SBI ने कर्ज किया महंगा, MCLR 0.15% तक बढ़ाया

By Ritika Singh
November 15, 2022, Updated on : Tue Nov 15 2022 11:17:14 GMT+0000
SBI ने कर्ज किया महंगा, MCLR 0.15% तक बढ़ाया
एक साल की MCLR के आधार पर ही आवास, वाहन और व्यक्तिगत ऋण की दरें तय होती हैं.
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भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने विभिन्न अवधि के लिए कर्ज को लेकर मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में 0.15 प्रतिशत तक की वृद्धि की है. इससे ज्यादातर उपभोक्ता कर्ज महंगे हो जाएंगे. नई दरें 15 नवंबर, 2022 से लागू होंगी. संशोधन के तहत एक साल की MCLR को 0.10 प्रतिशत बढ़ाकर 8.05 प्रतिशत किया गया है. अभी तक यह 7.95 प्रतिशत थी. एक साल की MCLR के आधार पर ही आवास, वाहन और व्यक्तिगत ऋण की दरें तय होती हैं.


SBI की वेबसाइट पर डाली गई अधिसूचना के अनुसार, दो साल और तीन साल की MCLR को भी 0.10 प्रतिशत बढ़ाकर क्रमश: 8.25 और 8.35 प्रतिशत किया गया है. एक माह और तीन महीने की MCLR को 0.15 प्रतिशत बढ़ाकर 7.75 प्रतिशत कर दिया गया है. 6 माह की MCLR 0.15 प्रतिशत बढ़ाकर 8.05 प्रतिशत और एक दिन की MCLR 0.10 प्रतिशत बढ़ाकर 7.60 प्रतिशत की गई है.

sbi-hikes-mclr-by-upto-15-basis-points-across-tenors-sbi-loan-rates-state-bank-of-india

इससे पहले बैंक ने अगस्त माह में MCLR को बढ़ाया था.

SBI BPLR और बेस रेट

इससे पहले सितंबर 2022 में SBI ने बेंचमार्क प्राइम लेंडिंग रेट (BPLR) और बेस रेट (Base Rate) में इजाफा किया था. SBI ने BPLR को 0.7 प्रतिशत बढ़ाकर 13.45 प्रतिशत सालाना कर दिया. नई दर 15 सितंबर 2022 से प्रभावी है. इसके अलावा 15 सितंबर से बेस रेट को रिवाइज कर 8.70 प्रतिशत सालाना कर दिया गया. ये दोनों लोन के लिए पुरानी बेंचमार्क दरें हैं. अब ज्यादातर बैंक एक्सटर्नल बेंचमार्क बेस्ड लेंडिंग रेट (EBLR) या रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) और MCLR के आधार पर लोन देते हैं. इससे पहले SBI ने जून 2022 में BPLR में बढ़ोतरी की थी. बैंक तिमाही आधार पर BPLR और बेस रेट को रिवाइज करता है.

बैंक ऑफ बड़ौदा और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया भी बढ़ा चुके हैं MCLR

बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) को 0.30 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है. ब्याज दर में यह वृद्धि विभिन्न अवधि के कर्ज के लिये की गयी है. बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा है कि बैंक ने 12 नवंबर, 2022 से MCLR में संशोधन को मंजूरी दी है और इसे 0.15 प्रतिशत तक बढ़ाया है. वहीं यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने MCLR को 0.30 प्रतिशत तक बढ़ाया है. इन दोनों बैंकों से पहले हाल ही में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra) ने चुनिंदा अवधियों के मामले में कर्ज के लिये MCLR बढ़ा दी. बैंक के अनुसार, संशोधित MCLR 7 नवंबर, 2022 से प्रभावी हो गयी हैं. इस बारे में डिटेल में पढ़ें...