कैसे स्पेशल केमिकल बनाकर दो दोस्तों ने खड़ा किया 600 करोड़ रुपये के रेवेन्यू वाला कारोबार

सुनील श्रीनिवासन चारी और एडवर्ड वाल्टर मेनेजेस ने टेक्सटाइल के लिए स्पेशल केमिकल बनाने के लिए मुंबई में रोसारी बायोटेक (Rossari Biotech) की शुरुआत की। आज हम आपको बता रहे हैं कि कैसे उन्होंने रोसारी को एक प्रमुख स्पेशल केमिकल निर्माता के रूप में विकसित किया और इसे आईपीओ तक लेकर गए।

कैसे स्पेशल केमिकल बनाकर दो दोस्तों ने खड़ा किया 600 करोड़ रुपये के रेवेन्यू वाला कारोबार

Wednesday April 28, 2021,

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कपड़ा प्रसंस्करण यानी टेक्सटाइल प्रोसेसिंग, डाईस्टफ और स्पेशियलिटी केमिकल इंडस्ट्री में काम करने के बाद, दो दोस्तों सुनील श्रीनिवासन चारी और एडवर्ड वाल्टर मेनेजेस के लिए इसी सेक्टर में अपना खुद का बुजनेस शुरू करना स्वाभाविक था।


नए-नए उद्यमी भारतीय विशिष्ट रसायनों (स्पेशियलिटी केमिकल) की आपूर्ति करने वाला व्यवसाय शुरू करना चाहते थे जो स्थानीय उद्योगों की आवश्यकताओं को पूरा करे। इस व्यवसाय को शुरू करने के बीज 1997 में बोए गए थे, और दोनों ने औपचारिक रूप से 2003 में रोसारी लैबटेक नाम से कारोबार शुरू किया।


सुनील, जो रोसारी में एमडी हैं वे कहते हैं, “हमने अपने पहले निवेश के तौर पर विनिर्माण उद्देश्यों के लिए सिलवासा में 10 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया। बाद में, 2009 में, हमने इसका नाम बदलकर रोसारी बायोटेक लिमिटेड कर दिया और स्पेशियलिटी केमिकल इंडस्ट्री में प्रोडक्ट इनोवेशन, प्रक्रिया में सुधार और कस्टम समाधान में निरंतर प्रयास शुरू किए।”


तब से, सह संस्थापकों ने रोसारी को एक बड़े, मेड-इन-इंडिया स्पेशियलिटी केमिकल निर्माता के रूप में विकसित किया है। मुंबई के इस बिजनेस ने टेक्सटाइल केमिकल से लेकर होम, पर्सनल केयर, एनिमल हेल्थ और न्यूट्रीशन सेगमेंट के लिए अपने केमिकल में विविधता लाई है।

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रोसारी की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट

संस्थापकों का दावा है कि बीएसई और एनएसई में सूचीबद्ध रोसारी ने वित्त वर्ष 2020 में 600 करोड़ रुपये का राजस्व कमाया है, और अब यह भारत के अग्रणी स्पेशल केमिकल निर्माताओं में से एक है।


YourStory के साथ एक विशेष इंटरव्यू में, सुनील श्रीनिवासन चारी और रोसारी के चेयरमैन एडवर्ड वाल्टर मेनेजेस ने बताया कि व्यवसाय की यात्रा कैसी रही और कैसे इसका बड़े स्तर पर विस्तार किया।


इंटरव्यू के संपादित अंश


YourStory: रोसारी के शुरुआती दिन कैसे थे?

सुनील श्रीनिवासन चारी: जब हमने शुरुआत की, तो हमने महसूस किया कि कम लागत और कम समय में तैयार किए गए स्पेशियलिटी केमिकल उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। हमने छोटे से शुरू किया लेकिन फिर भी हमारे प्रोडक्ट MNCs जैसी कंपनियों BASF और Clariant के स्थापित प्रोडक्ट्स के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे थे।


हमारे पूर्व-प्रोफेसरों ने हमें सस्ते और दूसरों की नकल करके बनाए गए प्रोडक्ट्स से बचे रहने के लिए कहा था। इसलिए हमने इनोवेशन पर जोर दिया ताकि हम एक स्थायी प्रोडक्ट लाइन बना सकें। इस प्रकार टिकाऊ प्रोडक्ट्स पर हमारा ध्यान केंद्रित हुआ जो न केवल हानिकारक टेक्सटाइल प्रोसेसिंग केमिकल के लिए ग्रीन विकल्प के रूप में काम करते हैं बल्कि अब इंडस्ट्री के मानक भी बन गए हैं।


YS: बिजनेस मॉडल क्या है? आपकी यूनिक बिजनेस स्ट्रेटजी क्या हैं?

एडवर्ड वाल्टर मेनेजेस: सस्टेनेबिलिटी यानी स्थिरता हमारे लिए एक प्रमुख बिजनेस स्ट्रेटजी है। हम जरूरत के मुताबिक, पर्यावरण के अनुकूल और लागत-तटस्थ प्रोडक्ट्स को डिलीवर करना और नए उपभोक्ता सेगमेंट और कैटेगरीज में गहराई से प्रवेश करना चाहते हैं।


हमारा जोर एक स्वच्छ, स्वस्थ और अधिक कुशल दुनिया को बढ़ावा देने वाले केमिकल सलूशन प्रदान करने में सक्षम होना है। हम जो कुछ भी करते हैं उसमें इष्टतम पर्यावरण-दक्षता सुनिश्चित करते हैं। हरियाली को बढ़ावा देने वाली कंपनी होने के नाते, हमारी विशेषज्ञता पर्यावरण की दृष्टि से पुराने हानिकारक उत्पादों को सौम्य रासायनिक उत्पादों और प्रक्रियाओं के साथ बदलने में निहित है।


हम पर्यावरण के अनुकूल प्रक्रियाओं की नींव के आधार पर विशेष उत्पादों को विकसित करने के लिए नए रसायन विज्ञान में निवेश करना जारी रखे हुए हैं। हम ग्राहकों को पहले से ज्यादा परफॉर्मेंस और मूल्य प्रदान करना चहते हैं।


YS: आपने विभिन्न स्पेशियलिटी केमिकल कैटेगरीज में विविधता कैसे लाई?

एडवर्ड वाल्टर मेनेजेस: जब से हमने अपनी यात्रा शुरू की है, तब स्पेशियलिटी केमिकल इंडस्ट्री काफी विकसित हुई है और हमने अपनी रणनीतियों को साकार करते हुए ट्रेंड्स के साथ तालमेल बनाए रखा है। वर्तमान में, हम ऐक्रेलिक पॉलिमर के अग्रणी निर्माता हैं, 300 प्रोडक्ट्स का निर्माण कर रहे हैं, और होम, पर्सनल केयर और परफॉर्मेंस केमिकल (HPPC) सेगमेंट में प्रमुख सेक्टर की सेवा कर रहे हैं।


जैसा कि हम मुख्य रूप से इस सेगमेंट के लिए एक बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) मॉडल में काम करते हैं, हमने अमेजॉन इंडिया प्लेटफॉर्म पर अपने HPPC प्रोडक्ट्स को सूचीबद्ध करते हुए ईकॉमर्स में भी प्रवेश किया है।


हम अपने उत्पादों को और अधिक ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर सूचीबद्ध करते हुए इस दृष्टिकोण को और भी मजबूत करने का लक्ष्य रखते हैं। हम इससे अपने राजस्व को बढ़ाने की भी उम्मीद करते हैं। हम पशु आहार सामग्री, पशु आहार सप्लीमेंट्स और पालतू जानवरों की देखभाल करने वाले उत्पादों की भी आपूर्ति करते हैं, जिनमें शिशुओं और वयस्क पालतू जानवरों के लिए उत्पाद शामिल हैं।


पालतू जानवरों के लिए शैम्पू, ब्रांड लोजलो को खरीदने के साथ हम पालतू जानवरों की देखभाल के उत्पादों में भी हैं। हमने पालतू जानवरों के उत्पादों में अपने पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए पेट ट्रीट्स, पेट फूड्स, और पेट केयर प्रोडक्ट्स को जोड़ा है।

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रोसारी बायोटेक फैक्ट्री

YS: मैन्युफैक्चरिंग कहां होती है? क्या आपकी खुद की मैन्युफैक्चरिंग युनिट्स हैं?

एडवर्ड वाल्टर मेनेजेस: 120,000 एमटीपीए की स्थापित क्षमता के साथ, सिलवासा और दादरा और नगर हवेली में स्थित हमारे विनिर्माण संयंत्रों में रोसारी बायोटेक के अधिकांश उत्पाद गर्व से मेड इन इंडिया हैं। हमारे सभी वर्टिकल में मौजूद उत्पादों के लिए हमारे सिलवासा संयंत्र की क्षमता को देखते हुए, हमने 132,500 एमटीपीए की स्थापित क्षमता के साथ दहेज (Dahej) में एक फैसिलिटी को शुरू करने का फैसला किया।


दहेज में स्थित मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी को बहुविविध प्रक्रियाओं जैसे पोलीमराइजेशन, कंडेंसेशन, एस्टरीफिकेशन, रेजिन्स, स्पेशियलिटी इमल्शन, और ग्रैनुलेशन को संभालने के लिए अत्याधुनिक वेसल्स, कंट्रोल सिस्टम और ऑप्टिमम सुरक्षा प्रावधानों के साथ डिजाइन और सुसज्जित किया गया है।


यह फैसिलिटी विभिन्न इंडस्ट्री जैसे होम और पर्सनल केयर, टेक्सटाइल, पेंट और पेपर, कंस्ट्रक्शन आदि के लिए इन केमिकल को तैयार करने के लिए सुसज्जित है।


YS: आपके केमिकल्स की यूएसपी क्या है?

एडवर्ड वाल्टर मेनेजेस: हमारे केमिकल न्यूनतम प्रयास के साथ सर्वोत्तम परिणामों के लिए विशिष्ट व्यावसायिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बने हैं। रिकॉर्ड समय और स्थायी तरीके से कस्टम समाधान देने की हमारी क्षमता है जो हमें अपने साथियों से अलग करती है। जैसा कि हम अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को बनाए रखे हुए हैं, हम कई देशों के लिए एक महत्वपूर्ण सप्लाई चेन पार्टनर के रूप में उभरे हैं।


स्थिरता के परिणामस्वरूप रणनीतिक अवसरों को पहचानने वाली कुछ भारतीय कपड़ा रासायनिक कंपनियों में, हम पर्याप्त दूरदर्शिता के साथ सस्टेनेबिल केमिस्ट्री पर कड़ा ध्यान केंद्रित करते हैं। हमने कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए कई हरित पहल को अपनाया है और हरित विनिर्माण के लिए सर्वोत्तम पर्यावरण प्रथाओं को लागू किया है।


हमने ग्लोबल ऑर्गेनिक टेक्सटाइल स्टैंडर्ड्स (जीओटीएस) और जेडडीएचसी प्लेटफार्मों में भी पर्याप्त निवेश किया है, जिससे हानिकारक रसायनों का शून्य निर्वहन सुनिश्चित होता है।


YS: आपके प्रतियोगी कौन हैं?

एडवर्ड वाल्टर मेनेजेस: हमारा व्यवसाय विभिन्न क्षेत्रों में फैला हुआ है, और हमारे कई सहकर्मी हैं जो हमें प्रोडक्ट इनोवेशन और कुशल प्रसंस्करण की ओर प्रेरित करते हैं। हमारे कुछ प्रतियोगियों में अचरोमा, डाईस्टार, हंट्समैन, जाइडस और पेडिग्री शामिल हैं।


हम आगे रह रहे हैं क्योंकि हमारी आईआईटी पवई लैब में हमारे पास कई इनोवेटिव ऑफरिंग हैं और प्रोडक्ट इनोवेशन और नए प्रोडक्ट्स पर लगातार काम कर रहे हैं। ट्रेंड यह है कि हमें बाजार से आगे रहने की जरूरत है और पिछले 23 वर्षों से हम प्रतिस्पर्धा से निपट रहे हैं। हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि कंपनी के विकास के लिए दिशा और उत्पाद तैयार हों।

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रोसारी बायोटेक की लीडरशिप टीम

YS: रास्ते में आपको किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा?

एडवर्ड वाल्टर मेनेजेस: विकास के प्रत्येक चरण में, हमें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जैसे फाइनेंस तक पहुंच, बुनियादी ढाँचे की मरम्मत, आदि। आकार और जटिलता में बढ़ते हुए व्यवसाय को बनाए रखने के लिए हमने कई कदम उठाए। हमने नई क्षमताओं, मूल्य वर्धित क्षमताओं और साथ ही हमारी निरंतर दृढ़ता और आविष्कारशीलता को जोड़कर 'भविष्य के लिए तैयार' रहने के लिए रणनीतिक कदम उठाए।


हम अपनी तकनीकी शक्तियों, विज्ञान के ज्ञान, विनिर्माण क्षमताओं और उद्यमशीलता की भावना के माध्यम से अपनी स्थिति मजबूत कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, जब हमें पिछले साल आईपीओ लॉन्च करना था, तो लॉकडाउन की घोषणा हो गई। हमने थोड़ी देर इंतजार किया लेकिन हम बाजार का सामना करने के लिए काफी साहसी थे क्योंकि लॉकडाउन के बाद लॉन्च होने वाले हम पहले आईपीओ थे।


YS: महामारी ने व्यवसाय को कैसे प्रभावित किया और आपकी भविष्य की योजनाएं क्या हैं?

सुनील श्रीनिवासन चारी: निश्चित रूप से महामारी ने सभी व्यावसायिक क्षेत्रों में अभूतपूर्व व्यवधान उत्पन्न किया और हमारे कुछ बाजारों में मांग में कमी आई। हमें अपने प्रोडक्शन को स्वास्थ्य और स्वच्छता प्रोडक्ट्स (विशेष रूप से सैनिटाइजर) में जल्दी से बदलना पड़ा।


हमने ईआरपी में अपने निवेश के लाभों को व्यापार का संचालन करने के लिए एक टूल के रूप में लिया, क्योंकि बहुत सारे काम टीमों द्वारा दूरस्थ रूप से किए जा सकते थे, जो अन्यथा संभव नहीं था। लॉन्ग टर्म में, होम और पर्सनल केयर के प्रति परसेप्शन में बदलाव है और इससे हमें फायदा होगा क्योंकि हमारे पास इस सेगमेंट में तैयार पोर्टफोलियो और उत्पादों की पूरी तैयारी है।


COVID-19 की दूसरी लहर स्वच्छता उत्पादों की मांग को और बढ़ा रही है। यहां तक कि अगर समय के साथ सैनिटाइजर व्यवसाय में गिरावट आती है, तो हम सामान्य स्थिति में पहुंचना शुरू कर देंगे और इसका मतलब होगा कि हमारे अन्य व्यवसाय वापस पटरी पर आ जाएंगे। हमारा कपड़ा व्यवसाय वापस आ जाएगा, और इसलिए हमारा पेंट और वाटर ट्रीटमेंट बिजनेस भी।


Edited by Ranjana Tripathi