मोबाइल चोरी पर लगाम के लिए सरकार का कदम, अब फोन बनाने वालों को अनिवार्य रूप से करना होगा यह काम

By yourstory हिन्दी
September 28, 2022, Updated on : Wed Sep 28 2022 08:44:30 GMT+0000
मोबाइल चोरी पर लगाम के लिए सरकार का कदम, अब फोन बनाने वालों को अनिवार्य रूप से करना होगा यह काम
मैन्युफैक्चरर्स को सभी मोबाइल फोन्स, चाहे वे भारत में बने हों या फिर इंपोर्ट किए गए हों, का IMEI नंबर इस पोर्टल पर दर्ज कराना होगा.
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भारत में अब बिक्री से पहले सभी मोबाइल फोन्स की अंतरराष्ट्रीय मोबाइल उपकरण पहचान संख्या (IMEI Number) का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा. यह नियम 1 जनवरी 2023 से प्रभावी होने वाला है. सरकार ने 26 सितंबर को इस बारे में जारी अधिसूचना में कहा है कि भारत में बिकने वाले सभी मोबाइल हैंडसेट के IMEI नंबर को, मैन्युफैक्चरर्स को उसके एंटी-काउंटरफिट एंड लॉस्ट हैंडसेट ब्लॉकिंग पोर्टल पर रजिस्टर करना होगा.


अधिसूचना में कहा गया है कि मैन्युफैक्चरर्स को सभी मोबाइल फोन्स, चाहे वे भारत में बने हों या फिर इंपोर्ट किए गए हों, का IMEI नंबर इस पोर्टल पर दर्ज कराना होगा. साथ ही इंडियन काउंटरफिटेड डिवाइस रिस्ट्रिक्शन पोर्टल से IMEI सर्टिफिकट लेना होगा. इस पोर्टल को भारत सरकार का डिपार्टमेंट ऑफ टेलिकम्युनिकेशंस चलाता है.

क्या है IMEI नंबर

यह अधिसूचना मोबाइल उपकरण पहचान संख्या से छेड़छाड़ रोधक (संशोधन) नियम, 2022 (Mobile Device Equipment Identification Number (Amendment) Rules, 2022) के तहत जारी की गई है. प्रत्येक मोबाइल फोन का एक विशिष्ट, 15 अंक का IMEI नंबर होता है. यह संबंधित उपकरण की पहचान संख्या होती है. कई बार मोबाइल फोन गुम होने के बाद उनको ढूंढ पाना मुश्किल होता है. इसकी वजह यह है कि दूरसंचार नेटवर्क में एक ही IMEI नंबर के जाली उपकरण भी होते हैं.


सरकार ने खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक और ट्रेस करने के लिए सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) प्रोजेक्ट लॉन्च किया है और ऐसे हैंडसेट के प्रसार को रोकने के लिए इंडियन काउंटरफिटेड डिवाइस रिस्ट्रिक्शन (ICDR) सिस्टम को जोड़ा है. फिलहाल पोर्टल पर चोरी या गुम हुए मोबाइल को ब्लॉक करने की सुविधा भर ही उपलब्ध है. CEIR प्रोजेक्ट नकली उपकरणों के मुद्दे को हल करके खोए हुए मोबाइल फोन के मुद्दे को हल करने के लिए भी काम कर रहा है.

इंपोर्टर्स के लिए नियम

नई अधिसूचना से, इंपोर्टेड डिवाइसेज के IMEI नंबर को भी ICDR सिस्टम पर रजिस्टर करना जरूरी होगा. साथ ही विभिन्न कस्टम्स पोर्ट्स के माध्यम से मोबाइल उपकरणों के आयात के लिए आईएमईआई प्रमाणपत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा. भारत में बिक्री, परीक्षण, अनुसंधान या किसी अन्य उद्देश्य के लिए आयात किए गए मोबाइल फोन का IMEI नंबर, आयातक द्वारा भारत सरकार के ICDR पोर्टल के साथ दूरसंचार विभाग में, आयात करने से पहले रजिस्टर किया जाएगा.

28 जनवरी 2020 से है ICDR प्रणाली

ICDR प्रणाली 28 जनवरी 2020 से चालू है. इसे बिना किसी शुल्क के रजिस्ट्रेशन और IMEI प्रमाणपत्रों के जनरेशन के लिए एक वेब पोर्टल के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है. नए सिस्टम ने पुराने IMEI क्लोनिंग और डुप्लीकेशन रिस्ट्रिक्शन सिस्टम को रिप्लेस किया है, जिसे एक निजी निकाय ‘मोबाइल स्टैंडर्ड अलायंस ऑफ इंडिया’ (MSAI) द्वारा संचालित और मेंटेन किया जाता था. MSAI अब IMEI सर्टिफिकेट्स के जनरेशन या उन्हें जारी करने के लिए ऑथराइज्ड नहीं है और सरकार, सिस्टम को सीधे संचालित करती है.


Edited by Ritika Singh