अब टेक्स्ट से वीडियो बनाना हुआ आसान, Meta ने लॉन्च किया 'Make A Video' फीचर

By रविकांत पारीक
October 04, 2022, Updated on : Tue Oct 04 2022 09:21:38 GMT+0000
अब टेक्स्ट से वीडियो बनाना हुआ आसान, Meta ने लॉन्च किया 'Make A Video' फीचर
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क्रिएटर इकॉनमी के दौर में वीडियो का चलन लगातार बढ़ता जा रहा है. अब मेटा (पहले फेसबुक) ने एक ऐसा सिस्टम बनाया है जिससे टेक्सट से वीडियो बनाने में आसानी होगी. मेक-ए-वीडियो (Make A Video) एक नई आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) टेक्नोलॉजी है जो लोगों को टेक्स्ट सुझावों को छोटे, हाई-क्वालिटी वाले वीडियो में तब्दील करने देती है. मेक-ए-वीडियो मेटा एआई के जनरेटिव तकनीकों पर शोध में हाल के विकास को आगे बढ़ाता है. यह मल्टीमॉडल जनरेटिव एआई तकनीक यूजर्स को उनके द्वारा बनाए गए AI-जनरेटेड कंटेंट पर अधिक कंट्रोल की अनुमति देती है.


मेक-ए-वीडियो, मेक-ए-सीन का फॉलोअप है. मेक-ए-सीन को पिक्चर वाली किताबों के लिए सही ग्राफिक्स और आर्टवर्क तैयार करने के लिए शब्दों, टेक्स्ट की लाइन और फ़्रीफ़ॉर्म स्केच का उपयोग करने के लिए बनाया गया था.


मेक-ए-वीडियो मॉडल T2I का उपयोग यह समझने के लिए करता है कि टेक्स्ट और वीडियो एनवायरमेंट कैसे बिना किसी सुपरविजन के काम करते हैं. रियल मोशन जानने के लिए, कैसे लेबल रहित वीडियो डेटा का उपयोग करता, इसके बारे में भी पता चलता है. मेक-ए-वीडियो टेक्स्ट से टेक्स्ट-वीडियो डेटा का उपयोग किए बिना सामूहिक रूप से वीडियो तैयार करता है.


इंटरनेट ने HTML पेजेज से अरबों (ऑल्ट-टेक्स्ट, इमेज) के कलेक्शन को सुविधाजनक बनाकर टेक्स्ट-टू-पिक्चर (T2I) मॉडलिंग में हालिया प्रगति को सक्षम किया है. हालाँकि, एक तुलनीय-आकार (टेक्सट, वीडियो) डेटासेट को आसानी से कलेक्ट नहीं किया जा सकता है, वीडियो के लिए इस उपलब्धि की नकल करना विवश है. चूंकि पहले से ही टेक्स्ट-टू-वीडियो (T2V) मॉडल हैं, इसलिए उन्हें शुरू से ही प्रशिक्षित करना व्यर्थ होगा. कुछ मॉडल इमेजेज तैयार कर सकते हैं. इसके अलावा, नेटवर्क बिना सुपरविजन लर्निंग के काम कर सकते हैं.


जैसा कि नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) ने हाल के वर्षों में प्रगति की है, इस तरह से प्री-ट्रेन्ड मॉडल केवल नियंत्रित तरीके से प्रशिक्षित मॉडल की तुलना में कहीं बेहतर प्रदर्शन करते हैं.


इसमें क्रिएटर्स और आर्टिस्ट्स को नए अवसरों तक पहुंच प्रदान करने की क्षमता है. एल्गोरिथ्म बताती है कि बिना किसी टेक्सट के वीडियो फुटेज से दुनिया कैसे चलती है और टेक्स्ट-इमेज को जोड़ने से दुनिया कैसी दिखती है.


मेक-ए-वीडियो रिसर्च के पारदर्शिता स्तर को बढ़ाते हुए सार्वजनिक रूप से सुलभ डेटासेट का उपयोग करता है. वे अपने इनपुट के लिए खुले तौर पर अपने AI रिसर्च और निष्कर्षों को जनता के सामने प्रकट करते हैं. वे इस नई तकनीक से निपटने के लिए हमारी रणनीति को बेहतर बनाने और विकसित करने के लिए अपने नैतिक AI फ्रेमवर्क का उपयोग करते रहेंगे.