वैज्ञानिकों ने विकसित किया नया इंसुलिन, मधुमेह पीड़ितों को इलाज में मिलेगी मदद

By yourstory हिन्दी
January 17, 2020, Updated on : Fri Jan 17 2020 02:31:31 GMT+0000
वैज्ञानिकों ने विकसित किया नया इंसुलिन, मधुमेह पीड़ितों को इलाज में मिलेगी मदद
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक ऐसा इंसुलिन विकसित किया है जिससे मधुमेह पीड़ित लोगों को इलाज में ख़ासी मदद मिलेगी। वैज्ञानिक अब बड़ी तादाद में इसके उत्पादन की ओर बढ़ रहे हैं।

प्रतीकात्मक चित्र

प्रतीकात्मक चित्र



वैज्ञानिकों ने हाल ही में इंसुलिन का एक ऐसा नया रूप विकसित किया है जो मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए दवा की क्लीनिकल डिलिवरी में सुधार कर सकता है।


ऑस्ट्रेलिया के द फ़्लोरे इंस्टीट्यूट ऑफ़ न्यूरोसाइंस एंड मेंटल हेल्थ के शोधकर्ताओं ने लोगों सहित, ने एक ग्लाइकोसुलिन नामक इंसुलिन एनालॉग को संश्लेषित किया और यह बताया है कि पीड़ित लोगों में ब्लड शुगर को कम कर सकता है।


जर्नल ऑफ द अमेरिकन केमिकल सोसाइटी में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, ग्लाइकोसुलिन फाइब्रिल के बिना इंसुलिन जैसा काम करता है।


शोधकर्ताओं के अनुसार फाइब्रल्स की घटना को कम करने के लिए इंसुलिन पंप इन्‍फ्यूजन सेट को प्रत्येक 24 घंटे से 72 घंटे में बदलने की जरूरत पड़ती है। इसी के साथ शोधकर्ताओं ने अंडे की जर्दी से इंसुलिन-शुगर कॉम्प्लेक्स के इंजीनियर के लिए एक नया तरीका विकसित किया है।


शोध के सह-लेखक अख्तर हुसैन ने फ्लोरी इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंस एंड मेंटल हेल्थ से कहा,

“हमारे शोध से न केवल यह पता चला है कि ग्लाइकोसुलिन उच्च तापमान और एकाग्रता पर भी फाइब्रिल नहीं बनाता है, बल्कि यह भी है कि यह नेटिव इंसुलिन की तुलना में मानव सीरम में अधिक स्थिर है।"

अब शोधकर्ता ग्लाइकोजिन को बड़े स्तर पर निर्मित करने की ओर अपने कदम आगे बढ़ा रहे हैं।


शोधकर्ताओं ने इसके परिणामों पर भी संतोष जाहिर किया गया है। इस नए इंसुलिन का प्रयोग लैब के साथ पशुओं पर भी किया गया था।


Clap Icon0 Shares
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Clap Icon0 Shares
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close