महामारी में मदद पर बने ग्लोबल टास्क फोर्स की संचालन समिति से जुड़े सुंदर पिचाई, पुनीत रंजन और एस नारायण

By Ranjana Tripathi
May 08, 2021, Updated on : Sat May 08 2021 04:01:33 GMT+0000
महामारी में मदद पर बने ग्लोबल टास्क फोर्स की संचालन समिति से जुड़े सुंदर पिचाई, पुनीत रंजन और एस नारायण
ग्लोबल टास्क फोर्स के तहत अमेरिकी उद्योगों ने अब तक 25 हजार से अधिक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स भारत को देने का वादा किया है।
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"भारत को कोविड-19 की दूसरी लहर से लड़ने में सहयोग देने के लिए अमेरिकी कंपनियों के ग्लोबल टास्क फोर्स की संचालन समिति में अब तीन भारतीय- अमेरिकी सीईओ, गूगल के सुंदर पिचाई, डेलायट के पुनीत रंजन और एडोब के शांतनु नारायण भी शामिल हो गए हैं। यह टास्क फोर्स उद्योग जगत की पहल पर बनाया गया है जिसमें कंपनियां भारत को कोरोना वायरस से लड़ने में मदद पहुंचा रही हैं।"

भारत को कोविड- 19 की दूसरी लहर से लड़ने में सहयोग देने के लिये अमेरिकी कंपनियों के वैश्विक कार्यबल की संचालन समिति में अब तीन भारतीय- अमेरिकी सीईओ, गूगल के सुंदर पिचाई, डेलायट के पुनीत रंजन और एडोब के शांतनु नारायण भी शामिल हो गये हैं। यह कार्यबल उद्योग जगत की पहल पर बनाया गया है जिसमें कंपनियां भारत को कोरोना वायरस से लड़ने में मदद पहुंचा रही हैं। 


भारतीय मूल के इन अमेरिकी सीईओ का नाम संचालन समिति में बृहस्पतिवार को जोड़ा गया। ये तीनों सीईओ भारत में कोविड संकट के दौरान अमेरिकी कंपनियों की ओर से दी जाने वाली मदद अथवा अन्य सहायता को एकजुट करने में लगे हुये हैं। 


वैश्विक कार्यबल की इस सूची में कुछ और नाम भी शामिल हुये हैं। इनमें बिल एण्ड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सीईओ मार्क सुजमैन, बिजनेस राउंडटेबल के सीईओ और अध्यक्ष जोशुआ बोल्टेन, यूएवस चैंबर आफ कामर्स के सीईओ एवं अध्यक्ष सुजाने क्लार्क शामिल हैं। 


इस कार्यबल को बनाने का काम यूएस चैंबर आफ कामर्स ने किया जो कि एक सार्वजनिक- निजी भागीदारी वाला समूह है, इसे बिजनेस राउंडटेबल ने समर्थन दिया है। यह कार्यबल चैबर की यूएस- इंडिया बिजनेस काउंसिल और यूएस- इंडिया स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप फोरम के साथ मिलकर काम कर रही है। कार्यबल भारत में कोविड- 19 के तेजी से बढ़ते मामलों से उत्पन्न समस्या के समाधान में मदद करने के लिये त्वरित कदम उठा रहा है। 


इस कार्यबल के तहत अमेरिकी उद्योगों ने अब तक 25 हजार से अधिक आक्सीजन कंसंट्रेटर्स भारत को देने का वादा किया है। इसमें से एक हजार अक्सीजन कंसंट्रेटर्स की पहली खेप 25 अप्रैल को भारत पहुंच चुकी है। इसे डेलायट ने उपलब्ध कराया है और फेडएक्स ने इसे पहुंचाने का इंतजाम किया। कार्यबल ने कहा है कि इन कंसंट्रेटर्स को तय किये गये स्वास्थ्य केन्द्रों पर पहुंचाया जायेगा ताकि इनका जल्द से जल्द इसतेमाल किया जा सके। वहीं वेंटीलेटर्स की पहली खेप भी इस सपताह के शुरू में भारत पहुंच चुकी है और उम्मीद की जा रही है कि सभी एक हजार वेंटीलेटर्स तीन जून तक भारत पहुंच जायेंगे। इसमें मेडट्रानिक का सहयोग प्राप्त होगा। कम से कम 16 कंपनियों ने वेंटीलेटर्स के काम में कार्यबल का सहयोग किया है। 


कार्यबल की संचालन समिति में एसेंचर, अमेजन, एप्पल, बैंक आफ अमेरिका, फेडएक्स और आईबीएम, अमेरिकन रेड क्रास, डीएचएल एक्सप्रेस, डाउ, जॉनसन एण्ड जॉनसन, मास्टरकार्ड, मेडट्रानिक, माइक्रोसॉफ्ट, पेप्सिको, यूपीएस, वीएमवारे, वालमार्ट इंटरनेशनल जैसी प्रमुख कंपनियों के सीईओ सदस्य हैं। अब तक कुल मिलाकर 45 अमेरिकी कंपनियों एवं सहयोगियों ने वैश्विक कार्यबल की गतिविधियों में योगदान किया है।


(साभार : PTI)