IPO Alert: Snapdeal का 1250 करोड़ रुपये का IPO टला, कंपनी ने बताई ये वजह...

By रविकांत पारीक
December 10, 2022, Updated on : Sat Dec 10 2022 13:20:51 GMT+0000
IPO Alert: Snapdeal का 1250 करोड़ रुपये का IPO टला, कंपनी ने बताई ये वजह...
स्नैपडील पांचवीं टेक कंपनी है जिसने अपना आईपीओ प्लान टाल दिया है. इससे पहले फार्मईजी, बोट, ड्रूम और अप्पामेय इंजीनियरिंग अलग अलग समय में अपना पब्लिक ऑफर बाजार में लाने से टाल चुकी हैं.
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

सॉफ्टबैंक (Softbank) समर्थित ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील (Snapdeal) ने अपने 152 मिलियन डॉलर (1,250 करोड़ रुपये) का IPO (Intial Public Offering) लाने की योजना को टाल दिया है. स्नैपडील ने शेयर बाजार में टेक कंपनियों के शेयरों में आई भारी गिरावट को देखते हुए IPO लाने के फैसले को टाल दिया है.


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्नैपडील के प्रवक्ता ने कहा, बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए कंपनी ने DRHP (draft red herring prospectus) वापस लेने का फैसला लिया है. भविष्य में कंपनी आईपीओ पर दोबारा विचार कर सकती है, जो बढ़त वाली पूंजी की दरकार और बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगी. कंपनी ने इस हफ्ते बाजार नियामक सेबी के पास आईपीओ वापस लेने के अनुरोध वाली याचिका दाखिल की है.


2021 में जब एक के बाद एक टेक और स्टार्टअप कंपनियां स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट हो रही थी. तब स्नैपडील ने दिसंबर 2021 में सेबी (SEBI) के पास आईपीओ लाने के लिए ड्रॉफ्ट पेपर दाखिल किया था. लेकिन 2022 में इन टेक और स्टार्टअप कंपनियों के शेयरों की कीमत में भारी गिरावट आई है.


स्नैपडील ने इसी हफ्ते सेबी के पास आईपीओ लाने के ड्रॉफ्ट पेपर वापस लेने के लिए अनुरोध किया था. टेक कंपनियों के प्रति नेगेटिव रूझान और दूसरे रणनीतिक फैसलों के चलते कंपनी ने आईपीओ लाने के प्लान को टाला है.


स्नैपडील पांचवीं टेक कंपनी है जिसने अपना आईपीओ प्लान टाल दिया है. इससे पहले फार्मईजी, बोट, ड्रूम और अप्पामेय इंजीनियरिंग अलग अलग समय में अपना पब्लिक ऑफर बाजार में लाने से टाल चुकी हैं.


नए जमाने की इन कंपनियों ने अपना अपना आईपीओ लाने के फैसले को इसलिये टाल दिया क्योंकि बाजार अभी उनके मुफीद नहीं है. इनमें पेटीएम नायका और जोमैटो भी शामिल हैं. टेक कंपनियों में निवेश के चलते लाखों लोगों को काफी घाटा हो रहा है. इसके चलते वर्तमान समय में लोगों का विश्वास बाजार के रुख को देखते हुए टेक कंपनियों में अभी नहीं है. ऐसे में इन कंपनियों को अपना अपना आईपीओ लाने का इरादा बदलना पड़ा है. जानकारों का कहना भी है कि हालात को देखते हुए निवेशक ऐसी कंपनियों में निवेश से बच रहे हैं. निवेशकों कंपनियों मुनाफा घटने की भी चिंता है.


इससे एक महीने पूर्व फार्मईजी की मूल कंपनी एपीआई होल्डिंग्स ने डीआरएचपी वापस ले लिया था. हॉस्पिटैलिटी दिग्गज ओयो ने पिछले साल अक्टूबर में सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर जमा किए थे, लेकिन अभी उसे नियामक की मंजूरी नहीं मिली है और इस तरह से कंपनी डिजिटल पेमेंट्स फर्म मोबीक्विक जैसी फर्म की सूची में शामिल हो गई.


एमेजॉन, फ्लिपकार्ट व मीशो जैसी ई-कॉमर्स दिग्गज से प्रतिस्पर्धा करने वाली स्नैपडील ने हाल में यूनिकॉर्न का दर्जा गंवा दिया जब कंपनी का मूल्यांकन घटकर 1 अरब डॉलर के नीचे आ गया. ई-कॉमर्स कंपनी ने सरकार समर्थित ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) के साथ जुलाई में करार पर हस्ताक्षर किए थे, जो उसे ओएनडीसी प्लेटफॉर्म से जुड़ने वाली पहली ई-कॉमर्स कंपनी बनाता है.


आपको बता दें कि साल 2010 में कुनाल बहल और रोहित बंसल ने स्नैपडील की शुरूआत की थी.

Clap Icon0 Shares
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Clap Icon0 Shares
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close