भारतीय सेना का जज्बा: कश्मीर में भारी बर्फबारी में फंसी गर्भवती महिला की बचाई जान

By yourstory हिन्दी
February 14, 2019, Updated on : Thu Sep 05 2019 07:31:24 GMT+0000
भारतीय सेना का जज्बा: कश्मीर में भारी बर्फबारी में फंसी गर्भवती महिला की बचाई जान
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

महिला को अस्पताल पहुंचाते हुए सेना के जवान


भारतीय सेना हमेशा मुश्किल हालात में फंसे लोगों को बचाने और उनकी सेवा करने के लिए जानी जाती है। फिर चाहे बाढ़ हो या कोई और प्राकृतिक आपदा। हाल ही में कश्मीर के बांदीपोरा इलाके में भारतीय सेना ने एक गर्भवती महिला को न केवल बर्फबारी में बचाया बल्कि उसे अस्पताल भी पहुंचाया। कश्मीर में इन दिनों भारी बर्फबारी हो रही है जिस वजह से यहां का तापमान माइनस डिग्री तक पहुंच गया है। इस मौसम में बीते सप्ताह शुक्रवार को बांदीपोरा इलाके में गाड़ियां फंस गई थीं।


सड़क पर बर्फ जम जाने के कारण गाड़ियों की आवाजाही रुक गई थी। इस वजह से एक गर्भवती महिला गुलशाना बेगम भी उसी बर्फबारी में फंस गई और उसे घर से अस्पताल तक पहुंचाना मुश्किल हो रहा था। बांदीपोरा राष्ट्रीय राइफल्स के जवान भारी बर्फबारी के बीच गुलशाना के घर तक पहुंचे। और वहां से उस महिला को स्ट्रेचर पर करीब ढाई किलोमीटर तक बर्फ से ढके रास्ते पर पैदल लेकर गए। इसके बाद रास्ता साफ मिलने पर आर्मी ने एंबुलेंस बुलवाई और आर्मी एंबुलेंस के जरिए उसे अस्पताल पहुंचाया गया।


अस्पताल में एडमिट होने के बाद डॉक्टरों ने जांच की तो पता चला कि महिला के गर्भ में जुड़वां बच्चे हैं और उसे तुरंत सर्जरी की जरूरत पड़ेगी। इस वजह से उसे फिर श्रीनगर में बड़े अस्पताल के लिए रेफर किया गया जहां महिला ने रात में ही जुड़वां बच्चियों को जन्म दिया। सेना के जवानों ने पहले से ही अस्पताल में डॉक्टरों को अलर्ट कर दिया था जिससे महिला को तुरंत चिकित्सीय सहायता मिल पाई। डॉक्टरों ने कहा कि अगर महिला को अस्पताल लाने में देरी हो जाती तो उसकी जान खतरे में पड़ सकती थी।


कश्मीर में इन दिनों भारी बर्फबारी की वजह से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है और इससे काफी मुश्किलें आ रही हैं। लगातार बर्फीले तूफानों और बर्फ गिरने से घाटी की सड़कें पूरी तरह से जाम हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो 5 पुलिसकर्मियों समेत लगभग 12 से 15 लोग बर्फबारी में मारे जा चुके हैं। ऐसे मौसम में भारतीय सेना की मदद उस महिला के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हुई।


यह भी पढ़ें: सोशल मीडिया के इस 'ख़ास टूल' को इस्तेमाल करना सिखाता है यह स्टार्टअप