Brands
Discover
Events
Newsletter
More

Follow Us

twitterfacebookinstagramyoutube
ADVERTISEMENT
Advertise with us

14-15 अक्टूबर को IIT कानपुर की मेगा इवेंट IInventiv में एक साथ आएंगे देश के जेहीन दिमाग

14-15 अक्टूबर को IIT कानपुर की मेगा इवेंट IInventiv में एक साथ आएंगे देश के जेहीन दिमाग

Tuesday October 11, 2022 , 4 min Read

IIT कानपुर, IIT दिल्ली में 14-15 अक्टूबर से आयोजित होने वाले सभी IIT के बीच मेगा R&D शोकेस इवेंट, IInventiv के सभी क्षेत्रों में 12 महत्वपूर्ण अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं का प्रदर्शन करेगा. यह आयोजन पहला उदाहरण होगा जहां सभी 23 IIT भारत के वैश्विक अनुसंधान एवं विकास कौशल को उजागर करने के लिए एक मंच के तहत आएंगे और राज्य विश्वविद्यालयों और संस्थानों, उद्योग और IIT के बीच समग्र अनुसंधान और विकासात्मक प्रभाव सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर अधिक सहयोगी रास्ते तलाशेंगे. उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में केन्द्रीय शिक्षा एवं कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान उपस्थित रहेंगे.

इन्वेंटिव में विविध विषयों पर छह शोकेस प्रोजेक्ट और कुल 75 प्रोजेक्ट होंगे. IIT कानपुर ड्रोन तकनीक पर शोकेस का नेतृत्व करेगा और IIT मद्रास के साथ 5G टेक्नोलॉजी पर संयुक्त रूप से शोकेस का नेतृत्व करेगा. IIT कानपुर के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. अभिषेक ड्रोन टेक्नोलॉजी शोकेस को मॉडरेट करेंगे, जहां वे इस क्षेत्र में आईआईटी कानपुर के आरएंडडी कार्यों पर प्रकाश डालेंगे और बताएंगे कि कैसे सभी तीन यूएवी प्रकारों में - फिक्स्ड विंग ड्रोन, फ्लैपिंग विंग ड्रोन और मानव रहित रोटर-विंग / हेलीकॉप्टर ड्रोन में आईआईटी कानपुर विशेषज्ञता रखने वाले एकमात्र संस्थानों में से एक के रूप में अग्रणी है. IIT कानपुर में कुछ प्रमुख ड्रोन स्टार्टअप भी हैं, जैसे EndureAir, VTOL Pvt लिमिटेड आदि.

5G के संदर्भ में, IIT कानपुर ने भारत के लिए एक स्वदेशी 5G टेस्टबेड विकसित करने के लिए दूरसंचार विभाग, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित मल्टी-आईआईटी परियोजना के तहत 5G NR बेस स्टेशन की बेसबैंड यूनिट (BBU) विकसित की. इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग, IIT कानपुर के प्रो रोहित बुद्धिराजा संयुक्त रूप से 5G टेक्नोलॉजी शोकेस का नेतृत्व करेंगे, जो भारत के 5G रोलआउट और प्रमुख मुद्दों को भी उजागर करेगा.

प्रो. अभय करंदीकर, निदेशक, IIT कानपुर ने कहा, “जैसा कि भारत अमृत काल की ओर बढ़ रहा है, जिसके लिए सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण अनुसंधान एवं विकास, समय की आवश्यकता है. जब राष्ट्रीय और साथ ही जमीनी स्तर पर अनुसंधान और नवाचार की बात आती है, IIT कानपुर का हमेशा अग्रणी पहल करने वाला दृष्टिकोण रहा है. हमें खुशी है कि हम अपनी बारह परियोजनाओं को इन्वेंटिव में पेश कर रहे हैं और ड्रोन और 5G टेक्नोलॉजी के प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं. मेरा मानना है कि यह आयोजन भारत की वैश्विक अनुसंधान एवं विकास क्षमता को उजागर करेगा और सभी क्षेत्रों में सहयोगात्मक विकास को गति देने के लिए उद्योग और शिक्षा जगत को करीब लाएगा.

IIT कानपुर ने पिछले साल रिकॉर्ड तोड़ 107 पेटेंट (97 राष्ट्रीय और 10 अंतर्राष्ट्रीय) दायर किए, जो संस्थान के इतिहास में सबसे अधिक है. यह संस्थान के पास मौजूद R&D ताकत का प्रमाण है. इन्वेंटिव के लिए 12 परियोजनाओं का चयन भी IIT कानपुर को प्रदर्शन के लिए उच्चतम स्वीकृत परियोजनाओं वाला संस्थान बनाता है. इसमें IIT कानपुर के कुछ तकनीकी आविष्कार शामिल है: जिसमें दृष्टिबाधित लोगों के लिए एक उन्नत घड़ी, जो हैप्टिक सेंसर और स्पर्श घंटे संकेतकों के साथ एक स्पर्श इंटरफ़ेस से लैस है; और भू-परीक्षक, एक हाथ से पकड़े जाने वाला मिट्टी परीक्षण उपकरण जो 90 सेकंड के भीतर मिट्टी के स्वास्थ्य का पता लगा सकता है. यह एक क्रांतिकारी आविष्कार है जिसका उद्देश्य किसानों को उनकी मिट्टी के परीक्षण में लगने वाले समय और परेशानी को कम करना है. संस्थान एक त्वरित जल गुणवत्ता जांच तकनीक भी प्रदर्शित करेगा जो कि किफायती कीमत पर बेहतर सटीकता के साथ पानी की गुणवत्ता का पता लगा सकती है. वैकल्पिक ईंधन क्षेत्र में एक M15 ईंधन वाले दोपहिया प्रोटोटाइप, औद्योगिक उत्सर्जन और वायु गुणवत्ता निगरानी के लिए आईओटी-आधारित वायु गुणवत्ता सेंसर और रीयल-टाइम रासायनिक विशिष्टता का उपयोग करने की एक तकनीक और साथ ही कई और भी तकनीकी आविष्कार शामिल हैं .

इस दो दिवसीय आयोजन में सभी IIT, और कई अन्य उच्च शिक्षा के साथ-साथ छोटे शहरों के संस्थानों के प्रतिनिधि, उद्योग और सरकारी संस्थान एक साथ शामिल होंगे. प्रोफेसर अभय करंदीकर, निदेशक, IIT कानपुर भी इन्वेंटिव ईवेंट के उद्घाटन के दिन 14 अक्टूबर को होने वाली पैनल चर्चा के लिए एक पैनलिस्ट के रूप में उपस्थित रहेंगे. उपस्थित लोग कार्यक्रम स्थल पर स्टालों में विभिन्न परियोजनाओं को देख सकेंगे.


Edited by रविकांत पारीक