देश के अन्नदाताओं को मोदी सरकार ने दी बड़ी सौगात, इन 17 फसलों पर बढ़ाई MSP

By रविकांत पारीक
June 08, 2022, Updated on : Sat Aug 13 2022 13:28:29 GMT+0000
देश के अन्नदाताओं को मोदी सरकार ने दी बड़ी सौगात, इन 17 फसलों पर बढ़ाई MSP
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार द्वारा 17 फसलों पर MSP बढ़ाने के निर्णय के बारे में जानकारी दी. सरकार के इस फैसले के साथ ही कृषि बजट बढ़कर 1 लाख 26 हजार करोड़ रुपये हो गया है.
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

केंद्र सरकार ने 17 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price - MSP) बढ़ाने का निर्णय लिया है. केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात की घोषणा है. सरकार के इस फैसले के साथ ही कृषि बजट बढ़कर 1 लाख 26 हजार करोड़ रुपये हो गया है. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि हमारी सरकार कई फसलों को MSP के दायरे में लेकर आई है. बीमा से सिंचाई तक हर कदम पर सशक्तीकरण हुआ है. कृषि क्षेत्र में कई कदम उठाए गए हैं.


कॉन्फ्रेंस में घोषणा करते हुए केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, "आज की बैठक में खरीफ की 14 फसलों के लिए MSP बढ़ाने का निर्णय लिया गया. पिछले साल जो तय किया गया कि लागत प्लस 50 प्रतिशत, उसे हमने लगातार आगे बढ़ाया है. किसान सम्मान निधि के तहत 2 लाख करोड़ खाते में जा चुका है. फर्टिलाइजर पर 2 लाख 10 हज़ार करोड़ की सब्सिडी दी गयी है."


इस घोषणा के साथ ही अनुराग ठाकुर ने कहा है कि मोदी सरकार पिछले 8 सालों से किसानों के जीवन स्तर को सुधारने का प्रयास कर रही है और अब तक सरकार ने फसलों की खरीद पर किसानों को लगभग 50 फीसदी की MSP दी जा रही है और इसे सरकार किसानों के हितों को देखते हुए जारी रखेगी.

इन फसलों की MSP में इजाफा

मोदी सरकार ने धान (सामान्य), धान (ग्रेड ए), ज्वार (हायब्रिड), ज्वार (मालदंडी), बाजरा, रागी, मक्का, तूर (अरहर), मूंग, उड़द, मूंगफली, सूरजमुखी बीज, सोयाबीन (पीला), तिल, रामतिल, कपास (मध्यम रेशा), कपास (लंबा रेशा) की फसलों पर MSP बढ़ाई है.

क्या होती है MSP ?

MSP वह न्यूनतम मूल्य है जिस पर सरकार, किसानों से फसल खरीदती है. आसान भाषा में कहें तो सरकार, किसान से खरीदी जाने वाली फसल पर उसे जो पैसे चुकाती है, वही MSP होता है. इससे नीचे किसानों को उनकी फसलों के लिए भुगतान नहीं किया जाता.