आरबीआई ने 8 सहकारी बैंकों पर लगाया जुर्माना, जानिए ग्राहकों पर क्या होगा असर?

आरबीआई ने कहा कि यह जुर्माना नियामक अनुपालन में कमियों के कारण लगाया गया है और यह बैंकों द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेन-देन या समझौते की वैधता पर सवालिया निशान नहीं लगाता है.

आरबीआई ने 8 सहकारी बैंकों पर लगाया जुर्माना, जानिए ग्राहकों पर क्या होगा असर?

Tuesday August 09, 2022,

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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कई नियमों के उल्लंघन के मामले में आठ सहकारी बैंकों पर जुर्माना लगाया है. गुजरात के मेहसाणा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक पर 40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है.

रिजर्व बैंक के अनुसार, मेहसाणा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक पर भारतीय रिजर्व बैंक (सहकारी बैंक – जमा पर ब्याज दर) निर्देश, 2016 के कुछ प्रावधानों का अनुपालन नहीं करने पर जुर्माना लगाया गया है.

केंद्रीय बैंक ने सोमवार को बयान में कहा कि ऋण मानदंडों से संबंधित कुछ प्रावधानों के उल्लंघन के लिए महाराष्ट्र के इंदापुर शहरी सहकारी बैंक, इंदापुर पर सात लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है.

वहीं, महाराष्ट्र के वरुद अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक, वरुद, मध्य प्रदेश के जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, छिंदवाड़ा और महाराष्ट्र के यवतमाल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक, यवतमाल पर अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) मानदंडों में उल्लघंन को लेकर जुर्माना लगाया है.

इसके अलावा कुछ केवाईसी प्रावधानों का पालन न करने पर छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित, रायपुर पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. इसके अलावा गुना के एक सहकारी बैंक तथा पणजी के गोवा राज्य सहकारी बैंक पर भी जुर्माना लगाया गया है.

हालांकि, आरबीआई ने कहा कि यह जुर्माना नियामक अनुपालन में कमियों के कारण लगाया गया है और यह बैंकों द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेन-देन या समझौते की वैधता पर सवालिया निशान नहीं लगाता है.

बता दें कि, आरबीआई ने पांच सहकारी बैंकों की बिगड़ती वित्तीय स्थिति को देखते हुए उन पर धन निकासी सहित कई प्रतिबंध लगाए हैं.

जयप्रकाश नारायण नगरी सहकारी बैंक, बासमतनगर में मौजूद खातों से जमाकर्ता राशि नहीं निकाल पाएंगे. इसके अलावा द करमाला अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक, सोलापुर के जमाकर्ता अपने खातों से केवल 10,000 रुपये ही निकाल सकते हैं. दुर्गा को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक, विजयवाड़ा के ग्राहक अपनी जमा राशि से 1.5 लाख रुपये तक निकाल सकते हैं.

वहीं, लखनऊ शहरी सहकारी बैंक के ग्राहक 30,000 रुपये से ज्यादा की निकासी नहीं कर पाएंगे. दूसरी ओर शहरी सहकारी बैंक लिमिटेड, सीतापुर के मामले में निकासी की सीमा प्रति ग्राहक 50,000 रुपये है. दोनों बैंक आरबीआई की अनुमति के बिना कर्ज नहीं दे सकते हैं और कोई निवेश नहीं कर सकते हैं.

इससे पहले भी आरबीआई ने कई सहकारी बैंकों पर पाबंदी लगाई है. केंद्रीय बैंक ने हाल में मुंबई के रायगढ़ सहकारी बैंक पर कुछ प्रतिबंध लगाए थे. साथ ही महाराष्ट्र के नाशिक जिला गिरना सहकारी बैंक और कर्नाटक के मल्लिकार्जुन पत्तन सहकारी बैंक पर भी पाबंदिया लगाई थीं. इन बैंकों की वित्तीय सेहत खराब होने के चलते भारतीय रिजर्व बैंक ने यह कदम उठाया था.

आरबीआई की तरफ से समय-समय पर बैंकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती रही है. बैंकों पर नियमों का उल्लंघन करने और दूसरी वजहों से ऐसी कार्रवाई होती है.

हाल ही में कुछ नेशनलाइज्ड बैंकों पर भारी जुर्माना लगाया गया है. इनके कामकाज में कई तरह की कमियां पाई गई थी. इसलिए केंद्रीय बैंक ने उन पर जुर्माना लगाया है.