RBI ने रेपो रेट 0.50% बढ़ाया, लोन EMI डालेगी जेब पर ज्यादा बोझ

By Ritika Singh
June 08, 2022, Updated on : Wed Jun 08 2022 06:14:53 GMT+0000
RBI ने रेपो रेट 0.50% बढ़ाया, लोन EMI डालेगी जेब पर ज्यादा बोझ
इससे पहले RBI मई माह में बिना किसी तय कार्यक्रम के हुई मौद्रिक नीति समिति की बैठक में रेपो रेट को 0.40% बढ़ाकर 4.40% कर चुका था.
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

मुद्रास्फीति (Inflation) में कमी के कोई संकेत न दिखाई देने के चलते भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नीतिगत दरों (RBI Repo Rate) को और बढ़ा दिया है. RBI की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक (Monetary Policy Review Meeting) में इस बारे में फैसला लिया गया. रेपो रेट में 0.50 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है और इसके बाद अब रेपो रेट 4.90 प्रतिशत हो गई है. मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक 6 जून को शुरू हुई थी.


RBI गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) पहले ही इसके संकेत दे चुके थे. दास ने हाल ही में एक टीवी इंटरव्यू में कहा था, ‘रेपो रेट्स में कुछ बढ़ोतरी होगी, लेकिन अभी मैं नहीं बता पाऊंगा कि यह कितनी होगी.’ इससे पहले RBI मई माह में बिना किसी तय कार्यक्रम के हुई मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में रेपो रेट को 0.40 प्रतिशत बढ़ाकर 4.40 प्रतिशत कर चुका था.

बढ़ सकती है लोन EMI

रेपो रेट में ताजा वृद्धि के बाद आपकी लोन EMI और बढ़ सकती है. रेपो रेट वह दर होती है, जिस पर RBI, बैंकों को कर्ज देता है. रेपो रेट बढ़ने के बाद बैंक अपनी कर्ज दरों को बढ़ा सकते हैं, जिससे होम लोन, व्हीकल लोन, पर्सनल लोन की EMI बढ़ने की संभावना है.

वृद्धि दर और महंगाई को लेकर क्या अनुमान

RBI ने चालू वित्त वर्ष (2022-23) के लिए 7.2 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को कायम रखा है. केंद्रीय बैंक का कहना है कि शहरी मांग में सुधार देखने को मिला है, ग्रामीण मांग की स्थिति भी धीरे-धीरे बेहतर हो रही है, जिसके मद्देनजर वृद्धि दर के अनुमान में बदलाव नहीं किया गया है. महंगाई को लेकर कहा गया कि महंगाई दर चालू वित्त वर्ष की पहली तीन तिमाहियों में 6 प्रतिशत से ऊपर बने रहने की आशंका है. RBI मौद्रिक नीति पर विचार करते समय मुख्य रूप से खुदरा महंगाई दर को ध्यान में रखता है. खुदरा मुद्रास्फीति अप्रैल में 8 साल के उच्च स्तर 7.79 प्रतिशत पर रही. यह केंद्रीय बैंक के संतोषजनक स्तर से कहीं अधिक है. आरबीआई को खुदरा महंगाई 2 से 6 प्रतिशत के दायरे में रखने की जिम्मेदारी मिली हुई है. RBI ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए महंगाई के अनुमान को बढ़ाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया है. पहले इसे 5.7 प्रतिशत रखा गया था. RBI गवर्नर ने कहा कि सामान्य मानसून और सरकार के उपायों से महंगाई नीचे आएगी.