Web3 के इन उभरते टॉप 5 ट्रेंड्स का सोशल मीडिया पर क्या असर पड़ेगा?

Web3 के इन उभरते टॉप 5 ट्रेंड्स का सोशल मीडिया पर क्या असर पड़ेगा?

Saturday August 27, 2022,

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"Web3" शब्द की ईज़ाद 2014 में Ethereum के को-फाउंडर गेविन वुड (Gavin Wood) ने की थी. लेकिन पिछले साल इस शब्द ने तब सुर्खियां बटौरी जब Twitter और Discord कम्यूनिटी में इसको लेकर हलचल मची. Web3 का उद्देश्य यूजर्स को अपने डेटा पर ज्यादा कंट्रोल देना है.

Web 3.0 इंटरनेट की ग्रोथ की अगली स्टेप के लिए जिम्मेदार है. क्रिप्टो, ब्लॉकचेन, मेटावर्स और NFT इसी की देन है. Web 3.0 डिसेंट्रलाइजेशन (Decentralization), खुलेपन और ज्यादा बड़े यूजर यूटिलिटी कॉन्सेप्ट्स पर बनाया गया है.

Web3 की दुनिया में, इन्फॉर्मेशन को वर्चुअल डिजिटल वॉलेट में स्टोर किया जाता है. इन्फॉर्मेशन डेटा सेंटर में स्टोर नहीं की जाती. यूजर इन वॉलेट का उपयोग Web3 ऐप्लीकेशन से जुड़ने के लिए करते हैं, जो ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर चलती हैं. जब कोई यूजर किसी एप्लिकेशन से डिस्कनेक्ट करना चाहता है, तो वे बस लॉग ऑफ करते हैं. अपने वॉलेट को डिस्कनेक्ट करते हैं और अपना डेटा अपने साथ ले जाते हैं.

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सांकेतिक चित्र

Web3 के उभरते टॉप 5 ट्रेंड्स

BAAS: BAAS (Brands as a Service) ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी में एक नया चलन है. यह एक क्लाउड-बेस्ड सर्विस है जो ग्राहकों को डिजिटल प्रोडक्ट बनाने के लिए ब्लॉकचेन के साथ काम करने में सक्षम बनाती है. यह एक रेग्यूलेटेड इंडस्ट्री है. बिजनेस और कंज्यूमर के लिए इन फाइनेंशियल सर्विसेज के साथ आगे बढ़ने के लिए उन्हें बैंकों तक पहुंच हासिल करने की आवश्यकता होती है.

Flux: फ्लक्स वेब3 के लिए भरोसेमंद डेटा लेयर है. फ्लक्स एक क्रॉस-चेन ऑरेकल है जो किसी भी चीज पर आर्थिक रूप से सुरक्षित डेटा फीड तक पहुंच के साथ स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट प्रोवाइड करता है. फ्लक्स की मदद से कोई भी वेब 3.0 एप्लिकेशन और डिसेंट्रलाइज्ड प्रोजेक्ट डेवलप कर सकता है.

सिमेंटिक वेब: शब्द "सिमेंटिक वेब" W3C के लिंक किए गए डेटा के वेब के विज़न को बयां करता है. सिमेंटिक वेब में वेब के प्रिंसिपल शामिल होते हैं, जो दस्तावेज़ों से डेटा तक फैले होते हैं, जैसे डेटा वेब.

NFT देंगे वेब 3.0 मूवमेंट को तूल: Web3 मूवमेंट को बढ़ावा देने में सबसे आगे non-fungible tokens (NFTs) है. यह क्रिएटर्स के लिए अपने यूजर्स के साथ जुड़ने में बेहद मददगार साबित होंगे.

लो कोड एप्लीकेशन से सॉफ्टवेयर बनाना: लो-कोड डेवलपमेंट सॉफ्टवेयर बनाने के लिए एक विजुअल ड्रैग-एंड-ड्रॉप तकनीक है जो कंपनियों को काफी तेजी से और कम हैंड-कोडिंग के साथ एप्लिकेशन बनाने में सक्षम बनाता है. जैसे-जैसे वेब 3.0 आगे बढ़ा है, लो-कोड या नो-कोड ऐप क्रिएशन का चलन बढ़ गया है.

सोशल मीडिया पर असर

अब जैसा कि टेक्नोलॉजी के इस दौर में रोज नए बदलाव देखने को मिल रहे हैं. हर टेक्नोलॉजी के अपने फायदे होते हैं. वेब 2.0 टेक्नोलॉजी का उपयोग करने के कई फायदे हैं, लेकिन ऐसे मुद्दे भी हैं जिन पर जागरूकता और ध्यान देने की जरूरत है. इनमें से कुछ मुद्दों में समान पहुंच, सूचना नियंत्रण, बौद्धिक संपदा, कॉपीराइट, विश्वास, गोपनीयता, सुरक्षा और सांस्कृतिक विचार शामिल हैं. Web3 इन मुद्दों को हल करेगा, लेखकों को कंटेंट से जुड़े अधिकार लौटाएगा और एक नई डिजिटल अर्थव्यवस्था का निर्माण करेगा.

Web3 ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी से मिलकर बना है. अब क्योंकि फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सेंट्रलाइज्ड हैं. यूजर इन टेक कंपनियों के अधीन हैं, जो उनकी प्लेटफॉर्म पॉलिसी के कम्पलायंस की मांग करते हैं. यदि यूजर कम्पलायंस करने में विफल रहते हैं, तो उन्हें कंटेंट और फॉलोवर्स को खोने का खामियाज़ा भुगतना पड़ सकता है.

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ब्लॉकचेन सोशल मीडिया

ब्लॉकचेन सोशल मीडिया डिसेंट्रलाइज्ड नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म है, जो ब्लॉकचेन प्रोटोकॉल / प्लेटफॉर्म का उपयोग करके बनाए गए हैं. यह ऐप्लीकेशन और स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट तैयार करने में मदद करते हैं. Ethereum, Steem, Stellar आदि कुछ ब्लॉकचेन प्रोटोकॉल हैं जो सोशल मीडिया dApps के विकास का समर्थन करते हैं.

डिसेंट्रलाइज्ड होने के कारण, ब्लॉकचेन सोशल मीडिया नेटवर्क पूरा डेटा रखने वाली किसी सेंट्रल अथॉरिटी के अधीन नहीं हैं. इसके बजाय, डेटा नेटवर्क के प्रत्येक नोड के सर्वरों में एकसाथ और डिसेंट्रलाइज्ड तरीके से स्टोर हो जाता है.

ब्लॉकचेन-बेस्ड सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सोशल नेटवर्किंग, कंटेंट शेयरिंग और यहां तक कि ब्लॉगिंग का भी समर्थन करते हैं, लेकिन डिसेंट्रलाइज्ड होने के कारण, वे हर बातचीत के लिए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन को सक्षम करते हैं. इसके अलावा, उनमें से अधिकतर, ब्लॉकचैन इकोसिस्टम के लिए विशिष्ट विशेषताओं का समर्थन करते हैं, जैसे-

  • इन-प्लेटफ़ॉर्म ट्रांजेक्शन
  • यूजर्स को रिवार्ड देना
  • क्राउडफंडिंग

अंत में हम कह सकते हैं कि ब्लॉकचेन सोशल मीडिया यूजर या कंटेंट क्रिएटर को रेवेन्यू जनरेट करने का मौका देता है. ऐसे में इसका भविष्य कैसा होगा ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा.