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ITO 2023: दुनिया के 10,000 स्कूलों के 3 लाख शिक्षकों के भाग लेने का अनुमान

आईटीओ 2023 के लिए रजिस्ट्रेशन 15 अगस्त 2023 से शुरू होगा और केवल 549 रुपये शुल्क देकर पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है. ओलंपियाड 7 अक्टूबर 2023 को अंग्रेज़ी भाषा में आयोज़ित होगा. शिक्षक बनने के इच्छुक लोग, सेवारत और सेवानिवृत्त शिक्षक सभी अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं.

ITO 2023: दुनिया के 10,000 स्कूलों के 3 लाख शिक्षकों के भाग लेने का अनुमान

Monday August 07, 2023 , 4 min Read

हाल में अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक ओलंपियाड (International Teachers' Olympiad - ITO)-2023 के आयोजन की घोषणा की गई. यह शिक्षकों का सबसे बड़ा बहुराष्ट्रीय ओलंपियाड होने वाला है. 2022 के इस आयोजन की बड़ी सफलता देखते हुए आईटीओ 2023 में 45+ देशों के 10,000+ स्कूलों के 300,000 शिक्षकों के भाग लेने का अनुमान है. इसके आयोजक Suraasa द्वारा आईटीओ के माध्यम से शिक्षकों को उनके हक का सम्मान देने के साथ शिक्षा पेशे में उनके विकास का मार्गदर्शन किया जाता हैं. साथ ही, अंतर्राष्ट्रीय अनुभव और बड़ी रकम का नकद पुरस्कार भी प्रदान किया जाता है.

आईटीओ 2023 के लिए रजिस्ट्रेशन 15 अगस्त 2023 से शुरू होगा और केवल 549 रुपये शुल्क देकर पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है. ओलंपियाड 7 अक्टूबर 2023 को अंग्रेज़ी भाषा में आयोज़ित होगा. शिक्षक बनने के इच्छुक लोग, सेवारत और सेवानिवृत्त शिक्षक सभी अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. ओलंपियाड में शिक्षकों का एक घंटे का मूल्यांकन होगा. उनके प्रदर्शन के आधार पर एक अध्यापन कौशल रिपोर्ट दी जाएगी. इस गोपनीय रिपोर्ट में प्रतिभागी के मजबूत और कमजोर पहलुओं के बारे में जानकारी दी जाएगी ताकि वे अपेक्षित सुधार कर पाएं. इसके अतिरिक, अगले 6 महीनों की प्रगति योजनाएं भी प्रदान की जाएंगी. ये योजनाएं उनकी प्रगति पर नजर रखने का नज़रिया होगा जो उन्हें अधिक कारगर शिक्षक बनने का मार्गदर्शन देगा.

वर्ष 2022 की इस पहल में 30 देशों के 5500 स्कूलों के 68,000 शिक्षकों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. सर्वोच्च प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को कुल 20 लाख रुपये नकद पुरस्कार वितरित किए गए. आगामी आयोजन में इससे अधिक पुरस्कृत किए जाने की संभावना है. कुल मिला कर 30 लाख रुपये तक नकद पुरस्कार प्राप्त करने का यह अभूतपूर्व अवसर होगा.

ओलंपियाड को लेकर उत्साहित Suraasa के फाउंडर और सीईओ ऋषभ खन्ना कहते हैं, "आईटीओ शिक्षकों को सम्मानित करने की पहल है और इसका लक्ष्य उन्हें पूरी दुनिया के सामने वह आदर और प्रतिष्ठा प्रदान करना है जिसके वे हकदार हैं. शिक्षकों को यह आइडिया बहुत पसंद आया है और वह जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन के लिए प्रतीक्षा सूची में नाम दर्ज कर रहे हैं. ओलंपियाड-2022 शिक्षकों के लिए यह जानने का अनोखा आयोजन साबित हुआ कि अध्यापन की दुनिया में वे कितने पानी में हैं. वर्ष 2023 का यह आयोजन एक बार फिर बहुत से शिक्षकों को यह अवसर देने वाला है. शिक्षकों के वार्षिक आकलन और उन्हें उनकी प्रगति पहचान्ने का अवसर देने का यह आइडिया काफी सफल रहा है."

तेलंगाना की मारिया वर्जीनिया एक स्कूल शिक्षिका हैं और आईटीओ 2022 में भाग ले चुकी हैं. उनका कहना है, "ओलंपियाड में भागीदारी से मुझे ना केवल बतौर शिक्षक मेरी क्षमताओं का आकलन करने बल्कि यह जानने का भी अवसर मिला कि मुझे किन क्षेत्रों में सुधार करना और फिर विकास करना है."

आईटीओ का लाभ केवल शिक्षकों को नहीं बल्कि स्कूलों को भी मिलता है. इसमें प्रतिभागी शिक्षकों के स्कूलों को एक अलग रिपोर्ट दी जाएगी जिसमें प्रतिभागी शिक्षकों के अध्यापन कौशलों की संपूर्ण जानकारी होगी. रिपोर्ट में प्रत्येक स्कूल के प्रोफेशनल डेवलपमेंट क्षेत्रों के विवरण होंगे जिन पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता होगी. डेटा के साथ शिक्षा पेशे में उनके विकास के साथ स्कूलों और शिक्षकों को अपने संस्थानों की समग्र शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने में सहायता मिलेगी.

भारत में एक ग्लोबल स्कूल की निदेशका गीता वार्ष्णेय ने बताया, "मैं इस ओलंपियाड से काफी प्रभावित हूं क्योंकि यह अध्यापन कौशल को गहराई से देखता है जो अत्यंत आवश्यक है, हालांकि अक्सर सामान्य शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में इसका अभाव ही रहा है. आज जो शिक्षक सचमुच अध्यापन कौशल बढ़ाना चाहते हैं वे इस महत्वपूर्ण आयोजन में प्राप्त ‘फीडबैक’ और सहायता के माध्यम से यह लक्ष्य पूरा कर सकते है."

आईटीओ योग्य शिक्षकों को विशिष्ट पहचान और सम्मान देकर उन्हें शिक्षा जगत में हो रहे बदलाव का केंद्र बनता है. इसका पॉज़िटिव प्रभाव कक्षाओं तक पहुंचेगा और अध्ययन-अध्यापन में लगे समुदाय को इससे बहुत लाभ मिलेगा. सर्वोपरि यह शिक्षा जगत में नया मानक स्थापित करेगा और वर्तमान शिक्षा परिदृश्य को अधिक प्रगतिशील बनाएगा.

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Edited by रविकांत पारीक