EPF: रिटायरमेंट से पहले किन हालातों में निकाल सकते हैं पैसा, क्या हैं शर्तें

वैसे तो EPF एक रिटायरमेंट फंड है लेकिन कुछ खास जरूरतों व परिस्थितियों में कर्मचारी अपने EPF से पैसा रिटायरमेंट से पहले भी निकाल सकते हैं.

EPF: रिटायरमेंट से पहले किन हालातों में निकाल सकते हैं पैसा, क्या हैं शर्तें

Tuesday March 14, 2023,

5 min Read

संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (इम्‍प्‍लॉइज प्रोविडेंट फंड, EPF) का प्रावधान किया गया है. EPF Scheme, 1952 के अंतर्गत आने वाले हर एम्‍प्‍लॉयर को अपने हर इम्‍प्‍लॉई का EPF खाता खुलवाना होता है. फिर चाहे वह कंपनी सरकारी हो या प्राइवेट. EPF को EPFO (Employees' Provident Fund Organisation) मैनेज करता है. कर्मचारी के EPF में कर्मचारी की ओर से योगदान बेसिक सैलरी+डीए का 12 प्रतिशत होता है. एंप्लॉयर की ओर से भी इतना ही कॉन्ट्रीब्यूशन होता है लेकिन एंप्लॉयर के कॉन्ट्रीब्यूशन में से 8.33 प्रतिशत EPS (इंप्लॉई पेंशन स्कीम) में जाता है. बाकी हिस्से में से EPF में 3.67 प्रतिशत और EDLI में 0.50 प्रतिशत जाता है.

वैसे तो EPF एक रिटायरमेंट फंड है लेकिन कुछ खास जरूरतों व परिस्थितियों में कर्मचारी अपने EPF से पैसा रिटायरमेंट से पहले भी निकाल सकते हैं. आइए जानते हैं कौन सी हैं वे परिस्थितियां...

घर खरीदने या निर्माण के लिए

EPF स्कीम 1952 के पैरा 68B के प्रावधानों के तहत ईपीएफ मेंबर्स, घर निर्माण के लिए जमीन खरीदने, घर/फ्लैट की खरीद, घर निर्माण, घर के इंप्रूवमेंट/विस्तार/मरम्मत के उद्देश्य से EPF खाते से राशि निकाल सकते हैं. घर या जमीन ईपीएफ मेंबर/जीवनसाथी/दोनों के नाम पर संयुक्त रूप से हो सकती है. यह विद्ड्रॉअल पूरे नौकरीकाल के दौरान केवल एक बार किया जा सकता है.

प्लॉट खरीदने के लिए 24 माह की बेसिक सैलरी+डीए निकाला जा सकता है. घर/फ्लैट की खरीद/निर्माण के लिए 36 माह की बेसिक सैलरी+डीए को निकाल सकते हैं. या फिर इन दोनों विकल्पों के स्थान पर इंप्लॉई व एंप्लॉयर के कुल शेयर को ब्याज के साथ निकाला जा सकता है या फिर कुल लागत के बराबर अमाउंट निकाल सकते हैं. घर के इंप्रूवमेंट/विस्तार/मरम्मत के लिए 12 माह की बेसिक सैलरी+डीए या इंप्लॉई का शेयर ब्याज के साथ या फिर कॉस्ट के बराबर अमाउंट निकाला जा सकता है.

घर के लिए लोन के रिपेमेंट के लिए

घर के लिए, लिये गए लोन के बकाया मूलधन व ब्याज के रिपेमेंट के लिए पैरा 68BB के तहत पीएफ एडवांस लिया जा सकता है. यह 36 माह की बेसिक सैलरी+डीए या इंप्लॉई व एंप्लॉयर के कुल शेयर प्लस ब्याज या कुल बकाया ​मूलधन व ब्याज के बराबर मिलेगा. पूरे नौकरीकाल के दौरान केवल एक बार यह एडवांस लिया जा सकता है.

बेरोजगारी

व्यक्ति की नौकरी वाले एस्टेबिलिशमेंट के 15 दिन से ज्यादा बंद रहने और बिना कंपंजेशन कर्मचारी के बेरोजगार हो जाने या फिर 6 माह से ज्यादा वक्त के लिए एस्टेबिलिशमेंट बंद होने और बिना कंपंजेशन कर्मचारी के बेरोजगार हो जाने की स्थिति में या फिर कर्मचारी को लगातार 2 माह से ज्यादा समय से सैलरी न मिलने पर (हड़ताल के अलावा किसी अन्य वजह से) पीएफ से एडवांस निकाल सकता है. इसके अलावा कंपनी से डिस्चार्ज/बर्खास्तगी/रिट्रेचमेंट को कर्मचारी द्वारा कोर्ट में चैलेंज किए जाने के मामले में भी ऐसा किया जा सकता है. पैरा 68H के तहत यह एडवांस, ब्याज सहित इंप्लॉई के शेयर के 100 प्रतिशत तक और एंप्लॉयर के 100 प्रतिशत शेयर प्लस ब्याज तक रह सकता है.

बीमारी के मामले में

मेंबर इंप्लॉई अपने इलाज या फिर अपने परिवार के किसी सदस्य के इलाज के लिए पैरा 68J के तहत पीएफ से ​पैसा निकाल सकता है.

शादी के लिए

मेंबर इंप्लॉई अपनी/बच्चों की/भाई-बहन की शादी के लिए पैरा 68K के तहत पीएफ से पैसा निकाल सकता है. ऐसा पूरे नौकरी काल के दौरान 3 बार किया जा सकता है.

बच्चों की 10वीं के बाद की पढ़ाई के लिए

बेटे या बेटी की 10वीं के बाद की पढ़ाई के लिए भी मेंबर इंप्लॉई पीएफ का पैसा निकाल सकता है. इसका प्रावधान भी पैरा 68K के तहत है. यह विदड्रॉअल भी पूरे नौकरी काल के दौरान 3 बार किया जा सकता है.

फिजिकली हैंडीकैप्ड मेंबर्स के मामले में

मेंबर इंप्लॉई के हेंडीकैप होने की स्थिति में उनकी कठिनाई कम करने में काम आने वाले इक्विपमेंट की खरीद के लिए पैरा 68N के तहत पीएफ विदड्रॉ कर सकते हैं. 6 माह की बेसिक सैलरी+डीए या ब्याज सहित इंप्लॉई के शेयर या इक्विपमेंट की कॉस्ट के बराबर अमाउंट मिल जाता है. नौकरी काल के दौरान एक बार यह एडवांस ले लिए जाने पर दूसरी बार एडवांस 3 साल बाद ही लिया जा सकेगा.

रिटायरमेंट से पहले के एक साल के दौरान

मेंबर इंप्लॉई रिटायरमेंट से पहले पैरा 68NN के तहत आंशिक विद्ड्रॉअल कर सकता है. 54 वर्ष की आयु प्राप्त कर लेने के बाद और रिटायरमेंट/सुपरएनुएशन से पहले के एक साल के अंदर पीएफ से 90 प्रतिशत अमाउंट निकाला जा सकता है.

इन परिस्थितियों में भी कर सकते हैं प्रीमैच्योर विद्ड्रॉअल

- असामान्य परिस्थितियों में (प्राकृतिक आपदा के चलते प्रॉपर्टी को नुकसान) पैरा 68L के तहत एडवांस

- इलेक्ट्रिसिटी कट से प्रभावित होने की स्थिति में पैरा 68M के तहत एडवांस (मैक्सिमम 300 रुपये)

- वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना में निवेश के लिए पैरा 68NNN के तहत एडवांस

कोविड19 के कारण हुई कठिनाई में

अगर मेंबर इंप्लॉई कोरोना वायरस के कारण वित्तीय कठिनाई का सामना कर रहा है तो वह ईपीएफ से, अपने कुल पीएफ कॉन्ट्रीब्यूशंस का 75 प्रतिशत तक या फिर अपनी तीन महीने की सैलरी के बराबर अमाउंट, जो भी कम हो, नॉन-रिफंडेबल एडवांस के तौर पर निकाल सकता है.

Montage of TechSparks Mumbai Sponsors