पद्मश्री पुरस्कार विजेता ने समाजसेवा में दान कर दिया गिफ्ट में मिला हेलिकॉप्टर

पद्मश्री पुरस्कार विजेता ने समाजसेवा में दान कर दिया गिफ्ट में मिला हेलिकॉप्टर

Friday February 04, 2022,

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हाल ही में पद्मश्री से सम्मानित किए गए एक शख्स ने एक बार फिर से अपने फैसले को लेकर लोगों का दिल जीत लिया है। पद्म श्री से सम्मानित किए गए सावजी ढोलकिया को एक हेलिकॉप्टर बतौर गिफ्ट मिला था, लेकिन उन्होने इस हेलिकॉप्टर को भी लोगों की सेवा के लिए दान कर दिया है।

हरि कृष्ण हीरा कंपनी के मालिक सावजी ढोलकिया द्वारा लिए गए इस कदम के बाद चारों तरफ लोग उनकी तारीफ कर रहे हैं। मालूम हो कि देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित किए जाने के बाद उनके परिवार द्वारा उन्हे यह हेलिकॉप्टर उपहार स्वरूप दिया गया था।

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सावजी के अनुसार उन्हे नहीं पता था कि उनके परिवार ने उन्हें इतना बड़ा गिफ्ट देने का प्लान किया हुआ है और वे परिवार द्वारा दिये गए इस गिफ्ट को अस्वीकार भी नहीं करना चाहते थे, हालांकि उन्होने पूरे दिल से इसे समाज सेवा के लिए दान किया है।

50 करोड़ है हेलिकॉप्टर की कीमत

सावजी ढोलकिया ने सूरत में चिकित्सा और इसी के साथ अन्य आपात स्थितियों में लोगों की सेवा के उद्देश्य से इस हेलिकॉप्टर को दान किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दान किए गए इस हेलिकॉप्टर की कीमत 50 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, सावजी ने बताया है कि वे काफी समय से सूरत के लोगों को एक हेलिकॉप्टर गिफ्ट करने की योजना बना रहे थे और ऐसे में जब उन्हें उनके परिवार द्वारा ये खास गिफ्ट मिला तो उन्होने बिना किसी देर के जनता की सेवा को ध्यान में रखते हुए अपने फैसले की घोषणा कर दी।

सावजी के अनुसार उन्हे नहीं पता था कि उनके परिवार ने उन्हें इतना बड़ा गिफ्ट देने का प्लान किया हुआ है और वे परिवार द्वारा दिये गए इस गिफ्ट को अस्वीकार भी नहीं करना चाहते थे, हालांकि उन्होने पूरे दिल से इसे समाज सेवा के लिए दान किया है।

कौन हैं सावजी ढोलकिया?

सावजी ढोलकिया को सौराष्ट्र के अमरेली जिले स्थित लाठी तालुका में अपने पैतृक स्थान पर 75 से अधिक तालाबों के निर्माण का श्रेय जाता है। इन सभी तालाबों का निर्माण बंजर सरकारी ज़मीनों पर करवाया गया है। गौरतलब है कि कुछ समय पहले उन्होने अपनी कंपनी में काम कर रहे कर्मचारियों को 500 कारें, 280 घर और 471 आभूषण सेट बतौर गिफ्ट बांटे थे। मालूम हो कि कर्मचारियों ये गिफ्ट लॉयल्टी प्रोग्राम के तहत मिले थे।

साल 1977 में एक बस में सवार होकर महज 12 रुपये लेकर सूरत आए सावजी आज हीरा उद्योग के जाने-माने नाम हैं। सावजी की कंपनी की बात करें तो इसमें करीब 55 सौ से अधिक कर्मचारी हैं और इसका टर्नोवर 6 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक का है।

सावजी ने सूरत में अपने चाचा के हीरा व्यवसाय में काम करना शुरू किया था और 10 साल तक कठिन परिश्रम करने के बाद उन्होंने 1992 में अपनी कंपनी की नींव रखी थी।  

वर्तमान में सावजी ढोलकिया की कंपनी मुंबई से तैयार हीरे को अमेरिका, बेल्जियम, यूएई, हांगकांग और चीन में सहयोगी कंपनियों के अलावा 50 से अधिक देशों को सीधे निर्यात करती है।


Edited by Ranjana Tripathi