10 फरवरी से शुरू हुआ किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) परिपूर्णता अभियान, केसीसी के बारे में जानें ये जरूरी बातें

  • +0
Share on
close
  • +0
Share on
close
Share on
close

रियायती संस्‍थागत ऋणों तक सभी की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार ने ‘पीएम-किसान’ के सभी लाभार्थियों के लिए मिशन मोड में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) परिपूर्णता अभियान शुरू किया है। ऐसे में इस तरह के सभी किसानों को समय पर पुनर्भुगतान करने पर अधिकतम 4 प्रतिशत की ब्‍याज दर पर फसलों एवं पशु/मत्‍स्‍य पालन के लिए अल्‍पकालिक ऋण प्राप्‍त करने में मदद मिलेगी।


k

सांकेतिक चित्र (फोटो क्रेडिट: IAS Toppers)



यह अभियान 10 फरवरी, 2020 से शुरू हो गया है और इसे 15 दिनों तक चलाया जाएगा। इस संबंध में विस्‍तृत निर्देश सभी राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों की सरकारों, सभी बैंकों के प्रबंध निदेशकों और नाबार्ड के चेयरमैन को जारी किए जा चुके हैं जिनमें केसीसी के तहत पीएम-किसान के ला‍भार्थियों को कवर करने के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया का विस्‍तृत विवरण दिया गया है।


राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों की सरकारों और बैंकों को पीएम-किसान के उन सभी लाभार्थियों की एक सूची तैयार करने की सलाह दी गई है जिनके पास केसीसी नहीं है। यही नहीं, राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों की सरकारों के कृषि, पशुपालन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभागों सहित संबंधित विभागों और पंचायत सचिवों के जरिए इन सभी ला‍भार्थियों से संपर्क साधने की भी सलाह दी गई है। एनआरएलएम योजना के तहत ‘बैंक सखी’ का भी उपयोग पीएम-किसान के लाभार्थियों को प्रेरित करने के लिए किया जाएगा, ताकि वे इस उद्देश्‍य के लिए संबंधित बैंकों की शाखाओं में अवश्‍य जाएं।


k

सांकेतिक चित्र (फोटो क्रेडिट: Hindi Goodreturns)


जैसा कि केसीसी के साथ-साथ ब्याज में रियायत का लाभ अब पशुपालन और मत्स्य पालन किसानों के लिए भी सुनिश्चिति‍ किया गया है, राज्य/केंद्रशासित प्रदेश सरकारों से यह भी अनुरोध किया गया है कि वे ऐसे किसानों पर ध्यान केंद्रित करें और उनके लिए अतिरिक्त केसीसी जारी करने की अनुमति प्रदान करें।


आवेदन में आसानी के लिए निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं -


  • एक पृष्‍ठ का एक सरल फॉर्म इस तरह से तैयार किया गया है कि पीएम किसान के तहत बैंक के रिकॉर्ड से मूल डेटा प्राप्त किया जाएगा और केवल फसल की बुआई के विवरण के साथ भूमि रिकॉर्ड की एक प्रतिलिपि को भरना होगा।


  • एक पृष्‍ठ का फॉर्म पूरे देश के सभी प्रमुख अखबारों में प्रकाशित होने वाले विज्ञापन के साथ उपलब्ध होगा और इसे लाभार्थियों द्वारा काटकर भरा जा सकता है।


  • फार्म सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) के साथ-साथ भारत सरकार के कृषि विभाग, सहकारिता और किसान कल्याण विभाग की वेबसाइट (www.agricoop.gov.in) और पीएम-किसान पोर्टल (www.pmkisan.gov.in) से भी डाउनलोड किया जा सकता है।


  • कॉमन सर्विस सेंटरों (सीएससी) को फॉर्म भरने और संबंधित बैंक शाखाओं में भेजने के लिए अधिकृत किया गया है।


सभी बैंकों को सलाह दी गई है कि वे इस तरह के आवेदनों पर गौर करने के लिए अलग काउंटर बनाएं और आवेदन जमा करने की तारीख से 14 दिनों के अंदर कम से कम समय में नया केसीसी जारी करना या मौजूदा केसीसी सीमा में बढ़ोतरी करना या निष्क्रिय केसीसी को सक्रिय बनाना सुनिश्चित करें।


इस अभियान की प्रगति की निगरानी राज्यों/ केन्द्रशासित प्रदेशों द्वारा दैनिक आधार पर की जाएगी। जिले में परिपूर्णता अभियान के तहत गतिविधियां शीर्ष जिला प्रबंधक और डीडीएम, नाबार्ड के पूर्ण सहयोग के साथ जिला कलेक्टर द्वारा की जाएगी।


केसीसी के अलावा, पीएम किसान लाभार्थियों तथा पात्र किसानों को उनकी सहमति प्राप्त करने के बाद सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) के लिए भी नामांकित किया जाएगा।


ये योजनाएं प्रत्येक मामले में 2 लाख के बीमित मूल्य के लिए क्रमशः 12 रुपये और 330 रुपये के प्रीमियम पर दुर्घटना बीमा और जीवन बीमा उपलब्ध कराती हैं।





  • +0
Share on
close
  • +0
Share on
close
Share on
close

Latest

Updates from around the world

Our Partner Events

Hustle across India