Hindi Diwas: हिंदी और वर्नाक्युलर एजुकेशन को बढ़ावा दे रहे हैं ये स्टार्टअप्स
हिंदी दिवस 2026 पर जानिए 6 भारतीय EdTech प्लेटफॉर्म के बारे में. Entri, Vidyakul, Skill Darpan, Adda247, PhysicsWallah और Testbook हिंदी व दूसरी भारतीय भाषाओं में पढ़ाई, परीक्षा की तैयारी और स्किल्स सीखने का विकल्प दे रहे हैं.
भारत में पढ़ाई और करियर की दुनिया लंबे समय तक अंग्रेजी के इर्द-गिर्द घूमती रही. अच्छी किताब चाहिए तो अंग्रेजी, ऑनलाइन कोर्स करना है तो अंग्रेजी और नई टेक्नोलॉजी सीखनी है तो भी अंग्रेजी. ऐसे में उन छात्रों के लिए सीखने का रास्ता मुश्किल हो जाता था, जो हिंदी या किसी दूसरी भारतीय भाषा में चीजों को ज्यादा आसानी से समझते हैं.
लेकिन इंटरनेट और डिजिटल शिक्षा के विस्तार के साथ यह तस्वीर धीरे-धीरे बदल रही है. अब पढ़ाई सिर्फ बड़े शहरों और अंग्रेजी माध्यम तक सीमित नहीं है. देश के छोटे शहरों और गांवों तक पहुंच रहे एडटेक प्लेटफॉर्म स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई, परीक्षा की तैयारी और नौकरी से जुड़ी स्किल्स उपलब्ध करा रहे हैं.
हिंदी दिवस 2026 के मौके पर जानते हैं ऐसे पांच भारतीय प्लेटफॉर्म और स्टार्टअप्स के बारे में, जो अपनी भाषा में सीखने का रास्ता आसान बना रहे हैं.
1. Vidyakul
भारत में बड़ी संख्या में छात्र स्टेट बोर्ड से पढ़ते हैं. इनमें से कई छात्र हिंदी और दूसरी भारतीय भाषाओं में पढ़ाई करते हैं. इसी जरूरत को समझते हुए तरुण सैनी और रमन गर्ग ने 2018 में Vidyakul की शुरुआत की.
कंपनी का फोकस टियर-2 और टियर-3 शहरों के छात्रों तक अफोर्डेबल और वर्नाक्युलर एजुकेशन पहुंचाने पर रहा है. Vidyakul की वेबसाइट के मुताबिक, प्लेटफॉर्म कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए हिंदी, गुजराती, मराठी और हिंग्लिश में लाइव लेक्चर और रिकॉर्डेड कोर्स उपलब्ध कराता है.
कंपनी ने स्थानीय शिक्षकों और स्टेट बोर्ड के पाठ्यक्रम को अपने मॉडल का हिस्सा बनाया. बाद में अखिल हरि अंगीरा भी को-फाउंडर और चीफ बिजनेस ऑफिसर के तौर पर टीम से जुड़े.
Vidyakul की कहानी यह दिखाती है कि भारत में हर छात्र सीबीएसई या अंग्रेजी माध्यम से नहीं पढ़ता. किसी छात्र के लिए फिजिक्स का कोई कॉन्सेप्ट हिंदी में समझना आसान हो सकता है, तो किसी दूसरे के लिए मैथ्स मराठी या गुजराती में. डिजिटल शिक्षा में इस जरूरत को जगह देना ही Vidyakul के मॉडल की खासियत है.
2. Skill Darpan
शिक्षा अब सिर्फ स्कूल और प्रतियोगी परीक्षाओं तक सीमित नहीं है. डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजाइन और दूसरी टेक्निकल स्किल्स की मांग बढ़ रही है. लेकिन इन क्षेत्रों में ज्यादातर लर्निंग कंटेंट अब भी अंग्रेजी में मिलता है.
बिहार से शुरू हुआ Skill Darpan इसी अंतर को कम करने की कोशिश कर रहा है. इसकी शुरुआत दयानंद कुमार मेहता और सुप्रिया प्रभात ने जनवरी 2024 में की थी. कंपनी का फोकस टियर-2 और टियर-3 शहरों के छात्रों और लर्नर्स पर है.
Skill Darpan जॉब-रेडी कोर्स और इंडस्ट्री-ओरिएंटेड स्किल डेवलपमेंट पर काम करता है. संस्थापकों के अपने अनुभव ने भी इसके मॉडल को आकार दिया. टियर-3 बैकग्राउंड से आने वाले दयानंद कुमार मेहता ने भाषा और एक्सपोजर की समस्या को करीब से महसूस किया और क्षेत्रीय भाषाओं में प्रोफेशनल स्किल्स उपलब्ध कराने की दिशा में काम शुरू किया.
2025 में कंपनी को स्टार्टअप बिहार, अटल इनक्यूबेशन सेंटर और CIMP के B.HUB जैसे इकोसिस्टम सपोर्ट मिले थे.
3. Entri
कोच्चि से शुरू हुआ Entri वर्ष 2015 से वर्नाक्युलर लर्निंग पर काम कर रहा है. इसकी शुरुआत मोहम्मद हिसामुद्दीन और राहुल रमेश ने की थी. कंपनी का मकसद ऐसे लर्नर्स तक शिक्षा और नौकरी की तैयारी पहुंचाना है, जो अंग्रेजी के बजाय अपनी भाषा में सीखना पसंद करते हैं.
Entri के प्लेटफॉर्म पर हिंदी के साथ मलयालम, तमिल, कन्नड़, तेलुगु, उर्दू, मराठी, बंगाली, गुजराती और ओड़िया जैसी भाषाओं में कंटेंट उपलब्ध है. यहां प्रतियोगी परीक्षाओं के अलावा स्किल डेवलपमेंट और नौकरी से जुड़े कोर्स भी मिलते हैं.
Entri का मॉडल इस सोच पर आधारित है कि किसी लर्नर की क्षमता उसकी अंग्रेजी पर निर्भर नहीं होनी चाहिए. अगर कोई युवा हिंदी में बेहतर समझता है तो उसे उसी भाषा में सीखने का विकल्प मिलना चाहिए. यही वजह है कि क्षेत्रीय भाषाओं में शिक्षा और रोजगार की तैयारी का यह मॉडल भारत जैसे विविध भाषाई देश में खास महत्व रखता है.
4. Adda247
सरकारी नौकरी आज भी देश के लाखों युवाओं का बड़ा लक्ष्य है. एसएससी, बैंकिंग, रेलवे, टीचिंग और डिफेंस जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए हर साल बड़ी संख्या में छात्र ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का रुख करते हैं.
अनिल नागर और सौरभ बंसल ने इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए Adda247 को आगे बढ़ाया. दोनों ने शुरुआत में करियर पावर के जरिए प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग पर काम किया और बाद में Adda247 का विस्तार किया.
आज प्लेटफॉर्म पर लाइव क्लासेज, रिकॉर्डेड कोर्सेज, मॉक टेस्ट, किताबें और दूसरी परीक्षा तैयारी सामग्री उपलब्ध है. इसकी खासियत इसका वर्नाक्युलर एजुकेशन मॉडल है. कंपनी ने हिंदी के अलावा बंगाली, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, पंजाबी और दूसरी भारतीय भाषाओं में भी कंटेंट उपलब्ध कराया है.
टियर-2 और टियर-3 शहरों के छात्रों के लिए इसका महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि कई बार समस्या परीक्षा का सिलेबस नहीं, बल्कि उसे समझने की भाषा होती है. अपनी भाषा में कॉन्सेप्ट समझ आने से तैयारी का अनुभव काफी आसान हो सकता है.
5. PhysicsWallah
PhysicsWallah की शुरुआत अलख पांडे ने 2016 में यूट्यूब चैनल से की थी. उनका लक्ष्य JEE और NEET जैसी परीक्षाओं के लिए अफोर्डेबल एजुकेशन उपलब्ध कराना था. बाद में प्रतीक माहेश्वरी को-फाउंडर के तौर पर उनके साथ जुड़े.
हिंदी और हिंग्लिश में आसान तरीके से पढ़ाने की शैली ने PhysicsWallah को बड़ी संख्या में छात्रों तक पहुंचाया. समय के साथ इसका दायरा फिजिक्स से आगे बढ़कर जेईई, नीट, यूपीएससी, एनडीए, यूजीसी नेट और बोर्ड परीक्षाओं तक पहुंच गया.
2026 में भी प्लेटफॉर्म पर हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए अलग बैच उपलब्ध हैं. इनमें लाइव क्लासेज, रिकॉर्डेड लेक्चर्स, डेली प्रैक्टिस प्रॉब्लम्स, टेस्ट सीरीज और डाउट सपोर्ट जैसी सुविधाएं शामिल हैं.
PhysicsWallah की कहानी बताती है कि टेक्नोलॉजी, अफोर्डेबल फीस और आसान भाषा का संयोजन शिक्षा को बड़े पैमाने पर छात्रों तक पहुंचा सकता है. खासकर उन छात्रों के लिए, जो अंग्रेजी माध्यम की सामग्री के बजाय हिंदी में कॉन्सेप्ट समझना पसंद करते हैं.
6. Testbook
Testbook की शुरुआत 2014 में IIT के पूर्व छात्रों ने मिलकर की थी. शुरुआती कोर टीम में आशुतोष कुमार, नरेंद्र अग्रवाल, मनोज मुन्ना, प्रवीण अग्रवाल, यदवेंद्र चंपावत और अभिषेक सागर शामिल थे.
शुरुआत में प्लेटफॉर्म का फोकस गेट जैसी परीक्षाओं पर था. बाद में इसका विस्तार सरकारी भर्ती और दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं तक हुआ. आज Testbook एसएससी, रेलवे, बैंकिंग, टीचिंग, डिफेंस, इंजीनियरिंग और कई दूसरी परीक्षाओं के लिए तैयारी सामग्री उपलब्ध कराता है.
हिंदी लर्नर्स के लिए भी इसका बड़ा इकोसिस्टम है. इसके प्लेटफॉर्म पर एसएससी, रेलवे और दूसरी परीक्षाओं के लिए हिंदी में टेस्ट सीरीज और तैयारी सामग्री उपलब्ध है. कुछ टेस्ट सीरीज हिंदी के साथ दूसरी भारतीय भाषाओं में भी हैं.
Testbook का हिंदी कंटेंट सिर्फ प्रतियोगी परीक्षाओं तक सीमित नहीं है. प्लेटफॉर्म पर यूजीसी नेट हिंदी के लिए फाउंडेशन कोर्स भी उपलब्ध हैं, जिनमें हिंदी भाषा, साहित्य का इतिहास, कविता, कहानी, उपन्यास और नाटक जैसे विषय शामिल हैं.
एडटेक स्टार्टअप Classplus ने 2022 में Testbook में हिस्सेदारी खरीदी थी.
भाषा से आगे बढ़ते कदम
इन छह प्लेटफॉर्म की कहानियों को साथ रखकर देखें तो भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव दिखाई देता है. देश का हर लर्नर एक जैसा नहीं है. किसी की पहली भाषा हिंदी है, कोई तमिल में सहज है, तो कोई बंगाली, मराठी या गुजराती में.
लेकिन सीखने और आगे बढ़ने की जरूरत सबकी समान है. हर छात्र अच्छी शिक्षा चाहता है, नई स्किल सीखना चाहता है और बेहतर करियर बनाना चाहता है.
यही वजह है कि भाषा अब सिर्फ कंटेंट का माध्यम नहीं, बल्कि एजुकेशन तक पहुंच का अहम हिस्सा बन रही है. Entri ने रीजनल लैंग्वेजेज को स्किल और नौकरी की तैयारी से जोड़ा है. Vidyakul ने स्टेट बोर्ड के छात्रों पर फोकस किया है. Skill Darpan रीजनल बैकग्राउंड से आने वाले युवाओं को जॉब-रेडी स्किल्स देने की कोशिश कर रहा है. Adda247, PhysicsWallah और Testbook ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को हिंदी और दूसरी भारतीय भाषाओं में पहुंचाया है.
इन कंपनियों की कहानी सिर्फ टेक्नोलॉजी की कहानी नहीं है. यह एक्सेस की कहानी है. उस छात्र की कहानी है, जिसके पास प्रतिभा है, लेकिन अंग्रेजी उसकी सबसे मजबूत भाषा नहीं है. उस युवा की कहानी है, जो छोटे शहर से आता है, लेकिन बड़े सपने देखता है.
हिंदी दिवस सिर्फ हिंदी की विरासत को याद करने का दिन नहीं है. यह इस बात पर सोचने का मौका भी है कि आने वाले भारत में एजुकेशन किस भाषा में होगी.
शायद इसका जवाब सिर्फ हिंदी या अंग्रेजी नहीं होगा. भारत का अगला बड़ा लर्निंग रिवॉल्यूशन कई भारतीय भाषाओं में एक साथ होगा. जहां छात्र अपनी भाषा में सीखेगा, अपनी समझ के साथ आगे बढ़ेगा और अपनी क्षमता के दम पर अपना करियर बनाएगा.



