भारत का एक्सपोर्ट $863 बिलियन पहुंचा, अब $2 ट्रिलियन का टारगेट: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारत के लिए इस वर्ष 1 ट्रिलियन डॉलर और अगले 5 वर्षों में 2 ट्रिलियन डॉलर निर्यात का लक्ष्य रखा. स्वदेशी, FTA, MSME, स्टार्टअप और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया.
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत ने इस वर्ष 1 ट्रिलियन डॉलर निर्यात का लक्ष्य तय किया है. वहीं अगले पांच वर्षों में देश 2 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात तक पहुंचने की तैयारी कर रहा है. उन्होंने कहा कि यही आत्मनिर्भर भारत की असली पहचान होगी.
नई दिल्ली में भारतीय व्यापार महोत्सव की वेबसाइट लॉन्च के दौरान उन्होंने कहा कि यह केवल सरकार का लक्ष्य नहीं है, बल्कि पूरे देश का मिशन है. सरकार उद्योगों, कारोबारियों और उद्यमियों को हर संभव मदद देने के लिए तैयार है.
उन्होंने बताया कि वैश्विक चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितताओं के बावजूद भारत का निर्यात लगातार बढ़ रहा है. इस वर्ष देश का कुल निर्यात 863 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है. यह पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 5 प्रतिशत अधिक है. उन्होंने कहा कि वस्तुओं और सेवाओं दोनों के निर्यात में बढ़ोतरी हुई है, जो मौजूदा वैश्विक हालात में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.

निर्यात लक्ष्य एक राष्ट्रीय मिशन; लगभग 38 विकसित देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) बाजार पहुंच को बढ़ावा देंगे: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Image: Internet)
पीयूष गोयल ने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में भारत ने लगभग 38 विकसित देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते यानी एफटीए की दिशा में तेजी से काम किया है. इन समझौतों से भारतीय उत्पादों को बड़े अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेहतर पहुंच मिलेगी. भारतीय कंपनियां कम आयात शुल्क के साथ अपने उत्पाद विदेशों में बेच सकेंगी. उन्होंने बताया कि ओमान के साथ एफटीए 1 जून से लागू हो सकता है. कुछ अन्य समझौते अंतिम प्रक्रिया में हैं और जल्द लागू किए जाएंगे.
उन्होंने कारोबारियों और उद्योगों से अपील की कि वे वाणिज्य मंत्रालय के व्यापार पोर्टल पर नजर रखें और यह समझें कि भारत किन उत्पादों का सबसे ज्यादा आयात कर रहा है. उनके अनुसार यही क्षेत्र भारतीय कंपनियों के लिए नए अवसर लेकर आ सकते हैं. यदि घरेलू उद्योग इन उत्पादों का निर्माण शुरू करें तो आयात कम होगा और देश आत्मनिर्भर बनेगा.
उन्होंने कहा कि आयात प्रतिस्थापन और निर्यात वृद्धि दोनों साथ साथ जरूरी हैं. सरकार ऐसे क्षेत्रों की पहचान कर रही है जहां भारत की क्षमता मजबूत है और जिनमें उद्योगों को आगे बढ़ाया जा सकता है.
पीयूष गोयल ने स्वदेशी उत्पादों को अपनाने पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि विदेशी वस्तुओं के प्रति अधिक आकर्षण घरेलू उद्योगों को कमजोर कर सकता है. भारत में तेजी से मध्यम वर्ग बढ़ रहा है और खपत भी बढ़ रही है. ऐसे में यदि देश अपनी जरूरतें खुद पूरी नहीं करेगा तो आयात बढ़ेगा.
उन्होंने लोगों से भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की. उनका कहना था कि यदि उपभोक्ता और व्यवसाय एक दूसरे का सहयोग करें तो यह एक बड़े स्वदेशी आंदोलन का रूप ले सकता है.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत अभी भी पूंजीगत वस्तुओं के मामले में विदेशी देशों पर काफी निर्भर है. उन्होंने राजकोट, लुधियाना, जालंधर, बटाला और पुणे जैसे औद्योगिक क्षेत्रों से घरेलू उत्पादन बढ़ाने की अपील की.
उन्होंने चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्र में भारत की बढ़ती ताकत का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि विशाखापत्तनम में अब सीटी स्कैन मशीन बनाई जा रही है. इससे साफ है कि भारत धीरे धीरे कई क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बन रहा है.
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत को सिर्फ दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने पर संतुष्ट नहीं होना चाहिए. देश को लगातार नए लक्ष्य तय करने होंगे. नए विचारों पर काम करना होगा और विकसित भारत 2047 के सपने को पूरा करना होगा.
उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों की सामूहिक शक्ति भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है. दुनिया की कोई ताकत भारत की प्रगति को नहीं रोक सकती.
उन्होंने गुणवत्ता और उत्पादकता को भी बेहद जरूरी बताया. उनके अनुसार यदि भारत को वैश्विक बाजारों में मजबूत बनना है तो उत्पादों की गुणवत्ता और पैकेजिंग पर विशेष ध्यान देना होगा. केवल सस्ते उत्पादों से नहीं, बल्कि बेहतर गुणवत्ता से ही भारत दुनिया में अपनी पहचान मजबूत कर सकता है.
कृषि और मत्स्य पालन क्षेत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत का कृषि निर्यात अब 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है. लेकिन अभी भी मूल्यवर्धन की काफी संभावनाएं हैं. उन्होंने युवाओं और स्टार्टअप्स से कृषि प्रसंस्करण और विनिर्माण के क्षेत्र में आने की अपील की.
गोयल ने कहा कि जब भारतीय उत्पाद निर्यात योग्य बनेंगे तो देश के लोग भी विदेशी सामान की तरफ कम आकर्षित होंगे. इससे घरेलू उद्योग और रोजगार दोनों मजबूत होंगे.
एमएसएमई सेक्टर को लेकर भी उन्होंने बड़ी बात कही. उन्होंने बताया कि अब 500 करोड़ रुपये तक के कारोबार वाले उद्यमों को एमएसएमई की श्रेणी में रखा गया है. सरकार चाहती है कि छोटे और मध्यम उद्योग तेजी से आगे बढ़ें और बड़े स्तर पर कारोबार करें.
पीयूष गोयल ने भारतीय व्यापार महोत्सव में देशभर के उद्यमियों, खासकर महिला उद्यमियों और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि हर राज्य से महिला उद्यमियों को आमंत्रित किया जाना चाहिए ताकि नए व्यवसायों और नवाचार को बढ़ावा मिल सके.
उन्होंने रुपे कार्ड और यूपीआई के अधिक इस्तेमाल की भी वकालत की. उन्होंने सुझाव दिया कि मेले में कई डिजिटल कियोस्क लगाए जाएं जहां लोग आसानी से रुपे डेबिट कार्ड प्राप्त कर सकें और सभी भुगतान डिजिटल माध्यम से कर सकें.
उन्होंने कहा कि ऐसी छोटी छोटी पहलें भारत की अमृतकाल यात्रा को नई दिशा देंगी और विकसित भारत के सपने को मजबूत करेंगी.
भारतीय व्यापार महोत्सव 12 अगस्त से 15 अगस्त 2026 तक आयोजित किया जाएगा. इसमें देशभर के उद्योग, कारोबारी और उद्यमी हिस्सा लेंगे.





