मस्क ने भारत में Twitter के 80% कर्मचारियों को निकाला, मार्केटिंग और कम्यूनिकेश की पूरी टीम का सफाया

By yourstory हिन्दी
November 05, 2022, Updated on : Sat Nov 05 2022 12:17:53 GMT+0000
मस्क ने भारत में Twitter के 80% कर्मचारियों को निकाला, मार्केटिंग और कम्यूनिकेश की पूरी टीम का सफाया
सूत्रों ने कहा कि कंटेंट, इंजीनियरिंग, सेल्स और मार्केटिंग और कम्यूनिकेशन टीमों में छंटनी की गई है. हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि भारत में नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों को क्षतिपूर्ति के तौर पर कितना भुगतान किया गया है.
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

दुनिया के सबसे अमीर अमेरिकी कारोबारी एलन मस्क (Elon Musk) के हाथों में आने के बाद ट्विटर Twitter ने दुनियाभर में फैले अपने वर्कफोर्स में कमी करने की योजना के तहत भारत में अपने करीब 80 फीसदी कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. इस छंटनी से पहले भारत में कंपनी के 200 से अधिक कर्मचारी काम रहे थे. इकॉनमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ट्विटर ने भारत में अपने कुल 230 कर्मचारियों में से 180 को नौकरी से निकाला है.


सूत्रों ने कहा कि कंटेंट, इंजीनियरिंग, सेल्स और मार्केटिंग और कम्यूनिकेशन टीमों में छंटनी की गई है. हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि भारत में नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों को क्षतिपूर्ति के तौर पर कितना भुगतान किया गया है.


सूत्रों ने कहा कि भारत में पूरे मार्केटिंग और कम्यूनिकेशन विभाग को बर्खास्त कर दिया गया है. ट्विटर इंडिया के एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, ‘‘छंटनी शुरू हो गई है. मेरे कुछ सहयोगियों को इस बारे में ईमेल से सूचना मिली है.’’


एक अन्य सूत्र ने कहा कि छंटनी ने भारतीय टीम के ‘महत्वपूर्ण हिस्से’ को प्रभावित किया है. हालांकि, अभी छंटनी का पूरा ब्योरा नहीं मिला है. ट्विटर इंडिया ने इस संबंध में ईमेल के जरिये किए गए सवालों का जवाब खबर लिखे जाने तक नहीं दिया था.

मस्क ने फैसले का बचाव किया

ट्विटर में बड़े पैमाने पर छंटनी के बाद, मस्क ने अपने फैसले का बचाव किया है। एक ट्वीट में उन्होंने लिखा कि ऐसे समय में जब कंपनी रोजाना रीब 33 करोड़ रुपये गंवा रही है तब दुर्भाग्य से कोई विकल्प नहीं रह जाता है.


उन्होंने कहा कि नौकरी से निकाले जाने वालों को तीन महीने की मुआवजे की पेशकश की गई, जो कानूनी रूप से आवश्यक से 50 फीसदी अधिक है.

बेहद जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों की नौकरी फिलहाल बची

सूत्रों ने कहा कि ट्विटर इंडिया की टीम में ज्यादातर वही लोग बचे हुए हैं जो बेहद जरूरी मेंटेनेंस कार्यों के साथ-साथ सरकारी संपर्क कार्यों पर काम करते हैं. एक कर्मचारी ने कहा कि इन कर्मचारियों को फिलहाल के लिए नहीं निकाला गया है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जल्द ही उनकी भूमिका पर फैसला करेगा.


ट्विटर ने पहले कर्मचारियों को एक आंतरिक ईमेल में कहा था, "ट्विटर को रास्ते पर लाने के प्रयास में हम शुक्रवार को अपने वैश्विक कार्यबल को कम करने की कठिन प्रक्रिया से गुजरेंगे. सभी को एक व्यक्तिगत ईमेल प्राप्त होगा."


कंपनी कर्मचारियों की सुरक्षा के साथ-साथ ट्विटर सिस्टम और ग्राहक डेटा के लिए सभी कार्यालयों को अस्थायी रूप से बंद कर देगी. ट्विटर ने कहा था, 'अगर आप ऑफिस में हैं या ऑफिस जा रहे हैं तो कृपया घर लौट आएं.'


मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि दुनियाभर में ट्विटर ने शुक्रवार को अपने 50 फीसदी कर्मचारियों की छंटनी की है. सोशल मीडिया कंपनी ने कार्यालयों के प्रवेश द्वार पर रोक लगाने और रातों-रात आंतरिक प्रणालियों तक कर्मचारियों के एक्सेस को बंद करने के बाद ईमेल द्वारा कर्मचारियों को उनकी नौकरी की स्थिति के बारे में जानकारी दी.

ट्विटर की कमान संभालते ही मस्क ने सीईओ को निकाल दिया था

बता दें कि, दुनिया के सबसे धनी कारोबारी एलन मस्क ने पिछले हफ्ते ट्विटर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पराग अग्रवाल के साथ ही मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) और कुछ अन्य शीर्ष अधिकारियों को निकाल दिया था.


उन्होंने 44 अरब डॉलर में ट्विटर का अधिग्रहण करने के तुरंत बाद ऐसा किया. इस बीच, शीर्ष प्रबंधन के कई लोगों ने इस्तीफा दे दिया.

दरअसल, मस्क ने अब कंपनी के वैश्विक कार्यबल को कम करने के लिए बड़े पैमाने पर छंटनी शुरू की है.


मस्क के ट्विटर के अधिग्रहण से पहले ही इस तरह की चर्चा थी कि वह सोशल मीडिया कंपनी में कर्मचारियों की संख्या में कटौती करेंगे. कुछ खबरों में तो यहां तक कहा गया है कि वह कर्मचारियों की संख्या में 75 प्रतिशत तक कमी करेंगे.

ट्विटर के घाटे के लिए एक्टिविस्टों को ठहराया जिम्मेदार

इस बीच, मस्क ने कंपनी की आय में कमी के लिए ‘एक्टिविस्ट’ को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘एक्टिविस्ट समूह ने विज्ञापनदाताओं पर भारी दबाव बनाया, जिससे ट्विटर की आय में भारी कमी हुई. यहां तक कि सामग्री की निगरानी से भी कुछ नहीं बदला. हमने एक्टिविस्ट को खुद करने के लिए सबकुछ किया. वे अमेरिका में अभिव्यक्ति की आजादी को कुचलने की कोशिश कर रहे हैं.’’


Edited by Vishal Jaiswal