Tata ने BigBasket में 16.55 अरब रुपये का निवेश किया, जानिए कितनी पहुंची वैल्यूएशन

पिछले बार की फंडिंग की तुलना में कंपनी का वैल्यूएशन अब 60 फीसदी बढ़ गया है. मिराए एसेट Mirae Asset Venture, यूके की सीडीसी CDC Group बिगबास्केट पैरेंट सुपरमार्केट ग्रॉसरी सप्लाई में अन्य निवेशकों में शामिल हैं.

Tata ने BigBasket में 16.55 अरब रुपये का निवेश किया, जानिए कितनी पहुंची वैल्यूएशन

Wednesday December 21, 2022,

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टाटा ग्रुप Tata Group की ई-ग्रॉसरी कंपनी बिगबास्केट Bigbasket ने हालिया फंडिंग राउंड में 16.55 अरब रुपये (200 मिलियन डॉलर) जुटाए हैं. इसके साथ ही, टाटा डिजिटल Tata Digital के स्वामित्व वाली ई-ग्रॉसरी कंपनी की वैल्यूएशन बढ़कर 2.65 खरब रुपये (3.2 बिलियन डॉलर) हो गई है. बेंगलुरु स्थित बिग बास्केट कंपनी में टाटा डिजिटल की 64 फीसदी हिस्सेदारी है. इस फंडिंग राउंड में टाटा डिजिटल के अलावा अन्य निवेशकों ने भाग लिया.

पिछले बार की फंडिंग की तुलना में कंपनी का वैल्यूएशन अब 60 फीसदी बढ़ गया है. मिराए एसेट Mirae Asset Venture, यूके की सीडीसी CDC Group बिगबास्केट पैरेंट सुपरमार्केट ग्रॉसरी सप्लाई में अन्य निवेशकों में शामिल हैं.

को-फाउंडर और सीईओ हरि मेनन ने कहा कि हालिया पूंजी का इस्तेमाल मुख्य किराना कारोबार के विस्तार के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और मार्केटिंग में तेजी लाने के लिए किया जाएगा. इसके साथ ही, यह हालिया फंडिंग का उपयोग अपने क्विक कॉमर्स प्रोडक्ट बीबी नाउ में और निवेश करने के लिए करेगी. बिग बास्केट इस स्पेस में देर से उतरी है.

मेनन ने बताया कि ग्रॉसरी फर्म के लिए क्विक कॉमर्स एक स्टैंडअलोन व्यवसाय नहीं हो सकता है क्योंकि यह कम औसत वाले ऑर्डर मूल्य के कारण पैसा बनाने के लिए एक मुश्किल व्यवसाय है. बीबी नाउ पर, औसत ऑर्डर मूल्य उद्योग के औसत के समान लगभग 460 रुपये है. पिछले एक साल में, क्विक कॉमर्स स्पेस में फंडिंग की बाढ़ देखी गई.

बिग बास्केट की स्थापना 2011 में बेंगलुरु में हुई थी. BigBasket अपने मुख्य ई-ग्रॉसरी कारोबार को लगभग 75 शहरों में ले जाने की योजना बना रहा है, जो वर्तमान में 55 शहरों की संख्या से अधिक है. साल 2023 तक इसकी कुल बिक्री के लक्ष्य को बढ़ाकर 320 करोड़ रुपये करने की योजना है.

बीबी नाउ की प्रतिस्पर्धी कंपनियों में स्विगी Swiggy इंस्टामार्ट , रिलायंस रिटेल Reliance Retail बैक्ड डंजो Dunzo, मुंबई बेस्ड जेप्टो Zepto और ब्लिंकइट Blinkit शामिल हैं. इंस्टामार्ट और जेप्टो 1000 रुपये से अधिक के ऑर्डर के लिए यूजर्स को इंसेटिव दे रहा है.

यह टाटा डिजिटल की ईफार्मेसी के साथ 1MG की पेशकश के साथ-साथ सब्सक्रिप्शन-आधारित BB डेली जैसी अन्य सेवाओं को भी अपने मुख्य ऐप पर ले जाने की योजना बना रहा है.

सितंबर में, टाटा डिजिटल के नेतृत्व वाले फंडिंग राउंड ने समूह के ईफार्मेसी पोर्टल 1mg का मूल्यांकन बढ़ाकर 1 अरब डॉलर से अधिक कर दिया था, जिससे यह एक यूनिकॉर्न में बदल गया.


Edited by Vishal Jaiswal