जानिए कैसे अपने मिल्कशेक के साथ प्रोबायोटिक्स को और स्वादिष्ट बनाकर बेच रहा है ये स्टार्टअप

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ricky

आकांक्षा और रिकी


आज के दौर में हमारी व्यस्त जीवनशैली और बढ़ते तनाव के स्तर के कारण पाचन संबंधी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। हमारा खान पान काफी अव्यवस्थित है, जिसमें - शुगर और प्रोसेस्ड फूड की मात्रा ज्यादा रहती है जो हमारे स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है। NCBI की एक रिपोर्ट के अनुसार, 250 मिलियन से अधिक भारतीय एसिडिटी से पीड़ित हैं, और इरीटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS एक प्रकार का आँतों का रोग) से 30 प्रतिशत से अधिक भारतीय आबादी पीड़ित है।


चाहे कोई व्यक्ति स्वास्थ्य के प्रति कितना भी जागरूक क्यों न हो लेकिन, उसे स्वादिष्ट मिठाई या चटपटे स्नैक का सेवन कई बार करना पड़ ही जाता है। जहां गलत जगह पर गलत बैक्टीरिया समस्या पैदा कर सकते हैं, सही जगह पर सही बैक्टीरिया के कई फायदे भी हो सकते हैं। यहां हम बात प्रोबायोटिक्स की कर रहे हैं। ये जीवित सूक्ष्मजीव (microorganisms) हैं जो एक स्वस्थ पाचन तंत्र और प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देते हैं।


दही को प्रोबायोटिक्स का सबसे अच्छा स्रोत कहा जाता है क्योंकि यह प्रोटीन और बैक्टीरिया से भरा होता है जो पाचन को आसान और बेहतर बनाता है। इसके अलावा एक और प्रोबायोटिक है जो इतना पॉपुलर नहीं है। हम बात कर रहे हैं केफिर (Kefir) की - यह एक प्राचीन किण्वित (fermented) पेय है जो कि स्थिरता में दही की तरह ही है, लेकिन यह आंत के स्वास्थ्य के लिए बहुत अधिक फायदेमंद है। केफिर के स्वास्थ्य लाभों को महसूस करने के बाद, दो स्कूली दोस्तों - रिकी मारफातिया (31) और आकांक्षा पटेल (30) ने जनवरी 2019 में केफिर कल्चर शुरू किया। मुंबई स्थित यह स्टार्टअप केफिर-बेस्ड मिल्कशेक बनाता है। यह स्टार्टअप प्रोबायोटिक्स का उपभोग करने के तरीके को फिर से परिभाषित कर रहा है।


आकांक्षा कहती हैं, “दही-बेस्ड ड्रिंक पाचन को अस्थायी राहत प्रदान करता है लेकिन, केफिर में कई लाभदायक खमीर और बैक्टीरिया होते हैं जो आपके पेट के भीतर रहते हैं और आपको इष्टतम पाचन स्वास्थ्य (optimal digestive health) प्रदान करने के लिए उसमें अपना घर बना लेते हैं। यह 99 प्रतिशत लैक्टोज मुक्त है, और यहां तक कि लैक्टोज वाले लोग भी केफिर द्वारा प्रदान किए गए लाभों की लंबी सूची का आनंद ले सकते हैं।” 


फर्स्ट स्टेप

एक शौकीन दही उपभोक्ता, रिकी ने लगभग दो साल पहले प्रोबायोटिक डेयरी के लिए स्वस्थ विकल्पों का पता लगाने का फैसला किया। अपने शोध के दौरान, उनकी निगाहें केफिर पर आकर अटक गईं और इसके लाभों और अद्वितीय स्वाद से काफी प्रभावित हुए। इसलिए, रिकी ने एक वकील बनने की अपनी योजना को पीछे पर रखा, और अपने ब्रांड को लॉन्च करने के लिए हिम्मत लगाकर जुट गए। रिकी पहले से ही कुछ रेस्तरां चला रहे थे इसलिए उनके पास केफिर कल्चर को शुरू करने के लिए फंड था। 


उनकी दोस्त आकांक्षा ने उनके साथ जुड़ने का फैसला किया, क्योंकि उन्हें प्रोडक्ट के निर्माण और मार्केटिंग में दिलचस्पी थी। जहां आकांक्षा मार्केटिंग और विज्ञापन पृष्ठभूमि से थीं तो रिकी एक स्व-घोषित बेकर-ऑन-हार्ट थे। यह जोड़ी केफिर कल्चर के लिए एकदम सही थी। व्यवसाय के सभी प्रभागों का प्रबंधन करने के लिए 25 कर्मचारियों के साथ, संस्थापकों का कहना है कि वे 2020 के अंत तक लगभग 125-150 लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य बना रहे हैं।


लड़खड़ाए लेकिन गिरे नहीं

नए व्यंजनों के साथ विभिन्न प्रयोगों के बाद, उपभोक्ता परीक्षणों को लागू करने और स्वादों को विकसित करने के लिए, इस जोड़ी ने केफिर के साथ विविध स्वाद वाले मिल्कशेक बनाए, और ब्रांड 'केफिर कल्चर' के तहत इसकी मार्केटिंग की। आकांक्षा और रिकी के इस वेंचर की सफलता तो देखी लेकिन उन्हें अपनी यात्रा में कई चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा। आकांक्षा कहती हैं, "जिन दो प्रमुख चुनौतियों का हमने सामना किया, वे मुख्य रूप से कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स और भारत में असंगठित खुदरा क्षेत्र थे।" प्रोडक्ट की नाजुक प्रकृति की समस्या को उनके कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स द्वारा इन-हाउस ले जाकर निपटा गया। इसके अलावा एक दूसरी समस्या भारत में असंगठित खुदरा बाजार क्षेत्र से निपटने की भी थी, जो उन्होंने आधुनिक व्यापार आउटलेट द्वारा इस्तेमाल की गई विधि का पालन करके किया था।


वैसे तो प्रोबायोटिक्स की हर किसी को जरूरत है, लेकिन उनका टार्गेट 'सुपर कंज्यूमर्स’की उभरती हुई प्रवृत्ति को प्राप्त करना था, जो आमतौर पर 28 से 42 वर्ष की आयु के बीच के थे। ये लोग अपनी आय का अधिकतर हिस्सा अपनी जीवन शैली में निवेश करते हैं। संस्थापकों का दावा है कि वे इस टार्गेट ग्रुप के खाने की आदतों को हाई न्यूट्रिशन वैल्यू वाले मिल्कशेक प्रदान करके बदलना चाहते थे। केफिर कल्चर के अनुसार, पायल कोठारी और नैनी सेतलवाड जैसे कई पोषण विशेषज्ञ उसके प्रोडक्ट की वकालत अपने ग्राहकों से करते हैं, खासकर उन लोगों को जो लैक्टोज से पीड़ित हैं, और आईबीएस या एसिड रिफ्लक्स के मरीज हैं।





कैसे बनाता है एक बेहतरीन केफिर शेक

स्टार्टअप के अधिकांश कच्चे माल को स्थानीय स्तर पर इखट्टा किया जाता है, और सबसे आवश्यक इनग्रेडिएंट - दूध - महाराष्ट्र के एक फार्म से खरीदा जाता है। दूध के प्रत्येक बैच को तब टेम्परेचर कंट्रोल स्टेराइल एनवायरनमेंट में दो दिन की मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस के लिए भेजा जाता है। बाद में, इस संसाधित दूध को चार डिग्री तापमान में ठंडा किया जाता है। ’प्राकृतिक’ केफिर तैयार करने के लिए, संस्थापकों ने स्थानीय रूप से 100 प्रतिशत कार्बनिक गाय के दूध का दावा किया है। जैसा कि केफिर जीवित बैक्टीरिया और खमीर का उपयोग करके बनाया जाता है, उनके लिए अपने हाथों का उपयोग करके अपने उत्पाद को अत्यंत सावधानी से बनाना आवश्यक होता है।


केला, स्ट्रॉबेरी, और शहद वेनिला जैसे मिल्कशेक स्टेपल से लेकर 'मेपल दालचीनी’और 'मिक्स्ड बेरी’ जैसे अनोखे फ्लेवर तक, केफिर कल्चर कुछ स्वादिष्ट पेट के अनुकूल मिल्कशेक को तैयार करता है। इन-हाउस रिफर वैन के माध्यम से प्रोडक्ट्स को मुंबई और पड़ोसी जिलों में वितरित किया जाता है, और ग्राहकों को सीधे घर पर बेचा जाता है, या उनकी वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन ऑर्डर किया जा सकता है। आप चाहें तो उनकी वेबसाइट पर सब्सक्रिप्शन मॉडल का विकल्प भी चुन सकता है।


पेट के स्वास्थ्य बाजार में बढ़ते कदम

बढ़ती स्वास्थ्य जागरूकता के लिए प्रोबायोटिक्स की मांग विश्व स्तर पर बढ़ रही है। TechSci रिसर्च के अनुसार, भारत का प्रोबायोटिक बाजार 2020 तक 19.8 प्रतिशत की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ने को तैयार है। 


वर्तमान में बूटस्ट्रैप, केफिर कल्चर का आवर्ती ग्राहक आधार 70 प्रतिशत है। इसके प्राकृतिक स्वाद वाले शेक की कीमत 89 रुपये प्रति बोतल है, और अन्य स्वादों की कीमत 99 रुपये है। यह मार्कअप रिवेन्यू मॉडल को फॉलो करता है, और उत्पादों को खुदरा स्टोरों और ग्राहकों को सीधे दोनों के माध्यम से बेचा जाता है। हालांकि, संस्थापक का दावा है कि जब उनके ग्राहकों को सीधे बेचा जाता है तो उनका राजस्व अधिक होता है। इस साल फरवरी में, केफिर कल्चर की मासिक बिक्री 2,50,000 रुपये के पार हो गई, और यह अगले छह महीनों के अंत तक लगभग 7,50,000 रुपये की बिक्री का लक्ष्य है। कैलेंडर वर्ष के शेष महीनों के लिए, इसकी अनुमानित वृद्धि दर 40-45 प्रतिशत है। अगले वित्तीय वर्ष तक, मालिकों का कहना है कि वे बाहरी फंडिंग पर ध्यान देंगे।


केफिर कल्चर एमओ के सुपरफूड्स के साथ प्रतिस्पर्धा करता है। मिल्कशेक बाजार में काम करने वाले अन्य प्लेयर्स में केवेंटर्स, फ्रोजन बॉटल आदि शामिल हैं। आकांक्षा कहती हैं, "हमारी तात्कालिक योजना केफिर के बारे में जागरूकता और शिक्षित करना है और कई टच पॉइंट्स के माध्यम से इसके लाभों को शामिल करना है - जिसमें पीआर, पोषण विशेषज्ञ और डॉक्टर्स, ट्रेड शो और पॉप-अप आदि के माध्यम से संबद्ध कार्यक्रम शामिल हैं। हमारी राय में, कैटेगरी पहले आती है और अगर हम कैटेगरी बढ़ाते हैं, तो प्रोडक्ट और ब्रांड इसके साथ बढ़ने की संभावना है।"


केफिर कल्चर का अगला मुख्य लक्ष्य पूरे महाराष्ट्र को कवर करना है। यह इस साल के अंत तक दिल्ली और बेंगलुरु में शाखा लगाने की भी योजना बना रहा है।





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