कैसे मल्टीप्लेक्स के अनुभव को 'ग्रामीण भारत' में ला रहा है एंटरटेनमेंट स्टार्टअप Jadooz

11th Jun 2019
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JADOZ

Jadooz की टीम

काम और शिक्षा के चलते राहुल नेहरा दुनिया भर में घूमे हैं, लेकिन जल्द ही उन्हें एहसास हुआ कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक गाँव यानी उनके गृह नगर में मनोरंजन और शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी खाई है। इसी खाई को पाटने के विचार ने उन्हें जादूज (Jadooz) शुरू करने के लिए प्रेरित किया। शहरी, अर्ध-शहरी और अर्ध-ग्रामीण भारत में अगली पीढ़ी के लिए मनोरंजन स्थल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से, जादूज के मनोरंजन केंद्र टीयर II और III शहरों में स्थित हैं। इनमें एक 50-80 सीटर सिनेमा, एक वीआर कैफे और एक edutainment प्वाइंट शामिल हैं। लोकेशन और सस्ती कीमतों की सुविधा उपभोक्ता के लिए एक अलग ही अनुभव प्रदान करती है।


राहुल कहते हैं, “लागत के हर अंश पर एक बेहतर अनुभव प्राप्त करने के लिए प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढांचे, कार्यान्वयन, मैनेजमेंट मैट्रिक्स को फिर से परिभाषित करना और निष्पादन की समय सीमा को पूरा करना प्रमुख चुनौती थी। यह नई तकनीक के निर्माण, मौजूदा विकल्पों का सही इस्तेमाल, जमीनी स्तर से डिजाइन तैयार करने (कॉपीराइट सहित) और निष्पादन की उत्कृष्टता को बढ़ाकर हासिल किया गया।"


शोभना और रवि किशन का साथ

कुछ महीनों के लिए, राहुल ने अकेले काम किया लेकिन उनका कहना है कि उनके लिए सबसे बड़ी खुशी का पल पहली बार तब था जब उन्होंने यूपी के एक छोटे से गाँव में प्रोजेक्टर चलाया। वह कहते हैं, "किंग खान के बड़े पर्दे पर दिखाई देने के बाद दर्शकों के चेहरे पर जो खुशी थी, उसे देखकर मुझे खुशी हुई।" उन्होंने जल्द ही एक्टर, डांसर, और पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित शोभना, और भोजपुरी सुपरस्टार और सांसद रवि किशन के सामने अपना ये विचार रखा। राहुल उनकी प्रतिक्रिया को याद करते हुए कहते हैं: "यह गेम-चेंजिंग हो सकता है अगर आप इसे कर सकते हैं।"





वे कहते हैं, ''कुछ ही हफ्तों में, कियोरा प्रसाद एसएसवी (Kiora Prasad S.S.V) के संस्थापक और वीआर गुरू रजत ओझा को विश्वास होने लगा, और उन्होंने हमारे लिए तकनीक और वीआर को चलाने में मदद करनी शुरू कर दी। हमारा पहला विलेज प्रोटोटाइप बनाने में सहायक कनिका सिंघल ने हमें सह-संस्थापक और निवेशक के रूप में पूर्णकालिक रूप से ज्वाइन कर लिया। हमारे लिए अलाइनमेंट कभी भी एक चुनौती नहीं थी क्योंकि हम सभी ने ’जीवन को बदलने’ की दृष्टि और दृढ़ विश्वास से काम शुरू किया था।”


वर्तमान में, जादूज के भारत और नेपाल के पांच स्थानों पर 20 कर्मचारी हैं, और अर्थ वेंचर फंड के अनिरुद्ध दमानी के नेतृत्व में 1.85 करोड़ रुपये की सीड फंडिंग हासिल की है। फंडिंग की बात करते हुए अनिरुद्ध कहते हैं, "भारत के निवासी किफायती दामों पर और अधिक सुविधाजनक स्थानों पर एक शहरी थिएटर जाने का अनुभव चाहते हैं। जादूज टियर II और टियर III शहरों में एक विश्व स्तरीय फिल्म देखने के अनुभव के साथ छोटे थिएटरों का निर्माण करके उस मांग को पूरा कर रहा है। उनका सिनेमा, कैफे और वीआर जोन्स सभी शहरी मानकों पर निर्भर हैं। हम इस अनसुनी मांग को पूरा करने में एक बड़ा व्यापार अवसर देखते हैं, यही वजह है कि हमने जादूज को सपोर्ट करने का फैसला किया है।"


जादूज के पीछे की तकनीक

स्टार्टअप का अपना सिक्योर कंटेंट डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क है जो मुंबई नेटवर्क ऑपरेटिंग सेंटर से चलाया जाता है। कंटेंट को IP, सैटेलाइट और जादूज के सिक्योर ड्राइव के माध्यम से डिस्ट्रीब्यूट किया जाता है। इन-हाउस टीम इस सभी जोन्स को मैनेज करती है। स्पेस के मुताबिक ऑडियो-विजुअल एक्सपीरियंस को कस्टमाइज किया जाता है। उनके पास एक पावरफुल एआई-बेस्ड बिलिंग है, और विज्ञापन इंजन जादूज को पूरे क्षेत्र में बढ़ावा देता है।


राहुल कहते हैं कि टीम ने एक सुरक्षित वितरण प्रणाली - जादूज सिक्योर कंटेंट डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (JSDT) का निर्माण किया है। इसमें एक मर्डन-ऑडिटेड कंटेंट प्रोटेक्शन सिस्टम, AI- बेस्ड रिकमंडेशन इंजन, जादूज- डिजाइन प्लेयर्स थिएटर और जोन में, और एक सुरक्षित ऐप शामिल हैं। इसमें एक सेंट्रलाइज्ड वीआर डिलीवरी नेटवर्क और रिपोर्टिंग मकैनिज्म भी है। इसके अतिरिक्त, सभी जोन्स को सर्विलांस और रियल टाइम एक्सेस द्वारा कंट्रोल किया जाता है।


द नंबर्स

राहुल कहते हैं, “हम तीन सप्ताह में 10 से 22.5 लाख रुपये की कीमत पर बुनियादी ढांचे का निर्माण कर सकते हैं। यह मॉडल फ्रेंचाइजी के स्वामित्व वाली कंपनी द्वाराऑपरेटेड (FOCO) है जो 24 महीने की फ्रेंचाइजी ROI के साथ संचालित मॉडल है।” अब चार लोगों का परिवार एक साथ फिल्म देख सकता है, चाय नशा-नाश्ता कर सकता है और अधिकांश मेट्रो शहरों में एक ही अनुभव के लिए 2,500 रुपये खर्च करने की तुलना में केवल 500 रुपये में वीआर का अनुभव कर सकता है। कई मायनों में, जादूज पीवीआर और आईनॉक्स की पसंद के साथ प्रतिस्पर्धा करता है। हालांकि, स्टार्टअप का ध्यान टीयर II और III शहरों में एक मूवी और मल्टीप्लेक्स अनुभव देना है, जिस पर राहुल कहते हैं "बहुत कम ऑपरेटर हैं जो यह प्रदान करते हैं"।


वर्तमान में, इसके तीन ऑपरेशनल सेंटर हैं; दो देशों में 15 निर्माणाधीन हैं। इसमें अगले तीन वर्षों में 500 केंद्र बनाने के लिए भागीदारों के साथ समझौता ज्ञापन और समझौते भी शामिल हैं। संस्थापक का कहना है कि वे 2019 के अंत तक दो देशों में 25-35 केंद्र और 2020 के अंत तक 250 केंद्रों को छूने की उम्मीद कर रहे हैं। अंत में राहुल कहते हैं, “हम 25 देशों में 50 करोड़ उपभोक्ताओं के दरवाजे पर मनोरंजन और शिक्षा ले जाने का लक्ष्य रखते हैं। पांच साल में, हम 5,000 जोन्स और 5,000 करोड़ रुपये का सालाना कारोबार करना चाहेंगे।”





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