉलिंग के दौरान भारत में लगभग पूरी टीम को नौकरी से निकाल दिया गया. हर विभाग को अलग-अलग कॉल किया गया. कुल 30 लोगों को नौकरी से निकाला गया है.
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

प्रॉसस Prosus समर्थित ऑनलाइन कम्यूनिटी लर्निंग एडटेक प्लेटफॉर्म ब्रेनली Brainly भारत में अपनी 35 लोगों की टीम में से 30 लोगों सहित दुनियाभर में अपने कई कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है.


मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, एक सूत्र ने बताया कि बीते 28 अक्तूबर को गूगल मीट पर वीडियो कॉलिंग के दौरान भारत में लगभग पूरी टीम को नौकरी से निकाल दिया गया. हर विभाग को अलग-अलग कॉल किया गया. कुल 30 लोगों को नौकरी से निकाला गया है. भारत में कंपनी के केवल पांच कर्मचारियों की नौकरी बची है. ये पांचों कर्मचारी घर से काम कर रहे हैं और पिछले पांच साल से कंपनी के साथ जुड़े हुए हैं.


कंपनी द्वारा निकाले गए कर्मचारियों में से लगभग 50 फीसदी महिलाएं हैं. इन महिला कर्मचारियों को कंपनी में विविधता लाने के उद्देश्य से 2-3 महीने पहले ही हायर किया गया था. भारत में कंपनी के कुल 35 कर्मचारी थे जिसमें से अधिकतर बेंगलुरु स्थित यूबी सिटी ऑफिस से काम कर रहे थे.


नेटवर्किंग वेबसाइट LinkedIn के अनुसार, सितंबर तक दुनियाभर में कंपनी के 860 कर्मचारी काम कर रहे थे. हालांकि, दुनियाभर में कंपनी ने कुल कितने कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है, इसका पता अभी नहीं चल सका है.


कंपनी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हमने Brainly.in के यूजर्स को पेड प्लांस की पेशकश बंद करने का निर्णय लिया है और इसकी पूरी कम्यूनिटी ब्रेनली का मुफ्त में उपयोग करेगी. यह हमारे ग्लोबल बिजनेस से संबंधित नहीं है.


पोलैंड स्थित एडटेक स्टार्टअप में छंटनी कस्टमर सपोर्ट, प्रोडक्ट, मार्केटिंग, ट्यूटर और इन-हाउस अकादमिक टीम, कानूनी और तकनीकी प्रभागों सहित अन्य विभागों में हुई है. लीगल, एचआर और फाइनेंशियल डिपार्टमेंट्स से कागजी कार्रवाई खत्म करने के लिए एक-एक व्यक्ति को रखा गया है.

ऑनलाइन कम्यूनिटी लर्निंग एडटेक प्लेटफॉर्म है ब्रेनली

2009 में स्थापित, ब्रेनली एक नॉलेज शेयरिंग करने वाला कम्यूनिटी प्लेटफॉर्म है जो अपने प्लेटफॉर्म पर लगभग 30 करोड़ छात्रों और विशेषज्ञों के होने दावा करता है. ब्रेनली छात्रों को गणित, विज्ञान, सामाजिक अध्ययन और हिंदी, अंग्रेजी आदि भाषाओं जैसे मुख्य एकेडमिक सब्जेक्ट्स में डाउट सॉल्विंग और उनके प्रश्नों को हल करने में मदद करते हैं.


भारत में, ब्रेनली ने हर महीने लगभग 5.5 करोड़ यूजर्स को सेवा मुहैया कराने का दावा किया है. भारत के अलावा, इंडोनेशिया, ब्राजील, अमेरिका, रूस और लैटिन अमेरिका में इसकी बड़ी लर्निंग कम्यूनिटी है.


दिसंबर 2020 में, ब्रेनली ने प्रोसस एनवी (दक्षिण अफ्रीकी समूह नैस्पर्स की निवेश शाखा), जनरल कैटलिस्ट पार्टनर्स, रूना कैपिटल और मंटारे की भागीदारी के साथ मौजूदा निवेशक लर्न कैपिटल के नेतृत्व में सीरीज डी राउंड में 6.58 अरब रुपये जुटाए थे.

2019 के आसपास, कंपनी को कथित तौर पर सी सीरीज़ के फंडिंग के दौर में करीब 15 अरब रुपये का वैल्यूएशन दिया गया था, जब उसने 2.46 अरब रुपये जुटाए थे.

11 हजार कर्मचारियों को निकाल चुकी हैं एडटेक कंपनियां

साल 2022 की शुरुआत से अब तक एडटेक कंपनियां 11 हजार कर्मचारियों को निकाल चुकी हैं. बीते जून में 2500 कर्मचारियों को निकालने के बाद देश की दिग्गज एडटेक यूनिकॉर्न BYJU'S ने 12 अक्टूबर को एक बार फिर से 2500 कर्मचारियों को निकालने की घोषणा की है.


वहीं, आर्थिक संकट का हवाला देते हुए फरवरी में रोनी स्क्रूवाला समर्थित एडटेक स्टार्टअप Lido Learning ने 1200 कर्मचारियों को निकाल दिया था. इसके बाद पिछले महीने, Lido Learning ने नकदी की कमी के कारण नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल की मुंबई बेंच में दिवाला और दिवालियापन के लिए अपील दायर की थी.


वहीं, SoftBank समर्थित Unacademy ने सेल्स और मार्केटिंग और कुछ कॉन्ट्रैक्चुअल कर्मचारियों को मिलाकर 750 लोगों को निकाला है. Vedantu ने भी तीन चरणों में 700 से अधिक कर्मचारियों को निकाल दिया था. FrontRow और Udayy ने क्रमश: 145 और 100 कर्मचारियों को निकाला था. उदय की को-फाउंडर सौम्या यादव ने तो यहां तक कहा दिया था कि वह अपना कारोबार बंद कर देंगी और 8.5 मिलियन डॉलर की फंडिंग निवेशकों को वापस लौटा देंगी.


Eruditus ने भी जून 2022 में 80 लोगों को कंपनी से निकाला था. जबकि 2021 में इस 1300 लोगों को हायर किया था. एडटेक प्लेटफॉर्म LEAD (पहले LEAD School) ने करीब 90 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था.