Paytm का साथ छोड़ रहे विदेशी निवेशक, एक साल से भी कम समय में 3 करोड़ से अधिक शेयर बेच डाले

By yourstory हिन्दी
November 02, 2022, Updated on : Fri Nov 04 2022 06:35:48 GMT+0000
Paytm का साथ छोड़ रहे विदेशी निवेशक, एक साल से भी कम समय में 3 करोड़ से अधिक शेयर बेच डाले
पिछले साल 17 नवंबर को, स्टॉक को बहुत धूमधाम के बीच सूचीबद्ध होने से एक दिन पहले, पेटीएम के पास 127 विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक थे. इन निवेशकों के पास कंपनी के 6.71 करोड़ शेयर थे, जो शेयरधारकों के 10.37 फीसदी का प्रतिनिधित्व करते थे.
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ऐसे समय में जब खुदरा निवेशकों ने भारतीय बाजारों में अपने दांव को दोगुना कर दिया है, तब विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने आईपीओ लाने के एक साल से भी कम समय में 2.97 करोड़ शेयर या Paytm में अपनी हिस्सेदारी का 44% हिस्सा छोड़ दिया है.


पिछले साल 17 नवंबर को, स्टॉक को बहुत धूमधाम के साथ सूचीबद्ध होने से एक दिन पहले, पेटीएम के पास 127 विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक थे. इन निवेशकों के पास कंपनी के 6.71 करोड़ शेयर थे, जो शेयरधारकों के 10.37 फीसदी का प्रतिनिधित्व करते थे.


हालांकि, सितंबर में सामने आए शेयर होल्डिंग पैटर्न से पता चलता है कि एफपीआई ने अपनी 44 फीसदी हिस्सेदारी बेच दी है और अब केवल 3.74 करोड़ शेयरों के मालिक हैं.


आंकड़ों से पता चलता है कि एफपीआई की संख्या भी बाद में घटकर 88 रह गई है. आईपीओ आने के दौरान कंपनी में 1.21 फीसदी हिस्सेदारी वाले मॉर्गन स्टेनली एशिया (सिंगापुर) का नाम अब शेयरधारकों की सूची से गायब है, क्योंकि स्वामित्व 1 फीसदी से नीचे गिर सकता है.


हालांकि, जैसे ही बड़े निवेशकों ने पेटीएम का साथ छोड़ा वैसे ही खुदरा निवेशकों ने स्टॉक को हाथों हाथ ले लिया. दो लाख से कम निवेश वाले रिटेल शेयरहोल्डिंग ने सितंबर के अंत में लिस्टिंग के समय 2.79 फीसदी से बढ़कर 6.37 फीसदी हो गया है. म्यूचुअल फंड ने भी पेटीएम में अपनी हिस्सेदारी 0.81 फीसदी से बढ़ाकर 1.26 फीसदी कर दी है.


सूचीबद्ध होने के दौरान देश का सबसे बड़ा IPO माने जाने वाले पेटीएम के शेयर 2,150 रुपये के शुरुआती मूल्य पर बेचे गए और लिस्टिंग के बाद से गिरावट का दौर जारी है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ती जा रही है. अपने आईपीओ इश्यू मूल्य की तुलना में स्टॉक 70 फीसदी से अधिक नीचे है क्योंकि निवेशक घाटे में चल रही कंपनियों का साथ छोड़ रहे हैं.


हाल ही में पेटीएम पर 12 महीने के टारगेट प्राइस 1,100 रुपये के साथ सामने आने वाले ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स  ने कहा वह उम्मीद करता है कि पेटीएम अगली कुछ तिमाहियों के लिए 50 फीसदी राजस्व वृद्धि प्रदान करेगा और पहले के केवल पेमेंट्स व्यवसाय वाले प्लेटफॉर्म से एक मजबूत वित्तीय सेवा पोर्टफोलियो में बदलने में सक्षम होगा.


बता दें कि, इस महीने की शुरुआत में डिजिटल वित्तीय सेवा कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस ने बताया था कि उसके ऋण वितरण की वार्षिक दर सितंबर में 17 प्रतिशत बढ़कर 34,000 करोड़ रुपये हो गई. कंपनी पेटीएम ब्रांड नाम के तहत कारोबार करती है.


कंपनी ने बताया कि अगस्त 2022 में उसके ऋण वितरण की वार्षिक दर 29,000 करोड़ रुपये थी. सितंबर तिमाही में पेटीएम द्वारा वितरित ऋणों की कुल संख्या बढ़कर लगभग 92 लाख हो गई, जो एक साल पहले 28.41 लाख थी.


समीक्षाधीन तिमाही में पेटीएम द्वारा बांटे गए कुल ऋण की मात्रा बढ़कर 7,313 करोड़ रुपये हो गई, जो सितंबर 2021 तिमाही के 1,257 करोड़ रुपये की तुलना में छह गुना है.


Edited by Vishal Jaiswal