देश के इस राज्य में भी जल्द शुरू होने वाला है 'अनाज ATM'

By Ritika Singh
July 20, 2022, Updated on : Wed Jul 20 2022 12:11:44 GMT+0000
देश के इस राज्य में भी जल्द शुरू होने वाला है 'अनाज ATM'
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को सेवा का लाभ उठाने के लिए एक विशेष कार्ड दिया जाएगा.
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ओडिशा (Odisha) में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत लाभार्थियों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए ‘ऑल टाइम ग्रेन’ (All Time Grain) मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा. पीटीआई भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण मंत्री अतनु एस. नायक ने बुधवार को यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि एटीजी मशीन, एटीएम की तरह होंगी, लेकिन इनके जरिए खाद्यान्न प्रदान किया जाएगा.


प्रारंभिक चरण में शहरी इलाकों में यह सुविधा शुरू की जाएगी. उन्होंने आगे कहा कि सबसे पहले यह सुविधा भुवनेश्वर में उपलब्ध कराई जाएगी. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को सेवा का लाभ उठाने के लिए एक विशेष कार्ड दिया जाएगा. नायक का कहना है कि ओडिशा सरकार इस बारे में एक प्लान की रूपरेखा पर काम कर रही है. एटीजी कियोस्क भुवनेश्वर शहर के विभिन्न इलाकों में खोले जाएंगे.

गुरुग्राम में शुरू हुआ था भारत का पहला फूडग्रेन एटीएम

भारत का पहला फूडग्रेन एटीएम हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम के फारुखनगर में जुलाई 2021 में लगाया था. यह गेहूं, चावल और बाजरा उपलब्ध कराता है. गुरुग्राम के फूडग्रेन एटीएम को अन्नपूर्ति नाम दिया गया है. एक मशीन 5—7 मिनट में 70 किलोग्राम अनाज वितरित कर सकती है. इसके अलावा जून 2022 में उत्तराखंड खाद्य विभाग ने भी फूडग्रेन एटीएम स्कीम शुरू करने की घोषणा की थी. उत्तराखंड के फूडग्रेन एटीएम से राशन कार्डधारक गेहूं, चावल और दाल पा सकेंगे. इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू किया जा रहा है. पात्र लोगों का इसके लिए भी एटीएम कार्ड के जैसे एक कार्ड बनेगा.

छोटे किसानों को ब्याज फ्री 1 लाख तक का लोन

एक खबर यह भी है कि ओडिशा सरकार ने छोटे और सीमांत किसानों को बिना किसी ब्याज के 1 लाख रुपये तक का कृषि ऋण प्रदान करने का निर्णय लिया है. मंत्री ने कहा कि इससे पहले इसी श्रेणी के किसानों को 50,000 रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण मिल रहा था. इसके अलावा, सरकार ने 1 लाख से 3 लाख रुपये के बीच कृषि ऋण पर केवल 2 प्रतिशत ब्याज वसूलने का भी फैसला किया है. उन्होंने कहा कि 32 लाख छोटे और सीमांत किसानों को इससे लाभ मिलेगा.