अमेरिका में छंटनियों के बाद लाखों भारतीय H1B वीज़ा वालों की नौकरी खतरे में?

By Vidhya Sivaramakrishnan, Swetha Kannan, Ayshwaria Lakshmi & रविकांत पारीक
December 09, 2022, Updated on : Fri Dec 09 2022 11:42:00 GMT+0000
अमेरिका में छंटनियों के बाद लाखों भारतीय H1B वीज़ा वालों की नौकरी खतरे में?
अमेरिका में हजारों भारतीय या तो अपनी नौकरी खो चुके हैं या पिछले कुछ महीनों में बड़े पैमाने पर छंटनी की घोषणा करने वाली Twitter, Meta और Amazon जैसी दिग्गज टेक कंपनियों से निकाले जाने के डर में जी रहे हैं. इन H-1B वीजा (H-1B visa) धारकों के लिए आगे का रास्ता क्या है?
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जून महीने में, सतीश (पहचान छिपाने के लिए नाम बदल दिया गया), जोकि अमेरिका में रहते हैं, और एक H-1B वीजा धारक (H-1B visa holder) हैं, ने अफवाह सुनी कि जिस कंपनी में वह जॉब करते हैं वह "कमजोर परफॉर्मेंस" वाले कर्मचारियों को जॉब से निकाल सकती है. उन्होंने तुरंत अपने मैनेजर से संपर्क किया लेकिन उन्हें आश्वासन दिया गया कि सब ठीक है.


हालांकि, कुछ दिनों बाद सतीश को एचआर डिपार्टमेंट से दुखद कॉल आया. उन्हें बताया गया कि उनकी परफॉर्मेंस कमजोर है और उन्हें दो विकल्प दिए गए थे: दो सप्ताह के बाद एक म्यूच्यूअल सैपरेशन एग्रीमेंट या परफॉर्मेंस इम्प्रूवमेंट प्लान, जिसके बाद कंपनी उनकी परफॉर्मेंस का मूल्यांकन करेगी और तय करेगी कि उन्हें रहना चाहिए या निकाल देना चाहिए.


सतीश कहते हैं, "दूसरा विकल्प थोड़ा अजीब था क्योंकि क्लॉज में कहा गया था कि भले ही आप परफॉर्मेंस प्लान को मंजूरी दे दें, कंपनी आपको अगले साल किसी भी समय बिना किसी विच्छेद (severance) या लाभ के निकाल सकती है."


अंत में, उन्होंने किसी भी विकल्प को नहीं चुना और इसके बजाय मेंटल हेल्थ का हवाला देते हुए छुट्टी ले ली, जिसके बाद वह निर्णय ले सकते थे.


सतीश मानते हैं कि ब्रेक मेंटल हेल्थ के लिहाज से और वक्त लेने - दोनों के लिए है. लेकिन कुछ महीनों में नौकरी पाना तनावपूर्ण है, वह अपने हालात की तुलना "टिक टिक टाइम बम" से करते हुए कहते हैं.


H-1B वीजा अमेरिकी कंपनियों को विशेष व्यवसायों में अस्थायी रूप से विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने की अनुमति देता है. अगर उनकी नौकरी चली जाती है, तो H-1B वीजा धारकों के पास दूसरी नौकरी ढूंढने के लिए 60 दिनों का ग्रेस पीरियड होता है.


भारत आमतौर पर अमेरिका द्वारा दिए गए H-1B वीजा का सबसे बड़ा लाभार्थी है. देश को 1 अक्टूबर, 2020 और 30 सितंबर, 2021 (अमेरिकी वित्तीय वर्ष) के बीच आवंटित 4.07 लाख H-1B वीजा में से 3.01 लाख मिले. भारत के लगभग 3.02 लाख आवेदक FY22 की वेटिंग लिस्ट में हैं.


सतीश अमेरिका में उन हजारों भारतीयों में से हैं, जिन्होंने या तो अपनी नौकरी खो दी है या Twitter, Meta और Amazon जैसी दिग्गज टेक कंपनियों द्वारा निकाले जाने के डर में जी रहे हैं, जिन्होंने पिछले कुछ महीनों में बड़े पैमाने पर छंटनी की है.


टेक इंडस्ट्री में नौकरियों की छंटनी को ट्रैक करने वाले एक क्राउडसोर्स डेटाबेस, Laoffs.fyi के अनुसार, 2022 में 916 कंपनियों (6 दिसंबर तक) ने 1.4 लाख कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया.


Alcorn Immigration Law की फाउंडर और सीईओ सोफी अल्कोर्न (Sophie Alcorn) का अनुमान है कि निकाले गए लोगों में से लगभग 15% एच-1बी वीजा धारक हैं.

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इमेज क्रेडिट: निहार आप्टे

सनक का दौर

निःसंदेह अमेरिका में भारतीयों के लिए यह तनावपूर्ण समय है. जिन लोगों को नौकरी से निकाल दिया गया है वे अपनी स्थिति को समझने के लिए अप्रवासन वकीलों (immigration attorneys) के पास पागलों की तरह पहुंच रहे हैं. वे नौकरी के संभावित अवसरों के लिए रिक्रूटमेंट एजेंसियों और एचआर कंसल्टेंट्स से बात कर रहे हैं.


ग्रेस पीरियड, वीजा स्टेट्स को H-1B से B-1 (व्यावसायिक उद्देश्य के लिए) में बदलने, H-1B को फिर से सक्रिय करने, और ग्रीन कार्ड हासिल करने के बारे में आप्रवासन वकीलों के पास प्रश्नों की बाढ़ सी आ गई है. गौरतलब हो कि ग्रीन कार्ड किसी व्यक्ति को अमेरिका में स्थायी रूप से रहने और काम करने की अनुमति देता है.

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इस साल जून में, Unshackled: A Guide for Highly Skilled Immigrants in America किताब की सह-लेखिका सौंदर्या बालासुब्रमणि ने अपनी मेलिंग लिस्ट में 3,000 लोगों को एक ईमेल भेजा था, जिसका सब्जेक्ट 'A book on immigration to help people like you' था. वह कहती हैं कि 78% लोगों ने ईमेल देखा और 300 लोगों ने उन्हें (सौंदर्या को) अपने सवाल भेजे.


"लोगों द्वारा भेजे गए कुछ ईमेल डिटेल में लिखे गए थे, यह बताते हुए कि वे इमिग्रेशन सिस्टम (immigration system) से कितने निराश थे और उन्हें ग्रीन कार्ड हासिल करने के लिए जल्द रास्ता तलाशने की जरूरत थी, या वे एक कंपनी शुरू करना चाहते हैं और वे 10 साल इंतजार नहीं करना चाहते हैं.


अमेरिका कई बार देश के अप्रवासी कानूनों (immigration laws) में सुधार करने के बहुत करीब पहुंच गया लेकिन अभी तक कुछ भी हासिल नहीं हुआ है.


एचआर कंसल्टेंट्स के मुताबिक, कई लोग भारत वापस आना भी चाहते हैं. बेंगलुरू की एक एचआर कंसल्टिंग फर्म Ad Astra की मैनेजिंग डायरेक्टर निरुपमा वीजी कहती हैं, “यहां तक कि स्थायी तौर पर रहने वाले लोग भी थोड़े चिंतित होते हैं; जो भी महसूस करता है कि अगला नंबर उनका है (हमसे) बात करना शुरू कर रहे हैं.

गहरा सदमा

अमेरिकी जॉब मार्केट में मंदी के साथ, बिना जॉब के खुद को देखने का यह सही समय नहीं है.


ग्रीन कार्ड/परमानेंट रेजीडेंट कार्ड के अलावा रोजगार की स्थिति को लेकर अमेरिका में भारतीयों के मन में भय और अनिश्चितता है.


Sesame3 के फाउंडर और सीईओ अभिषेक गुटगुटिया बताते हैं, "यहां तक कि 60 दिनों के भीतर, आपके पास अधिकतम 45वें दिन तक ऑफर लेटर होना चाहिए, क्योंकि वीजा को नए एम्पलॉयर को ट्रांसफर करने में कम से कम 15 दिन लगते हैं."


Sesame3 अमेरिका में नौकरी से निकाले गए लोगों की मदद करने के लिए Zeno प्लेटफॉर्म चला रहा है. यह प्लेटफॉर्म जरूरतमंद लोगों को वकीलों, मेंटर से कनेक्ट करता है. साथ ही उनके लिए नौकरियों की भी तलाश करता है.


Sharma Law Associates की फाउंडिंग मेंबर, सोनल शर्मा, भी कुछ ऐसे ही एक और हालात के बारे में बताती हैं, जिसमें कुछ लोगों के पास दूसरे विकल्प की तलाश करने के लिए और भी कम समय हो सकता है. वह कहती हैं कि लोगों के पास 60 दिन या I-94 की एक्सपायरी डेट तक समय है, जो भी कम हो.


फॉर्म I-94 डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (Department of Homeland Security) द्वारा अमेरिका में अस्थायी वीज़ा (temporary visa) पर किसी को भी जारी किया गया आगमन/प्रस्थान (arrival/departure) रिकॉर्ड है.


भावनात्मक रूप से, इन हालात ने कई H-1B धारकों पर भारी असर डाला है.


आनंद (बदला हुआ नाम), भारत के एक अन्य H-1B वीजा धारक, जिन्हें हाल ही में टर्मिनेशन नोटिस दिया गया था, कहते हैं, “नौकरियां कम हैं… सभी भूमिकाओं के लिए प्रतिस्पर्धा बड़ी है. यहां तक कि अत्यधिक योग्य लोगों को भी अपनी स्किल और सैलरी लेवल से नीचे की नौकरियों के लिए समझौता करना पड़ सकता है. लेकिन इसे डाउनग्रेड करना आसान नहीं है."


हालांकि आनंद बहादुरी दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनका कहना है कि बहुत से लोग हालात से जूझने में सक्षम नहीं हैं. “ऐसे हालात में बहुत अधिक संभलने की जरूरत होती है. लोगों को अपनी खोज (नौकरी के लिए) में आक्रामक होना पड़ता है लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाते हैं. मैं किसी ऐसे व्यक्ति को जानता हूं जो अपने माता-पिता को यह नहीं बता सकता कि उन्हें बीमार होने के कारण निकाल दिया गया है. कुछ परिवार अपने बच्चों पर अत्यावश्यकता से काम करने के लिए दबाव डाल रहे हैं.”


दूसरी ओर, नवंबर में अपनी नौकरी गंवाने वाले अटल अग्रवाल ने चीजों को अपने पक्ष में कर लिया है. वास्तव में, वह थोड़े दार्शनिक भी लगते हैं. “हमेशा ऐसी चीजें होती हैं जो हमें दुनिया में नीचे ला सकती हैं. लेकिन फिर भी ऐसी सभी चीजें हैं जिनसे हमें एक अच्छा जीवन जीने के लिए प्रेरित होने की आवश्यकता है. और मैं एक ऐसा सॉर्स बनना चाहता हूं, जहां मैं अपने काम के जरिए दूसरों को प्रेरित कर सकूं."


अटल, जिन्होंने हाल ही में आयरनमैन ट्रायथलॉन (Ironman Triathlon) पूरा किया है, कहते हैं कि वह कुछ भी करने के लिए तैयार हैं जो उन्हें "सार्थक" लगता है, चाहे वह कहीं भी हो.


इस बीच, सहकर्मी और दोस्त उन लोगों की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं जिन्हें नौकरी की ज़रूरत है. नौकरी के अवसर और अन्य संसाधनों की अनौपचारिक सूचियों को ऑनलाइन शेयर किया जा रहा है. लिंक्डइन (LinkedIn) का उपयोग साउंडिंग बोर्ड के रूप में भी किया जा रहा है, जहां लोग अपनी कहानियां साझा कर रहे हैं और एक दूसरे को आश्वस्त कर रहे हैं.


दिल्ली स्थित टैलेंट एक्वीजिशन और इम्प्लॉयमेंट कंसल्टिंग फर्म Team 4 Progress Technologies की को-फाउंडर, नूपुर बनर्जी, लोगों को धैर्य रखने, अपस्किल/क्रॉस-स्किल, लगातार नेटवर्क बनाने और रेफरेंस के साथ एक-दूसरे की मदद करने की सलाह देती हैं.

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ग्रेजुएशन कर रहे स्टूडेंट्स पर असर

बदलते हालात के मद्देनजर, अमेरिका में ग्रेजुएशन कर रहे स्टूडेंट्स और फ्रेशर्स पर भी वर्तमान हालात का असर हो रहा है.


टीना (बदला हुआ नाम), NYU की एक कंप्यूटर इंजीनियरिंग ग्रेजुएट स्टूडेंट, ने बड़ी कंपनियों और स्टार्टअप दोनों में इंटरव्यू दिए थे और वेटिंग लिस्ट में भी थी. लेकिन अब उन्हें बताया गया है कि टीम को फंडिंग मिलते ही उन्हें ऑफर लेटर मिल जाएगा. वह कहती हैं कि NYU में उनके कई दोस्त या तो वेटिंग लिस्ट में हैं या रिजेक्ट कर दिए गए हैं. उनमें से कुछ अपने OPT (Optional Practical Training) स्टेट्स को बनाए रखने के लिए कम सैलरी में भी जॉब कर रहे हैं.

H-1B धारकों के लिए क्या हैं विकल्प?

एच-1बी धारक कौन से विभिन्न विकल्प तलाश कर सकते हैं?

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अमेरिका में नौकरियां

Sesame3 के अभिषेक लोगों को सलाह देते हैं कि वे छोटे विश्वविद्यालयों में स्टार्टअप्स और टीचिंग पोजीशन में जॉब देखें.


एचआर कंसल्टेंट निरुपमा के मुताबिक, अमेरिका में छोटी आईटी कंपनियां हायरिंग के लिए तैयार हैं और टैलेंट को आकर्षित करना चाहती हैं. "उन्होंने हमसे यह देखने के लिए संपर्क किया है कि क्या हमारे पास उपयुक्त प्रोफाइल हैं और क्या लोगों (अमेरिका में) ने प्लेसमेंट के लिए हमसे संपर्क किया है."


कॉन्ट्रैक्ट जॉब्स दूसरा विकल्प हैं और सभी भूमिकाओं के लिए खुल सकती हैं. निरुपमा ने उम्मीदवारों को तत्काल संकट से निपटने के लिए अस्थायी नौकरियों (6 से 12 महीने के कॉन्ट्रैक्ट के साथ) को आगे बढ़ाने और फिर एक लंबे करियर में वापस जाने की सलाह दी.

एक नज़र वीजा पर

इमीग्रेशन अटॉर्नी तार्किक चुनौतियों से निपटने में लोगों की मदद करने और अगली कार्रवाई की योजना बनाने में व्यस्त हैं.


अमेरिका में दूसरी नौकरी नहीं मिलने की स्थिति में, यदि उनके पति या पत्नी के पास H-1B है, तो वे H4 आश्रित वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं. सोनल के अनुसार, जिन लोगों की I-94 अवधि उनकी H-1B अवधि से कम है, वे वक्त लेने के लिए B-1 (व्यवसाय के लिए) या B-2 (पर्यटन) के लिए आवेदन कर सकते हैं.


अपने सेक्टर में विशेष रूप से हाई स्किल्स और एबिलिटी वाले लोग O-1 वीजा के लिए क्वालिफाई कर सकते हैं. आवेदक को अपनी विशेषज्ञता के लिहाज से ट्रेनिंग के औसत स्तर से कहीं अधिक परफॉर्म करने में सक्षम होना चाहिए और अपने फील्डवर्क में अग्रणी होना चाहिए.


लोग EB-1A या EB-2 NIW श्रेणियों के जरिए ग्रीन कार्ड के लिए स्वयं याचिका (self-petition) भी दे सकते हैं, हालाँकि ग्रीन कार्ड हासिल करने में वर्षों लग सकते हैं.

स्टार्टअप करना

जॉब से निकाले जाने के बाद ग्रेस पीरियड के भीतर स्टार्टअप करना निश्चित रूप से आसान नहीं होगा.


बहुत शुरुआती चरण के स्टार्टअप में निवेश करने वाले Marl 5G Accelerator के फाउंडिंग मैनेजिंग पार्टनर प्रकाश गोस्वामी कहते हैं, "स्टार्टअप करना तब तक अनुकूल मार्ग नहीं हो सकता है जब तक कि वे एक प्रोटोटाइप या अवधारणा के प्रमाण पर काम नहीं कर रहे हों, एक इन्वेस्टर ढूंढने के लिए, जिसकी उन्हें आवश्यकता हो. अगर उनके पास कोई आइडिया नहीं है या उन्होंने पहले कुछ भी नहीं बनाया है, तो यह थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, खासकर समय की कमी के कारण.”

भारत या कनाडा

यदि उम्मीदवार भारत में नौकरियों पर विचार कर रहे हैं, तो उन्हें अपनी अपेक्षाओं को कम करना पड़ सकता है, क्योंकि देश में जॉब मार्केट अपनी ही चुनौतियों का सामना कर रहा है.


Ad Astra की निरुपमा का मानना है कि उम्मीदवारों को ऐसी नौकरियां चुननी चाहिए जो उनके प्रोफाइल के अनुकूल हो, मार्केट रेट पर, बजाय एक बड़े इन्क्रीमेंट के, जो "तनावपूर्ण" हो सकता है.


सोनल के अनुसार, कुछ लोग कनाडा शिफ्ट होने की भी तलाश कर रहे हैं, जहां वे लगभग दो साल में परमानेंट रेजीडेंट (PR) और पांच साल के भीतर नागरिक बन सकते हैं. वह कहती हैं कि बहुत सी बड़ी टेक कंपनियों के कनाडा में ऑफिस हैं और वर्क-वाइज बहुत अधिक फ्लेक्सीबिलिटी देते हैं. PR स्टेट्स वाले लोगों को एक से अधिक एम्पलॉयर के साथ काम करने या बिजनेस चलाने की भी अनुमति मिलती है.


मौजूदा संकट नियोक्ताओं और कर्मचारियों दोनों के लिए वास्तविक लक्ष्यों और अपेक्षाओं को निर्धारित करने और किसी भी चीज को हल्के में न लेने के लिए एक वेक-अप कॉल के रूप में आया है. इसने कॉर्पोरेट जगत में संपूर्ण ऊधम-हायर-फायर कल्चर पर भी सवाल उठाए हैं और सहानुभूति और संवेदनशीलता के साथ हालातों से निपटने पर जोर दिया है.