छोटे दुकानदारों को मिला शॉपिफ़ाई का साथ, अब ऑनलाइन बाज़ार में बेंच रहे हैं उत्पाद

By yourstory हिन्दी
March 12, 2020, Updated on : Thu Mar 12 2020 09:31:30 GMT+0000
छोटे दुकानदारों को मिला शॉपिफ़ाई का साथ, अब ऑनलाइन बाज़ार में बेंच रहे हैं उत्पाद
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

भारत में छोटे रिटेलर्स के लिए शॉपिफ़ाई एक बड़ा मार्केटप्लेस उपलब्ध करा रही हैं, जिससे उनके व्यापार को आगे बढ़ने में बड़ी मदद मिल रही है।

छोटे रिटेलर्स को शॉपिफाई बड़ा बाज़ार उपलब्ध करा रही हैं।

छोटे रिटेलर्स को शॉपिफाई बड़ा बाज़ार उपलब्ध करा रही हैं।



भारत में अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसे ई-कॉमर्स के बड़े खिलाड़ियों के आ जाने के बाद ही छोटे दुकानदारों के व्यवसाय में कमी आई है, लेकिन अब टेक्नॉलजी ही उन्हे इस संकट से उबारने में उनकी मदद कर रही हैं। ऐसे छोटे सेलर्स अब अपने उत्पादों को बेंचने के लिए शॉपिफाई जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं।


इसके शुरुआत के पीछे ऑल इंडिया ऑनलाइन वेंडर एसोशिएशन का बड़ा हाथ है। बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की चुनौतियों से निपटने और छोटे सेलर्स को व्यापार को आगे ले जाने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए AIOVA ने शॉपिफाई से हाथ मिलाया है।


AIOVA शॉपिफाई के साथ मिलकर अपने 45 सौ के करीब मेंबर्स के लिए ऑनलाइन मार्केटप्लेस के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इकनॉमिक टाइम्स में छपी रिपोर्ट के अनुसार शॉपिफाई के साथ आभूषण ब्रांड ज्वेल कैफे ने महज 3 महीनों के भीतर 1 हज़ार ऑर्डर प्रति महीने का आंकड़ा छू लिया है।


वहीं दूसरी तरफ ज्वेल कैफे फ्लिकार्ट के साथ हर महीने 2 हज़ार से अधिक ऑर्डर हासिल करता है, लेकिन यह ब्रांड फ्लिपकार्ट के साथ पिछले 3 सालों से जुड़ा हुआ है।


शॉपिफाई एक कनाडा की फार्म है, जो अमेरिकी शेयर बाज़ार में लिस्टेड है। शॉपिफाई भारत में रेमंड्स, नुश और जॉन एंड जैकब जैसी बड़ी कंपनियों के साथ भी काम कर रही हैं।


गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही अमेज़न और फ्लिपकार्ट पर व्यावसायिक दुर्भावनाओं और एफडीआई पालिसी के उल्लंघन का भी आरोप लगा था।