चूक गए FY22 का ITR भरने से तो अभी भी मौका, लेकिन एक शर्त है

By Ritika Singh
August 01, 2022, Updated on : Mon Aug 01 2022 08:52:03 GMT+0000
चूक गए FY22 का ITR भरने से तो अभी भी मौका, लेकिन एक शर्त है
वित्त वर्ष 2021-22 के लिए बिलेटेड ITR फाइल करने के लिए अभी 31 दिसंबर 2022 डेडलाइन है. लेकिन याद रहे कि बिलेटेड ITR फ्री में नहीं भरा जा सकेगा.
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वित्त वर्ष 2021-22 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2022 गुजर चुकी है. 31 जुलाई को रात 11 बजे तक 5.78 करोड़ टैक्सपेयर्स ने ITR फाइल कर दिया था. लेकिन कुछ टैक्सपेयर्स ऐसे भी हैं, जिन्होंने अभी तक अपना ITR फाइल नहीं किया है. अगर आप भी अपना ITR दाखिल करने से चूक गए हैं तो परेशान न हों. आपके पास अभी भी बिलेटेड ITR फाइल करने का मौका है.


वित्त वर्ष 2021-22 के लिए बिलेटेड ITR फाइल करने के लिए अभी 31 दिसंबर 2022 डेडलाइन है. लेकिन याद रहे कि बिलेटेड ITR फ्री में नहीं भरा जा सकेगा. अगर टैक्सपेयर वित्त वर्ष 2021-22 के लिए बिलेटेड ITR फाइल करना चाहता है तो उसे 5000 रुपये तक की पेनल्टी देनी होगी.

हर किसी के लिए नहीं है एक जैसी पेनल्टी

बिलेटेड रिटर्न फाइल करने वालों को इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 234F के तहत लेट फीस या पेनल्टी का भुगतान करना होता है. यदि टैक्सपेयर की कुल आमदनी 5 लाख रुपये से अधिक नहीं है तो उस पर केवल 1000 रुपये की ही पेनल्टी लगेगी. 5 लाख रुपये से अधिक कुल आमदनी वालों के लिए यह पेनल्टी 5000 रुपये है.

इन टैक्सपेयर्स पर कोई पेनल्टी नहीं

टैक्सपेयर की एक कैटेगरी ऐसी भी है, जिसके पास डेडलाइन के गुजरने के बाद भी बिना किसी पेनल्टी या लेट फीस के ITR फाइल करने का मौका रहता है. ड्यू डेट गुजरने के बाद भी बिना किसी लेट फीस के वे लोग ITR फाइल कर सकते हैं, जो जीरो रिटर्न फाइल कर रहे हैं. यानी ​जिनकी कुल आय, बिना किसी डिडक्शन को क्लेम किए बेसिक एग्जेंप्शन लिमिट के अंदर आती है. इस वक्त देश में इनकम टैक्स के दो तरह के स्लैब हैं. नए स्लैब यानी नई टैक्स व्यवस्था में बेसिक एग्जेंप्शन लिमिट हर आयु के व्यक्ति के लिए 2.5 लाख रुपये है. वहीं पुरानी टैक्स व्यवस्था में बेसिक एग्जेंप्शन लिमिट 60 वर्ष से कम आयु के लोगों के लिए 2.5 लाख रुपये, 60-80 वर्ष के लिए 3 लाख रुपये और 80 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए 5 लाख रुपये है.


यानी अगर किसी व्यक्ति की कुल आय उसके द्वारा चुनी गई टैक्स व्यवस्था के तहत, बेसिक एग्जेंप्शन लिमिट को पार नहीं कर रही है तो उसे बिलेटेड ITR फाइल करते हुए कोई पेनल्टी नहीं भरनी होगी. लेकिन कुछ ऐसी भी परिस्थितियां हैं, जब कुल कमाई बेसिक एग्जेंप्शन लिमिट से कम होने पर भी आपको ITR भरना होता है. इन परिस्थितियों में अगर आप ड्यू डेट चूके तो फिर आपको भी अन्य टैक्सपेयर की तरह बिलेटेड ITR पर पेनल्टी का भुगतान करना होता है. ये परिस्थितियां हैं...


1. किसी बैंक/सहकारी बैंक में एक या एक से ज्यादा खातों में 1 करोड़ रुपये या उससे अधिक की रकम जमा की हो.

2. अपनी या किसी और की विदेशी यात्रा पर 2 लाख रुपये या उससे अधिक खर्च किए हों.

3. किसी साल में 1 लाख रुपये या उससे अधिक के बिजली बिल का भुगतान किया हो.

4. किसी गैर भारतीय कंपनी में स्टॉक्स जैसे विदेशी एसेट्स का स्वामित्व रखते हों.

रिवाइज नहीं होता लेट भरा गया रिटर्न

31 जुलाई की डेडलाइन गुजरने के बाद रिटर्न भरने पर ‘Return File under 139(4)’ का विकल्प चुनना होता है. देरी से फाइल किया गया रिटर्न रिवाइज नहीं किया जा सकता है. याद रहे कि किसी भी केस में रिटर्न फाइल करने के बाद 120 दिन में उसे वेरिफाई करना होता है. वेरिफिकेशन न होने पर समय पर भरा गया रिटर्न भी अमान्य हो जाता है.