जानिये आइसीएस (ICS) से यूपीएससी (UPSC) बनने तक की कहानी

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इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज, इंडियन पुलिस सर्विसेज, इंडियन फॉरेस्ट सर्विसेज, संघ लोक सेवा आयोग की तीन प्रमुख भारतीय सेवाएं हैं. आज हम इंडियन सिविल सर्विसेज के अस्तित्व में आने के इतिहास पर एक नज़र डालेंगे.

इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज

इंडियन सर्विसेज की प्रस्तावना लॉर्ड मैकाले ने 1854 में रखी थी. इस पर अमल करते हुए अगले साल 1855 में इंडियन सिविल सर्विसेज की मेरिट बेस्ड परीक्षा पहली बार ली गयी. परीक्षा सिर्फ लन्दन में ली जाती थी. सिलेबस को इस तरह तैयार किया गया था कि भारतीयों के लिए वह परीक्षा पास करना बहुत कठिन था. मसलन, परीक्षा में यूरोपियन क्लासिक्स से ज्यादा अंक के प्रश्न पूछे जाते थे.

साल 1864 में रवींद्रनाथ टैगोर के भाई सत्येन्द्रनाथ टैगोर इंडियन सिविल सर्विसेज उत्तीर्ण करने वाले पहले भारतीय बने. तीन साल बाद, 1868 में, चार और भारतीयों ने यह परीक्षा पास की. उत्तीर्ण करने वालों की संख्या कम होने की एक वजह इस परीक्षा का सेंटर लन्दन में होना था. इसे बदले जाने की मांग भारतीय करते रहे पर इस पर अमल होने में तकरीबन 50 साल लग गए.

पहले विश्व युद्ध के बाद, मोंटेग चेम्सफोर्ड रिफॉर्म के तहत, 1922 से इंडियन सिविल सर्विसेज की परीक्षा लन्दन के साथ-साथ भारत में भी होने लगी. इसका पहला परीक्षा केंद्र इलाहाबाद था और बाद में दिल्ली इसका परीक्षा केंद्र बना. 1920 में लन्दन में हुई परीक्षा में उत्‍तीर्ण होने वालों में सुभाषचन्द्र बोस भी थे, जो चौथे स्‍थान पर चयनित हुए थे.

इंडियन पुलिस सर्विसेज

यही किस्सा रहा पुलिस डिपार्टमेंट का भी. इंडियन (ब्रिटिश राज) पुलिस की पहली परीक्षा इंग्लैंड में साल 1893 में हुई थी. 1920 तक भारतीय इस परीक्षा के लिए आवेदन नहीं डाल सकते थे. 1920 के बाद ही इस परीक्षा का केंद्र इंग्लैंड के साथ-साथ भारत में भी बना. हालांकि 1931 तक, कुल सीटों में से सिर्फ 20 फीसदी सीटों पर ही भारतीय मूल के लोगों का चयन किया जाता था.

धीरे-धीरे अंग्रेजों के बदले ज्यादा भारतीयों की भर्तियाँ शुरू हो गईं. इसकी एक वजह अंग्रेजों का परीक्षा के लिए कम आवेदन करना भी था. 1939 के बाद से ऐसा हुआ कि पुलिस सेवा में ज्‍यादातर भारतीय ही चुने जाने लगे.

इंडियन फॉरेस्ट सर्विसेज

भारत सरकार की तीन अखिल भारतीय सेवाओं में से एक भारतीय वन सेवा (इंडियन फॉरेस्ट सर्विसेज) की जड़ें इम्पीरियल फॉरेस्ट डिपार्टमेंट से जुड़ हैं, जिसकी शुरुआज अंग्रेजों 1864 में की थी. इम्पीरियल फॉरेस्ट सर्विसेज साल 1867 में शुरू की गई.

इस सर्विस में भर्ती होने वाले लोगों को 1885 तक फ्रांस और जर्मनी में ट्रेनिंग दी जाती थी. 1905 से फिर यह ट्रेनिंग लंदन में दी जाने लगी. 1920 में जाकर इसकी भर्ती इंग्लैंड और भारत दोनों देशों में शुरू की गयी. आज़ादी के बाद 1966 में इंडियन फॉरेस्ट सर्विसेज अस्तित्व में आया.

लोक सेवा आयोग की स्‍थापना भारत में साल 1926 में हुई. लेकिन जनवरी 26, 1950 में भारत का संविधान बनने के बाद इसका नाम बदलकर संघ लोक सेवा आयोग कर दिया गया, जिस नाम से आज हम इसे जानते हैं.

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