क्या घर में रखी गोल्ड ज्वेलरी की भी करानी होगी हॉलमार्किंग? आम आदमी के लिए क्या नियम

1 जून से ज्वेलर केवल हॉलमार्क वाली गोल्ड ज्वेलरी ही बेच सकेंगे, फिर चाहे उसकी शुद्धता कुछ भी हो.

क्या घर में रखी गोल्ड ज्वेलरी की भी करानी होगी हॉलमार्किंग? आम आदमी के लिए क्या नियम

Friday May 27, 2022,

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भारत में सोने के आभूषण (Gold Jewellery) और कलाकृतियों की अनिवार्य हॉलमार्किंग (Gold Hallmarking) का दूसरा चरण 1 जून 2022 से शुरू हो रहा है. गोल्ड हॉलमार्किंग 16 जून 2021 तक स्वैच्छिक थी, उसके बाद सरकार ने सोने की अनिवार्य हॉलमार्किंग को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का फैसला लिया. पहले चरण में देश के 256 जिलों को इसके दायरे में लाया गया. अभी ज्वेलर्स की ओर से बिक्री से पहले 14 कैरेट, 18 कैरेट, 22 कैरेट शुद्धता वाली गोल्ड ज्वेलरी के लिए हॉलमार्किंग अनिवार्य है.

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार, अनिवार्य हॉलमार्किंग के दूसरे चरण के दायरे में गोल्ड ज्वेलरी के तीन अतिरिक्त कैरेट 20, 23 और 24 कैरेट भी आएंगे. साथ ही 32 नए जिले भी दूसरे चरण के दायरे में आएंगे. इसका अर्थ यह हुआ कि 1 जून से ज्वेलर केवल हॉलमार्क वाली गोल्ड ज्वेलरी ही बेच सकेंगे, फिर चाहे उसकी शुद्धता कुछ भी हो.

केवल ज्वेलर्स के लिए है गोल्ड हॉलमार्किंग का नियम

गोल्ड ज्वेलरी की हॉलमार्किंग केवल ज्वेलर्स को करानी है. वे बिना हॉलमार्क वाली ज्वेलरी नहीं बेच सकते ताकि ज्वेलरी की शुद्धता को लेकर पूरी पारदर्शिता रहे और ग्राहक के साथ कोई धोखाधड़ी न हो सके. लेकिन ग्राहक चाहे तो जरूरत पड़ने पर अपने घर में रखी पुरानी बिना हॉलमार्क वाली ज्वेलरी को अभी भी चिंतामुक्त होकर बेच सकता है. उसे अपनी पुरानी ज्वेलरी हॉलमार्क कराने की जरूरत नहीं है. ज्वेलर्स, उपभोक्ता से बिना हॉलमार्क वाले पुराने सोने के आभूषण पहले की तरह ही खरीद सकता है.

पुरानी ज्वेलरी खरीदने के बाद ज्वेलर क्या कर सकता है

ज्वेलर के लिए पुरानी गोल्ड ज्वेलरी रॉ मैटेरियल होती है. वह चाहे तो ग्राहक से खरीदी गई गोल्ड ज्वेलरी को वह जैसी है, उसी रूप में हॉलमार्क करा सकता है. या फिर उन्हें पिघलाने के बाद नई ज्वेलरी बनाकर हॉलमार्क कराई जा सकती है.

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क्या ग्राहक खुद से अपनी ज्वेलरी हॉलमार्क करा सकता है?

ग्राहक खुद से अपनी ज्वेलरी पर हॉलमार्किंग नहीं करा सकता. इसकी वजह है कि गोल्ड ज्वेलरी पर हॉलमार्किंग को लेकर एग्रीमेंट साइन होता है. यह एग्रीमेंट केवल ज्वेलर्स के लिए होता है. एग्रीमेंट के बाद ज्वेलर को एक लाइसेंस जारी होता है और उसके बाद ही वे BIS सेंटर्स से गोल्ड ज्वेलरी को हॉलमार्क करा सकते हैं. किसी ग्राहक को यह लाइसेंस जारी नहीं किया जाता. अगर ग्राहक अपनी पुरानी गोल्ड ज्वेलरी को हॉलमार्क कराना ही चाहता है तो उसे BIS रजिस्टर्ड ज्वेलर से कॉन्टैक्ट करना होगा. इसके लिए ज्वेलर, ग्राहक से 35 रुपये प्रति गोल्ड ज्वैलरी का शुल्क लेगा.