दूर की कौड़ी भांप लेते थे राकेश झुनझुनवाला, हर्ष गोयनका भी बोले थे ‘मान गए गुरु’

By Ritika Singh
August 17, 2022, Updated on : Wed Aug 17 2022 12:27:47 GMT+0000
दूर की कौड़ी भांप लेते थे राकेश झुनझुनवाला, हर्ष गोयनका भी बोले थे ‘मान गए गुरु’
झुनझुनवाला अपनी एसेट मैनेजमेंट कंपनी रेयर एंटरप्राइजेस में पार्टनर थे. झुनझुनवाला, रेयर एंटरप्राइजेस की मदद से अपना पोर्टफोलियो संभालते थे.
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बिग बुल और भारत के वॉरेन बफे कहलाने वाले राकेश झुनझुनवाला (Rakesh Jhunjhunwala) दुनिया से विदा ले चुके हैं. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राकेश झुनझुनवाला अपने पीछे लगभग 4 अरब डॉलर की स्टॉक होल्डिंग्स छोड़ गए हैं. वहीं फोर्ब्स के अनुमान के मुताबिक, मृत्यु के वक्त उनकी नेटवर्थ 5.8 अरब डॉलर थी. झुनझुनवाला अपनी एसेट मैनेजमेंट कंपनी रेयर एंटरप्राइजेस में पार्टनर थे. झुनझुनवाला, रेयर एंटरप्राइजेस की मदद से अपना पोर्टफोलियो संभालते थे. वह एक एक्टिव इन्वेस्टर तो थे ही, साथ ही कई कंपनियों में चेयरपर्सन और डायरेक्टर भी थे. हाल ही में उनके निवेश वाली आकासा एयर (Akasa Air) शुरू हुई है. इस विमानन कंपनी में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी राकेश झुनझुनवाला और उनकी पत्नी रेखा की ही है.


सर्टिफाइड CA से स्टॉक मार्केट के दिग्गज निवेशक बनने और फिर लो कॉस्ट एयरलाइन आकासा एयर शुरू करने तक का सफर तय करने वाले 62 वर्षीय झुनझुनवाला 14 अगस्त 2022 को इस संसार को अलविदा कह गए. आइए डालते हैं एक नजर उनकी जिंदगी के कुछ पहलुओं पर....

राजस्थानी मारवाड़ी परिवार में जन्म

झुनझुनवाला का जन्म 5 जुलाई 1960 को मुंबई में एक राजस्थानी मारवाड़ी परिवार में हुआ. उनके पिता इनकम टैक्स कमिश्नर थे. राकेश झुनझुनवाला का वास्तविक सरनेम अग्रवाल था. झुनझुनवाला के पूर्वज राजस्थान के झुंझूनूं जिले में आने वाले मलसीसर से ताल्लुक रखते थे. मलसीसर गांव में उनकी पुश्तैनी हवेली थी, जहां अब एक मार्केट बन चुका है. झुंझुनूं जिले से आने के कारण उनके नाम के पीछे हमेशा से झुनझुनवाला लगा और बाद में आम बोलचाल में यही उनका सरनेम भी बन गया.

शेयर बाजार में कैसे जगी दिलचस्पी

राकेश झुनझुनवाला की दिलचस्पी शेयर बाजार में उनके पिता की वजह से हुई. उनके पिता अक्सर अपने दोस्तों से शेयर बाजार की बातें करते थे. झुनझुनवाला उनकी बातों को ध्यान से सुनते थे और धीरे-धीरे उनकी दिलचस्पी शेयर बाजार में बढ़ने लगी. झुनझुनवाला बताते थे कि उनके पिता उन्हें रोज अखबार बढ़ने की सलाह देते थे. उनका कहना था कि खबरों के चलते ही शेयर बाजार में उठापटक होती है. उनके पिता ने उन्हें शेयर बाजार को लेकर मार्गदर्शन तो दिया लेकिन निवेश के लिए कभी पैसे नहीं दिए और न ही दोस्तों से लेने दिए. ग्रेजुएशन करने के बाद राकेश ने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया में खुद को एनरोल कराया था.

5000 रुपये से शुरुआत

1985 में उन्होंने 5000 रुपये से शुरुआत की. साल 1985, झुनझुनवाला सीए कर चुके थे. लेकिन कोई जॉब नहीं थी और न ही कोई क्लाइंट था. ऐसे में उन्होंने अपने भाई से संपर्क किया. भाई ने अपने क्लाइंट में से कुछ को राकेश से कनेक्ट करवाया. राकेश इन क्लाइंट्स से बोले कि वह उन्हें 18 प्रतिशत रिटर्न दिलवाएंगे. उस वक्त अच्छी से अच्छी इन्वेस्टमेंट स्कीम भी 10-12 प्रतिशत रिटर्न नहीं देती थी और कोई भी नए घोड़े पर दांव लगाने को तैयार नहीं था. लेकिन फिर झुनझुनवाला को एक लेडी क्लाइंट मिली. उसके बाद एक और क्लाइंट मिला. एक साल के अंदर उन्होंने 10 लाख रुपये के 30 लाख बना डाले.


झुनझुनवाला को पहला बड़ा प्रॉफिट साल 1986 में 5 लाख रुपये का हुआ. उन्‍होंने टाटा टी के 5 हजार शेयर 43 रुपये के भाव पर खरीदे थे. तीन महीनों में शेयर का भाव बढ़कर 143 रुपये हो गया था. 1986 से 1989 के बीच उन्होंने लगभग 20-25 लाख रुपये का प्रॉफिट कमाया. 2021 तक उनका सबसे बड़ा निवेश टाइटन कंपनी में था. जब झुनझुनवाला ने स्टॉक मार्केट में निवेश शुरू किया था, उस वक्त सेंसेक्स केवल 150 अंकों पर था, आज यह 50000 के मार्क पर है.

14 मंजिल की नई बिल्डिंग का कंस्ट्रक्शन

एक रिपोर्ट के मुताबिक, वह एपटेक लिमिटेड और हंगामा डिजिटल मीडिया एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड में चेयरमैन थे. साथ ही कई कंपनियों के निदेशक मंडल में शामिल थे. 2013 में उन्होंने मालाबार हिल में रिजवे अपार्टमेंट्स की 12 में से 6 यूनिट खरीद लीं. यह सौदा स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक से हुआ था और 176 करोड़ रुपये का था. इसके बाद 2017 में उन्होंने एचएसबीसी से और 6 यूनिट 195 करोड़ रुपये में खरीद लीं. 2021 में उन्होंने पुरानी 12 मंजिला बिल्डिंग को गिराकर 14 मंजिल की 70000 वर्ग फुट में फैली नई बिल्डिंग का कंस्ट्रक्शन शुरू कराया था.

जब हर्ष गोयनका ने कहा ‘मान गए गुरू’

कोविड के टाइम पर जब मार्केट क्रैश कर रहा था, तब झुनझुनवाला ने आरपीजी एंटरप्राइजेस के मालिक हर्ष गोयनका से कहा था कि सेंसेक्स जल्द ही 50000 का मार्क छुएगा. तो हर्ष गोयनका ने कहा था कि उन्हें पागल होना पड़ेगा. फिर जिस दिन सेंसेक्स ने 50000 का मार्क टच किया तो झुनझुनवाला ने हर्ष गोयनका को फोन किया और याद दिलाया कि उन्होंने क्या कहा था. तब गोयनका ने कहा, ‘मान गए गुरू’ और पूछा कि अगली भविष्यवाणी क्या है? तब झुनझुनवाला ने कहा था कि 1 लाख दूर नहीं है.

परोपकारी गतिविधियों में भी एक्टिव

एक रिपोर्ट के मुताबिक, झुनझुनवाला ने अपनी संपत्ति का एक तिहाई हिस्सा दान करने की योजना बनाई थी. उनकी परोपकारी गतिविधियों में हेल्थ केयर और शिक्षा संबंधी पहलें शामिल थीं. साथ ही वह सेंट जूडे, अगस्त्या इंटरनेशनल फाउंडेशन, अशोका यूनिवर्सिटी, फ्रेंड्स ऑफ ट्राइबल्स सोसायटी और ओलंपिक गोल्ड क्वेस्ट जैसी ऑर्गेनाइजेशंस को भी सपोर्ट कर रहे थे. इसके अलावा वह नवी मुंबई में एक आई हॉस्पिटल भी बनाना चाहते थे. 2020 में जब वह फोर्ब्स एशिया की ‘हीरोज ऑफ फिलांथरोपी’ सूची में शामिल हुए तो उन्होंने कहा था कि जब वह 2008 में अरबपति बने तो उनके पिता को उनकी नेटवर्थ में दिलचस्पी नहीं थी बल्कि इस बात में दिलचस्पी थी कि वह कितना दान देने जा रहे हैं.

अपना AC आ गया...

राकेश 1990 का बड़ा इंट्रेस्टिंग किस्सा बताते थे. उनकी पत्नी रेखा ने उनसे कभी किसी चीज की मांग नहीं रखी. बस पिछले कुछ सालों से चाह रही थीं कि उनके कमरे में AC लग जाए. उस साल मधु दंडवते का बजट था. लोगों को लगा कि अच्छा नहीं होगा. पर राकेश झुनझुनवाला को इससे अलग लग रहा था. उन्होंने तत्कालीन PM वीपी सिंह के निर्णयों को भी क्लोजली ऑब्जर्व किया था. तीन करोड़ रुपये थे उनके पास. बजट वाले दिन, सारे मार्केट में लगा दिए. जैसे-जैसे बजट आता रहा, राकेश के पैसे बढ़ते रहे. रात के नौ बजे नेटवर्थ देखी तो पता चला 20 करोड़ रुपये आ चुके थे. रात को 2 बजे घर पहुंचे और अपनी पत्नी रेखा से बोले- अपना AC आ गया.

टाइटन साबित हुई बड़े मुनाफे वाली

2003 में टाइटन के शेयर केवल 40 रुपये में खरीदे थे, वह भी संयोग से. 2002-03 में टाइटन लिमिटेड के 8 करोड़ शेयर खरीदना झुनझुनवाला के लिए सबसे लाभदायक निवेश साबित हुआ. 2017 में उन्होंने कथित तौर पर टाइटन के शेयर की कीमत में बढ़ोतरी की बदौलत एक ही दिन में 875 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की. टाइटन के अलावा उनकी अन्य लॉन्ग टर्म होल्डिंग्स में ऑटोमेकर टाटा मोटर्स और रेटिंग फर्म क्रिसिल शामिल हैं. 1986 से 1989 के बीच झुनझुनवाला ने टाटा पावर लिमिटेड सहित ब्लू-चिप कंपनियों में बड़ा निवेश किया, जिसमें से प्रत्येक की कीमत बढ़कर 1200 रुपये हो गई और झुनझुनवाला की संपत्ति 20 लाख रुपये से बढ़कर 55 लाख रुपये यानी दोगुने से ज्यादा हो गई.


झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो में आज करीब 33 शेयर हैं. इन शेयरों में टाइटन, टाटा मोटर्स, स्‍टार हेल्‍थ एंड एलायड इंश्‍योरेंस कंपनी, मेट्रो ब्रांड्स, फोर्टिस हेल्‍थकेयर, नजारा टेक्‍नोलॉजीज, डीबी रियल्‍टी और टाटा कम्‍यूनिकेशंस शामिल हैं. उनका सबसे ज्‍यादा निवेश टाइटन में है.

जिंदगी में 5 रोल मॉडल

राकेश झुनझुनवाला ने कुछ इंटरव्यूज में कहा था कि उनकी जिंदगी के पांच रोल मॉडल हैं- उनके पिता, टाटा, विंस्टन चर्चिल, जॉर्ज सोरोस और राधाकिशन दमानी. उन्होंने कहा था कि पिता ने उन्हें नैतिकता, विचार, हिम्मत दी और जिज्ञासा को प्रोत्साहित किया. वहीं जब यह सीखने की बात आई कि धन कैसे कमाया जाए और इसका उपयोग जनता की भलाई के लिए किया जाए तो उन्होंने इसे टाटा से सीखा. टाटा, जिन्होंने अपनी संपत्ति से कई अस्पताल और शैक्षणिक संस्थान बनाए हैं.

राधाकिशन दमानी और झुनझुनवाला यानी जय-वीरू की जोड़ी

जहां तक बात डीमार्ट के राधाकिशन दमानी की है तो झुनझुनवाला और दमानी काफी अच्छे दोस्त थे. दोनों को दलाल स्ट्रीट के जय-वीरू के नाम से जाना जाता था. 2020 में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में झुनझुनवाला ने कहा था कि उन्होंने दमानी से बहुत कुछ सीखा है, जिनमें निवेश और व्यापार से जुड़े सबक भी शामिल हैं. वह दमानी को अपना मेंटोर मानते थे. बिग बुल के लिए दमानी आदर्श मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक थे. दमानी और उनकी पहली बार मुलाकात 1987-88 में एक दिन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के बाहर सड़क पर हुई थी.

जिंदादिल व्यक्ति

झुनझुनवाला एक जिंदादिल व्यक्ति थे और यह बात हर उस व्यक्ति ने स्वीकार की है, जो झुनझुनवाला को जानता था. इसका सबूत उनकी मौत के बाद वायरल हुए एक वीडियो से भी मिलता है. इस वीडियो में वह व्हील चेयर पर होने के बावजूद बॉलीवुड के गाने पर मस्ती भरा डांस कर रहे थे. राकेश झुनझुनवाला की पत्नी का नाम रेखा झुनझुनवाला है. दोनों की शादी फरवरी 1987 में हुई. दोनों के तीन बच्चे हैं, जिनमें एक बेटी और दो बेटे शामिल हैं.


झुनझुनवाला का मानना था कि सफलता अस्थायी और क्षणिक हो सकती है. झुनझुनवाला के ये शब्द किसी को भी प्रेरित करने के लिए काफी हैं, 'Whatever you can do or dream you can do, begin it. Boldness has genius, power and magic in it.'

इनसाइडर ट्रेडिंग मामले में फंसे

2021 में राकेश झुनझुनवाला इनसाइडर ट्रेडिंग मामले में भी फंसे और उनके खिलाफ सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया ने जांच भी चलाई थी. झुनझुनवाला और उनके एसोसिएट्स से 35 करोड़ रुपये वसूलने के बाद सेबी ने जुलाई 2021 तक इस मामले का सेटलमेंट कर दिया. झुनझुनवाला ने 18.5 करोड़ और उनकी पत्नी ने 3.2 करोड़ रुपये का भुगतान किया.