अब डॉक्टर और हेल्थकेयर वर्कर्स कोविड वार्ड में नहीं होंगे परेशान, इस लड़के ने बना दी खास स्मार्ट फेसशील्ड

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कोरोना महामारी ने आम लोगों के साथ ही बड़ी संख्या में डॉक्टर और हेल्थकेयर वर्कर्स को भी प्रभावित किया है और इस दौरान डॉक्टर और हेल्थकेयर वर्कर्स के लिए फेसशील्ड को संक्रमण से बचाव के सबसे प्रभावी माध्यम के रूप में भी देखा गया है। हालांकि अब फेस शील्ड के जरिये डॉक्टर और हेल्थकेयर को अधिक प्रभावी ढंग से सुरक्षा देने के लिए रेवाड़ी के एक लड़के ने काफी सराहनीय अविष्कार किया है।

रेवाड़ी के हार्दिक कुमार देवान ने डॉक्टर और हेल्थकेयर वर्कर्स के लिए एक खास स्मार्ट फेस शील्ड तैयार की है जिसे उन्होने को-टर्मिनेटर शील्ड का नाम दिया है। दसवीं के छात्र हार्दिक ने कोविड वार्ड में ड्यूटी करने के दौरान डॉक्टर और हेल्थकेयर वर्कर्स के सामने आ रही समस्याओं के बारे में गहन रिसर्च कर अपने इस स्मार्ट फेस शील्ड को तैयार किया है।

हार्दिक ने इस खास स्मार्ट शील्ड को 6 महीने के परिश्रम के बाद तैयार किया है और अब वे इसे पेटेंट भी करवा चुके हैं।

नहीं होगा पसीना और सफ़ोकेशन

आम फेस शील्ड को लंबे समय तक पहने रहने के चलते मेडिकल स्टाफ को पसीने और सफ़ोकेशन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जबकि हार्दिक ने अपनी बनाई स्मार्ट फेसशील्ड से इस समस्या को हल निकाल लिया है। न्यूज़ एजेंसी एएनआई से हार्दिक ने इस स्मार्ट फेस शील्ड की खूबियों के बारे में बात की है।

हार्दिक ने बताया है कि इस फेस शील्ड की शेल के पिछले हिस्से में एक पाइप दिया गया है जिसे कूलर से जोड़ा जा सकता है। इस कूलर के जरिये शील्ड के भीतर एक स्वच्छ और ठंडी हवा को अंदर भेजा जाएगा। इसके लिए हार्दिक ने खास कूलर भी विकसित किया है जिसका आकार छोटा है और इसे आसानी से साथ में रखा जा सकता है।

खास है इसका कूलर

कूलर के भीतर हार्दिक ने एक आइस जेल पैक का इस्तेमाल किया है, जिसका उद्देश्य नमी को नियंत्रित करना और इसके जरिये फेस शील्ड के अंदर की नमी भाप नहीं बन पाएगी। इसी के साथ इसमें एक आयोनाइजर का भी इस्तेमाल किया गया है और इसे आसानी से गले में पहना जा सकता है।

हार्दिक के अनुसार यह आयोनाइजर पॉज़िटिव और निगेटिव आयन के चार्ज को संतुलित रख सकता है और इससे 3 से 6 फीट की दूरी तक व्यक्ति को वायरस या बैक्टीरिया के हमले से बचाया जा सकता है। अभी इस स्मार्ट फेस शील्ड का वजन करीब 300 ग्राम है लेकिन हार्दिक इसे छोटा और हल्का बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

करा लिया है पेटेंट

हार्दिक ने इस खास स्मार्ट शील्ड को 6 महीने के परिश्रम के बाद तैयार किया है और अब वे इसे पेटेंट भी करवा चुके हैं। इसे जल्द ही बड़े पैमाने पर डॉक्टर और हेल्थकेयर वर्कर्स द्वारा इस्तेमाल किया जा सके इसके लिए हार्दिक अब इसे आईसीएमआर के समक्ष भी रजिस्टर करवाने की ओर बढ़ रहे हैं।

यह स्मार्ट शील्ड एंटी फॉग वाइजर, इमरजेंसी बटन के साथ ही मोबाइल ऐप के जरिये भी कनेक्ट होने में सक्षम है। हार्दिक के अनुसार वे सेना जवानों के लिए भी एक अन्य खास फेस शील्ड विकसित करने पर काम कर रहे हैं जो बुलेट प्रूफ होगी। गौरतलब है कि तकनीक और प्रोद्योगिकी में दिलचस्पी रखने वाले इसके पहले भी सोशल नेटवर्किंग ऐप जैसी कई चीजें विकसित कर चुके हैं।

Edited by Ranjana Tripathi