हरी नहीं.. लाल भिंडी की करिए खेती, मिलेगा लागत का तीन गुना मुनाफा, हाथों-हाथ खरीद लेंगे लोग!

By Anuj Maurya
December 08, 2022, Updated on : Fri Dec 09 2022 11:09:19 GMT+0000
हरी नहीं.. लाल भिंडी की करिए खेती, मिलेगा लागत का तीन गुना मुनाफा, हाथों-हाथ खरीद लेंगे लोग!
अगर आप हरी भिंडी के बजाय लाल भिंडी की खेती करेंगे तो ज्यादा मुनाफा होगा. ऐसा इसलिए क्योंकि यह हरी भिंडी से महंगी होती है. इससे स्वास्थ्य को होने वाले फायदे भी हरी भिंडी की तुलना में अधिक हैं.
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भिंडी की सब्जी तो आपने खाई ही होगी. कुछ लोग भिंडी की भुजिया सब्जी बनाते हैं तो कुछ भरवा भिंडी पसंद करते हैं. मिक्स वेज में भी भिंडी डाली जाती है. वैसे तो जब भी भिंडी (Lady Finger) की बात होती है तो आपके जेहन में हरे रंगी की लंबी सी भिंडी की तस्वीर उभरती होगी, लेकिन क्या आपने कभी लाल भिंडी (Red Okra) के बारे में सुना है? जी हां, सही सुना आपने, लाल भिंडी. आजकल बहुत सारे किसान लाल भिंडी की खेती करते हैं और तगड़ा मुनाफा कमाते हैं. विदेशों में तो इसकी खूब खेती होती है, लेकिन अब भारत में भी लोग लाल भिंडी को पसंद करने लगे हैं. ऐसे में आप इसे एक बिजनस आइडिया (Agriculture Business Idea) की तरह भी देख सकते हैं. आइए जानते हैं कैसे होती है लाल भिंडी की खेती (How to do Red Lady Finger Farming) और समझते हैं कि हरी भिंडी से ये कैसे है अलग.

हरी भिंडी से ज्यादा हैं लाल भिंडी के फायदे

लाल भिंडी की कीमत हरी भिंडी से ज्यादा तो होती ही है, साथ ही यह हरी भिंडी के मुकाबले अधिक पौष्टिक भी होती है. लाल भिंडी से स्वास्थ्य को बहुत से फायदे होते हैं. यह एंटी ऑक्सीडेंट होती हैं और इसमें भरपूर मात्रा में आयरन पाया जाता है. इसके सेवन से डायबिटीज और दिल की बीमारी वाले लोगों को बहुत फायदा मिलता है. स्वास्थ्य से जुड़े बहुत सारे फायदों की वजह से ही लाल भिंडी की मांग अधिक है और इसी वजह से इसकी कीमत भी अधिक है. लाल भिंडी को लोग हाथों-हाथ खरीद लेते हैं. इस भिंडी में बीमारियां भी कम लगती हैं, जिससे किसानों को कम कीटनाशक का छिड़काव करना होता है. बता दें कि क्लोरोफिल (जिसकी वजह से पौधों का रंग हरा दिखता है) की वजह से ही कीड़े फलों और सब्जियों की ओर आकर्षित होते हैं.

कब और कैसे होती है लाल भिंडी की खेती?

लाल भिंडी की खेती रबी और खरीफ दोनों वक्त में होती है. हालांकि, इसके लिए आपको बीज खरीदते वक्त यह ध्यान रखना होगा कि वह किस सीजन के बीज हैं. जिस खेत में भी भिंडी की खेती करें, उसमें ध्यान रखें कि पानी ना रुके, वरना पौधे खराब हो सकते हैं. लाल भिंडी हरी भिंडी के मुकाबले हार्वेस्टिंग के लिए भी जल्दी तैयार हो जाती है और अधिक वक्त तक फल देती रहती है. इसमें 45-50 दिन में ही फल मिलने शुरू हो जाते हैं और करीब 6 महीने तक मिलते रहते हैं.

कहां से मिलेगा लाल भिंडी का बीज?

लाल भिंडी का बीज आप ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं या फिर किसी बीज भंडार से भी ले सकते हैं. अगर आप बड़े लेवल पर खेती कर रहे हैं तो इंडियामार्ट जैसी वेबसाइट से आप बीज खरीद सकते हैं. बनारस के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ वेजिटेबल रिसर्च सेंटर से आप करीब 2500 रुपये प्रति किलो के भाव से लाल भिंडी के बीज पा सकते हैं. इसी रिसर्च सेंटर में लाल भिंडी की काशी लालिमा किस्म को विकसित किया गया है.

कितनी लागत, कितना मुनाफा?

अगर एक हेक्टेयर में भिंडी की खेती की बात करें तो आपको करीब 2 किलो भिंडी के बीज की जरूरत होगी. इन्हें 1X3 फुट की दूरी पर लगाना चाहिए. इस तरह आपको एक हेक्टेयर (2.5 एकड़) में बीज के लिए करीब 5 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ेंगे. इसके अलावा खेत की जुताई, बुआई, सिंचाई, उर्वरक, कीटनाशक, हार्वेस्टिंग, ट्रांसपोर्टेशन, लेबर आदि में आपका 2 लाख रुपये तक का खर्च आ सकता है. एक अनुमान के मुताबिक एक हेक्टेयर में करीब 120-130 क्विंटल लाल भिंडी की पैदावर मिल सकती है. यह भिंडी रिटेल मार्केट में करीब 70-80 रुपये किलो में बिकती है, जबकि थोक में यह आसानी से 40-50 रुपये किलो में बिक जाएगी. ऐसे में आपको एक हेक्टेयर में खेती से करीब 6-7 लाख रुपये की कमाई होगी. अगर इसमें से लागत वाले 2 लाख रुपये निकाल भी दें तो आपको करीब 4-5 लाख रुपये का मुनाफा होगा.