ये हैं सैमसंग इंडिया के Solve for Tomorrow 2023 की टॉप 10 टीमें; जीतने पर मिलेंगे 1.5 करोड़ रुपये

प्रतियोगिता के दूसरे वर्ष के लिए, सैमसंग इंडिया ने इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के स्टार्टअप हब और फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (FITT), आईआईटी दिल्ली के साथ हाथ मिलाया है.

ये हैं सैमसंग इंडिया के Solve for Tomorrow 2023 की टॉप 10 टीमें; जीतने पर मिलेंगे 1.5 करोड़ रुपये

Wednesday July 19, 2023,

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सैमसंग इंडिया (Samsung India) ने मंगलवार को अपनी राष्ट्रीय शिक्षा और इनोवेशन प्रतियोगिता, 'सॉल्व फॉर टुमॉरो' (Solve for Tomorrow) की शीर्ष 10 टीमों की घोषणा की, जिसके साथ सैमसंग इंडिया भारत की जेन Z के बीच इनोवेशन, उद्यम और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना का जश्न मना रहा है.

ये 10 टीमें समुद्र के पानी को पीने योग्य बनाने, फसलों में कीटों और रोगों की पहचान करने, बचे भोजन का उपयोग करने, समुद्र तटों की सफाई करने, कम श्रवण शक्ति वाले व्‍यक्तियों अधिक एक्‍सेस देने के लिए ज्‍यादा टिकाऊ चमड़े की शोधन प्रक्रिया विकसित करने जैसी वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने के नए आइडियाज लेकर आई हैं. उनके आइडियाज का मकसद सांकेतिक भाषा के यूजर्स के बीच कम्‍युनिकेशन गैप को कम करने, गुमशुदा बच्‍चों की तलाश करने, लोगों को गर्मियों में ठंड का अहसास दिलाने और दृष्टिबाधित लोगों की पढ़ने में मदद करना है.

शीर्ष 10 टीमें उत्तर प्रदेश के महाराजगंज, असम के लखीमपुर और गोलाघाट, पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग, गुजरात के सूरत और अहमदाबाद, केरल के एर्नाकुलम, चेन्नई और दिल्ली जैसे शहरों से हैं.

प्रतियोगिता के दूसरे वर्ष के लिए, सैमसंग इंडिया ने इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के स्टार्टअप हब और फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (FITT), आईआईटी दिल्ली के साथ हाथ मिलाया है.

आईआईटी दिल्ली में एक बूटकैंप के बाद, सॉल्व फॉर टुमॉरो 2023 की शीर्ष 10 टीमों को शॉर्टलिस्ट किया गया था. इन टीमों ने सैमसंग इंडिया के ऑफिसों, इसके अनुसंधान एवं विकास केंद्रों, डिजाइन केंद्र और बेंगलुरु में सैमसंग ओपेरा हाउस का दौरा किया, जहां उन्होंने सैमसंग के कर्मचारियों और शोधार्थियों से संवाद किया.

बूटकैंप में, सैमसंग और उसके पार्टनर FITT और MeitY स्टार्टअप हब ने उनका मार्गदर्शन किया, जिससे उन्हें अपने आइडियाज को बेहतर बनाने में मदद मिली. प्रत्येक टीम को शुरुआती प्रोटोटाइप बनाने के लिए 20,000 रुपये भी मिले और फिर उन्होंने अपने आइडियाज को युवा सैमसंग कर्मचारियों की एक जूरी के समक्ष प्रस्‍तुत किया. बूटकैंप में भाग लेने के लिए टीम के प्रत्येक सदस्य को एक प्रमाण पत्र के साथ एक सैमसंग गैलेक्सी बुक3 प्रो 360 लैपटॉप और गैलेक्सी बड्स2 प्रो दिया गया.

सैमसंग साउथवेस्ट एशिया के कॉर्पोरेट वाइस प्रेजीडेंट ह्यून किम ने कहा, "हमें अपने 'सॉल्वर्स' पर गर्व है. अपने आइडियाज से आज उन्‍होंने भारत के सामने आने वाली समस्याओं का समाधान करने में अपने हुनर का प्रदर्शन किया है. उनकी विविधता से भरी पृष्ठभूमि सॉल्व फॉर टुमॉरो 2023 को और भी अधिक समावेशी एवं व्‍यापक बनाती है और हमें खुशी है कि सैमसंग अगली पीढ़ी को उनकी पूरी क्षमता हासिल करने और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तनों को आगे बढ़ाने के लिए सशक्त बनाने और मदद करने में अपनी भूमिका निभाने में सक्षम है. हम यह देखने के लिए काफी उत्‍सुक और रोमांचित हैं कि शीर्ष 10 टीमें सैमसंग और उसके पाटनर्स के परामर्शदाताओं की मदद से अपने समाधानों को कैसे बेहतर बनाती है.”

जीत विजय, CEO, MeitY स्टार्टअप हब ने कहा, "यह देखकर गर्व होता है कि हमारे देश की युवा प्रतिभा ऐसे नवीन आइडियाज ला रही हैं. शीर्ष 10 टीमें वास्तव में हमें प्रेरित करती हैं. सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो कार्यक्रम के साथ, हम इन युवाओं को नई बुलंदियों को छूने और उनके आइडियाज को कार्यान्वित करने, देश को बदलने में मदद करना चाहते हैं."

देश के युवाओं में नवीन सोच और समस्या को हल करने की संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, प्रतियोगिता ने 16-22 वर्ष के युवाओं से चार विषयों - शिक्षा एवं लर्निंग, स्वास्थ्य एवं वैलनेस, पर्यावरण एवं निरंतरता और विविधता एवं समावेशन- की समस्याओं को हल करने के लिए उनके आइडियाज आमंत्रित किए हैं.

सॉल्व फॉर टुमॉरो 2023 में भारत के 500 शहरों, नगरों और गांवों के युवाओं ने भारत के सामने आने वाली समस्याओं से निपटने में मदद करने के लिए सुझाव दिए और आइडियाज प्रस्तुत किए, जो भारत की इनोवेशन और उद्यमशीलता की भावना को दर्शाते हैं.

यहां शीर्ष 10 टीमें और उन समस्याओं के बारे में बताया गया है जिनका वे समाधान कर रहे हैं:

Demeter: फसलों में कीटों और रोगों की पहचान के लिए एक समाधान विकसित करना.

Hackvengers: सांकेतिक भाषा की व्‍याख्‍या करने वाला उपकरण विकसित करना जो सांकेतिक भाषा के यूजर्स और नॉन-साइनर्स के बीच कम्‍युनिकेशन गैप को कम करके समावेशिता को बढ़ावा दे सकता है.

Jalraaj: समुद्र के पानी को पीने योग्‍य पानी में बदलने के लिए एक पोर्टेबल समाधान पर काम कर रहा है जिसका उपयोग पीने के लिए किया जा सकता है.

Milaan: एक ऐप विकसित किया गया है जो परिवारों को उनके गुमशुदा बच्चों को ढूंढने में मदद करेगा.

Musketeers: कम श्रवण शक्ति वाले व्यक्तियों के लिए पहुंच और समावेशिता बढ़ाने के लिए एक समाधान विकसित करना, उन्हें संचार बाधाओं को दूर करने और समाज में पूरी तरह से भाग लेने में सक्षम बनाना.

NIT Surat: समुद्र तटों की सफाई की समस्या का समाधान ढूंढना जहां बड़ी मात्रा में कचरा जमा होता है.

Releathered: अधिक टिकाऊ चमड़ा शोधन प्रक्रिया विकसित करना.

TEG: बायोगैस बनाने के लिए कैफेटेरिया से बचे हुए खाने का पुन: उपयोग करना जो सामुदायिक परियोजना को बिजली प्रदान कर सकता है.

Think: चिलचिलाती गर्मी में लोगों को ठंडा रहने में मदद करने के लिए एक समाधान विकसित किया गया है.

Touchpad: स्पर्श डिस्‍प्‍ले बेस्‍ड पैड द्वारा दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए पढ़ने का समाधान विकसित करना.

अगले 12 हफ्तों में, शीर्ष 10 टीमें अंतिम मुकाबले के लिए अपने प्रोटोटाइप को बेहतर बनाने पर काम करेंगी, जो अक्टूबर 2023 में एक प्रतिष्ठित जूरी के सामने होगा. इसके लिए, प्रत्येक टीम को अतिरिक्त 100,000 रुपये और सैमसंग से परामर्श सहायता मिलेगी.

आईआईटी दिल्ली के कर्मचारी और उद्योग विशेषज्ञ तकनीक, डिजाइन, मार्केटिंग और पॉलिसी सहित विभिन्न क्षेत्रों में उनकी मदद करेंगे.

वार्षिक कार्यक्रम का समापन तीन राष्ट्रीय विजेताओं की घोषणा के साथ होगा, जिनके पास पुरस्कार राशि में 1.5 करोड़ रुपये जीतने का मौका है.

पहली बार 2010 में अमेरिका में लॉन्च किया गया, सॉल्व फॉर टुमॉरो वर्तमान में वैश्विक स्तर पर 63 देशों में चल रहा है और पूरी दुनिया के 2.3 मिलियन से अधिक युवा इसमें भाग ले चुके हैं.

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