खुदरा महंगाई के मोर्चे पर राहत, जून में घटकर 7.01% पर

By yourstory हिन्दी
July 12, 2022, Updated on : Tue Jul 12 2022 18:42:21 GMT+0000
खुदरा महंगाई के मोर्चे पर राहत, जून में घटकर 7.01% पर
जून महीने में खुदरा महंगाई में कमी की प्रमुख वजह, क्रूड और खाने के तेल की कीमतों में नरमी रही.
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देश में खुदरा महंगाई (Retail Inflation) के मोर्चे पर थोड़ी राहत भरी खबर है. जून 2022 में खुदरा महंगाई घटकर 7.01% पर आ गई. मई महीने में यह 7.04% पर थी. जून 2021 में खुदरा महंगाई 6.26% के स्तर पर थी. RBI को खुदरा मुद्रास्फीति 2 से 6 प्रतिशत के बीच रखने की जिम्मेदारी मिली हुई है. लेकिन पिछले लगातार 6 माह से खुदरा महंगाई, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के संतोषजनक स्तर से ऊपर बनी हुई है. इससे आने वाले दिनों में केंद्रीय बैंक (Reserve Bank of India) प्रमुख नीतिगत दर में वृद्धि कर सकता है. केंद्रीय बैंक मौद्रिक नीति पर विचार करते समय मुख्य रूप से खुदरा महंगाई दर पर गौर करता है.


जून महीने में खुदरा महंगाई में कमी की प्रमुख वजह, क्रूड और खाने के तेल की कीमतों में नरमी रही. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, खाद्य महंगाई जून में 7.75% पर आ गई, जो मई 2022 में 7.97% पर थी. मुख्य रूप से तेल और वसा के दाम में कमी से खाद्य महंगाई में मामूली गिरावट आई. जून में सब्जियों की खुदरा महंगाई बढ़कर 17.37% पर पहुंच गई, वहीं दालों के मामले में यह घटकर जून में 1.02% रह गई. फ्यूल व लाइट की खुदरा महंगाई जून में बढ़कर 10.39% पर पहुंच गई, जो मई में 9.54% थी.

औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े

औद्योगिक उत्पादन मई में 19.6 प्रतिशत की दर से बढ़ा. यह 12 महीने का उच्च स्तर है. इससे पिछले महीने यानी अप्रैल 2022 में इसमें 6.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी. औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) के आधार पर मापा जाने वाला औद्योगिक उत्पादन मई 2021 में निचले आधार प्रभाव के कारण 27.6 प्रतिशत बढ़ा था. आंकड़ों के अनुसार, सभी औद्योगिक क्षेत्रों में अच्छी वृद्धि दर्ज की गयी. कंज्यूमर ड्यूरेबल गुड्स में सबसे अधिक 58.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई. उसके बाद बाद पूंजीगत वस्तुओं का स्थान रहा. बिजली उत्पादन में सालाना आधार पर मई में 23.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई. वहीं विनिर्माण क्षेत्र में 20.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई जो 12 महीने का उच्चस्तर है. खनन क्षेत्र की वृद्धि दर 10.9 प्रतिशत रही. चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-मई के दौरान IIP 12.9 प्रतिशत बढ़ा, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में इसमें 67.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी.


Edited by Ritika Singh