कॉम्पिटीशन के बजाय क्वालिटी प्रॉडक्ट्स में यकीन रख बरेली की BL Agro कैसे बनी 3100 करोड़ की कंपनी

By Ritika Singh
December 04, 2022, Updated on : Wed Dec 21 2022 12:58:45 GMT+0000
कॉम्पिटीशन के बजाय क्वालिटी प्रॉडक्ट्स में यकीन रख बरेली की BL Agro कैसे बनी 3100 करोड़ की कंपनी
कमोडिटी ट्रेडिंग बिजनेस के तौर पर शुरुआत करने वाली उत्तर प्रदेश के बरेली की BL Agro आज एक दिग्गज FMCG कंपनी है.
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बिजनेस की दुनिया में कॉम्पिटीशन आम बात है. लेकिन बरेली की कंपनी बीएल एग्रो (B.L. Agro Industries Ltd) कॉम्पिटीशन में नहीं बल्कि लोगों तक क्वालिटी प्रॉडक्ट पहुंचाने में यकीन रखती है. बीएल एग्रो का मानना है कि अगर लोगों को क्वालिटी प्रॉडक्ट मिलता है तो उनका स्वास्थ्य ठीक रहता है, स्वास्थ्य ठीक रहता है तो ब्रांड पर उनका भरोसा बना रहता है और यह भरोसा उन्हें ब्रांड से जोड़े रखता है. इसलिए बीएल एग्रो केवल अपने प्रॉडक्ट्स की क्वालिटी को और बेहतर बनाने और उसे बरकरार रखने पर फोकस करती है.


कमोडिटी ट्रेडिंग बिजनेस के तौर पर शुरुआत करने वाली उत्तर प्रदेश के बरेली की यह कंपनी आज एक दिग्गज FMCG कंपनी है. यह वही बीएल एग्रो है, जिसका सरसों तेल ब्रांड बैल कोल्हू काफी पॉपुलर हो चुका है. कंपनी का वर्तमान में टर्नओवर 3100 करोड़ रुपये का है. आइए जानते हैं बीएल एग्रो के बारे में विस्तार से...

कब शुरू हुई थी बीएल एग्रो

बीएल एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड की नींव 1940 में किशन लाल खंडेलवाल और बिशन लाल खंडेलवाल ने कमोडिटी ट्रेडिंग बिजनेस के तौर पर डाली थी. हर तरह के खाद्य तेलों की ट्रेडिंग की जाती थी. 1976 में इस कारोबार से अगली पीढ़ी यानी घनश्याम खंडेलवाल जुड़े, जो आज कंपनी के चेयरमैन हैं. उनका मकसद नए जमाने के लिहाज से, इनोवेशन के साथ कारोबार को आगे बढ़ाना था. लिहाजा घनश्याम खंडेलवाल ने कारोबार बढ़ाने के साथ-साथ मैन्युफैक्चरिंग की संभावनाएं भी तलाशीं और उन्हीं की बदौलत यह कारोबार एक ब्रांड के तौर पर स्थापित हुआ.


उन्होंने क्वालिटी को अपना हथियार बनाया. जिस वक्त घनश्याम खंडेलवाल बिजनेस से जुड़े, उस वक्त भारत में खान-पीने के सामान की कमी थी. चूंकि माल ही नहीं था तो क्वालिटी पर बहुत ज्यादा ध्यान ही नहीं था. उस वक्त सिर्फ कुछ ही ब्रांड थे, जो अच्छे प्रॉडक्ट लोगों तक पहुंचाने की कोशिश में लगे थे. ऐसे में घनश्याम को लगा कि प्रॉडक्ट की क्वालिटी पर फोकस करके अपने कारोबार की पैठ बनाई और बढ़ाई जा सकती है.

1983 में बैल कोल्हू सरसों तेल लॉन्च

कंपनी ने 1983 में अपना पहला प्रॉडक्ट बैल कोल्हू सरसों तेल लॉन्च किया. तेल की क्वालिटी उम्दा हो, इसके लिए घनश्याम खंडेलवाल ने खुद से काफी जानकारी जुटाई. लगभग 4 साल तक उन्होंने इसे बेहतर से और बेहतर बनाने पर काम किया. प्रॉडक्ट 1986 में ट्रेडमार्क हुआ और आज यह कंपनी का फ्लैगशिप प्रॉडक्ट है.

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सरसों तेल के अलावा और कौन से प्रॉडक्ट्स

कंपनी सरसों के तेल के अलावा रिफाइंड तेल समेत तेल की कई किस्में शुरू कर चुकी है. साथ ही 'नरिश' (Nourish) ब्रांड नाम के अंतर्गत खाद्य उत्पादों की रेंज की भी पेशकश करती है, जिसमें आटा, चावल, दालें, घी और तेल, मेवा, पापड़, अचार, मुरब्बा, मसाले, रेडी टू कुक प्रॉडक्ट्स आदि उत्पाद उपलब्ध है. 'नरिश' को साल 2018 में शुरू किया गया. कंपनी के प्रॉडक्ट्स में सबसे ज्यादा डिमांड बैल कोल्हू सरसों तेल की है, खासकर उत्तर भारत से.

BL एग्रो के इतिहास के अहम वर्ष

साल 1940: बीएल एग्रो की कमोडिटी ट्रेडिंग बिजनेस के तौर पर शुरुआत

साल 1976: घनश्याम खंडेलवाल ने बिजनेस जॉइन किया

साल 1986: घनश्याम खंडेलवाल ने बैल कोल्हू के नाम से ब्रांडेड सरसों तेल लॉन्च किया.

साल 1998: फैमिली बिजनेस, एक ऑर्गेनाइजेशन में तब्दील हुआ और बीएल एग्रो ऑयल्स प्राइवेट लिमिटेड अस्तित्व में आई.

साल 2005: 100 टीपीडी की क्षमता के साथ कंपनी की प्रॉसेसिंग यूनिट शुरू

साल 2007: कंपनी का नाम बीएल एग्रो ऑयल्स लिमिटेड हो गया

साल 2014: रिफाइनिंग कैपेसिटी को बढ़ाकर 450 टीपीडी, पैकेजिंग कैपेसिटी को बढ़ाकर 500 टीपीडी, वेयरहाउसिंग कैपेसिटी को बढ़ाकर 26000 टन किया गया. कंपनी ने अपना रेल साइडिंग और फ्रैक्शनेशन प्लांट लॉन्च किया.

साल 2015: रिफाइनिंग कैपेसिटी को बढ़ाकर 600 टीपीडी, पैकेजिंग कैपेसिटी को बढ़ाकर 1100 टीपीडी और वेयरहाउसिंग कैपेसिटी को बढ़ाकर 35000 टन किया गया.

साल 2017: पैकेजिंग कैपेसिटी 1500 टीपीडी, रिफाइनिंग कैपेसिटी 700 टीपीडी, वेयरहाउसिंग कैपेसिटी 48000 टन से ज्यादा हो गई. साथ ही नया फुली ऑटोमेटेड रैकिंग सिस्टम भी आया.

साल 2018: नरिश ब्रांड के तहत फूड प्रॉडक्ट्स को लॉन्च किया गया. 

13 राज्यों के 200 शहरों में मौजूदगी

BL Agro की 1,25,000 से अधिक रिटेलर्स के माध्यम से भारत के 13 राज्यों के 200 शहरों में मौजूदगी है. कंपनी के 'नरिश' ब्रांड के तहत 14 एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट हैं. वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान 3100 करोड़ रुपये का टर्नओवर रहा. वहीं पूरे ग्रुप की मौजूदा वर्कफोर्स 3500 लोगों की है. इस वक्त बीएल एग्रो को घनश्याम खंडेलवाल के साथ-साथ उनके बेटे आशीष खंडेलवाल भी संभाल रहे हैं. आशीष कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं. BL Agro ने बैल कोल्हू और नरिश ब्रांड्स के चेहरों के तौर पर प्रख्यात बॉलीवुड कलाकारों मनोज वाजपेयी, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, पंकज त्रिपाठी और शिल्पा शेट्टी को अपने साथ लिया है.


कंपनी की कुल 8 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट हैं और सभी बरेली में हैं. घनश्याम खंडेलवाल ने YourStory Hindi को बताया कि इस वक्त उनके बेटे आशीष कंपनी को लीड कर रहे हैं तो एक्सपेंशन से जुड़े फैसले वह ही लेते हैं. हालांकि कंपनी का लक्ष्य हर साल एक नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू करने का है.

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बेस्ट प्रॉडक्ट लोगों तक पहुंचाना है मकसद

कॉम्पिटीशन को लेकर घनश्याम खंडेलवाल ने कहा कि बीएल एग्रो का मकसद अपनी तरफ से बेस्ट प्रॉडक्ट लोगों तक पहुंचाना है और केवल इसी पर हमारा फोकस है. प्रकृति से जो मिल रहा है, उसे बेस्ट फॉर्म में लोगों के किचन तक पहुंचाने की कंपनी की कोशिश है. किसी से कॉम्पिटीशन करना हमारा मकसद नहीं है. हम लोगों को क्वालिटी प्रॉडक्ट देना चाहते हैं और अपने प्रॉडक्ट की सालों से बरकरार क्वालिटी को आगे भी बरकरार रखना चाहते हैं.