गेमिंग इंडस्ट्री में नौकरियों की बहार, इस वित्त वर्ष एक लाख रोजगार का मिलने का अनुमान

टीमलीज डिजिटल की रिपोर्ट के मुताबिक गेमिंग सेक्टर 20 से 30 फीसदी की दर से बढ़ सकती है. इस इंडस्ट्री में 2022-23 में एक लाख डायरेक्ट और इनडायरेक्ट नौकरियां मिलने का अंदाजा है.

गेमिंग इंडस्ट्री में नौकरियों की बहार, इस वित्त वर्ष एक लाख रोजगार का मिलने का अनुमान

Friday November 18, 2022,

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गेमिंग इंडस्ट्री साल 2022-23 तक एक लाख नई नौकरियां जोड़ सकती है. ये नौकरियां प्रोग्रामिंग से लेकर टेस्टिंग, एनिमेशन और डिजाइन के क्षेत्र में आने की उम्मीद है.

एक अनुमान के मुताबिक गेमिंग सेक्टर 20 से 30 फीसदी की दर से बढ़ सकती है और यह वित्त वर्ष 2022-23 तक 

एक लाख डायरेक्ट और इनडायरेक्ट नौकरियां देगी. टीमलीज डिजिटल की रिपोर्ट 'गेमिंगः टूमॉरोज ब्लॉकबस्टर' में यह जानकारी दी गई है. फिलहाल सेक्टर में करीबन 50000 लोग काम करते हैं. इनमें से 30 फीसदी लोग प्रोग्रामर्स और डिवेलपर्स हैं.

अगले साल तक गेमिंग सेक्टर के अंदर अलग अलग डोमेन में जैसे कि प्रोग्रामिंग(गेम डिवेलपर्स, यूनिटी डिवेलपर्स), टेस्टिंग(गेम्स टेस्ट इंजीनियरिंग, QA लीड), एनिमेशन(एनिमेटर्स), डिजाइन(मोशन ग्राफिक डिजाइनर्स, वर्चुअल रियल्टी डिजाइनर्स), आर्टिस्ट(VFX और कॉन्सेप्ट आर्टिस्ट) के अलावा कंटेंट राइटर्स, गेमिंग जर्नलिस्ट्स, वेब एनालिस्ट में नौकरियां आएंगी.

रिपोर्ट के मुताबिक सैलरी के लिहाज से देखें तो गेमिंग इंडस्ट्री में गेम प्रोड्यूसर्स को सबसे ज्यादा (10 लाख प्रति वर्ष) से लेकर गेम डिजाइनर्स ( 6.5 लाख प्रति वर्ष), सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स (5.5 लाख प्रति वर्ष), गेम डिवेलपर्स ( 5.25 लाख प्रति वर्ष) और QA टेस्टर्स ( 5.11 लाख प्रति वर्ष) की तनख्वाह मिलने की अंदाजा लगाया गया है. 

टीमलीज डिजिटल सीईओ सुनील चेम्मनकोटिल ने कहा, यूजर बेस काफी तेजी से बढ़ रहा है और गेमिंग इंडस्ट्री में अपार मौके हैं. इसलिए आने वाला समय गेमिंग इंडस्ट्री का होने वाला है. इस इंडस्ट्री में एक नहीं दो नहीं कई सेक्टर्स के अंतर्गत नौकरियों के मौके मिलेंगे.

हां इस फील्ड में आए दिन रेग्युलेटरी बदलाव हो रहे हैं, जो एक परेशानी है. मगर इसके बाद भी गेमिंग इंडस्ट्री वित्त वर्ष 2022-23 तक एक लाख नौकरियां पैदा करने वाला है. 2026 तक इसके ढाई गुना बढ़ने का अनुमान है.

गेमिंग इंडस्ट्री अब कई गुना रफ्तार से ग्रोथ के मोड़ पर है और वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान यह 20 से 30 फीसदी की दर से बढ़ सकती है. 2026 तक ये 38,097 करोड़ रुपये पर भी पहुंच सकती है.

इस समय गेमिंग इंडस्ट्री 200 अरब डॉलर की है. टेक सेक्टर्स में इसे सबसे अहम और इनोवेटिव सेक्टर्स में से एक गिना जाता है. इस समय बड़ी बड़ी कॉरपोरेट हाउसेज भी गेमिंग इंडस्ट्री में उभरते ट्रेंड का फायदा उठाने के लिए आगे आ रही हैं.

कंसोल गेमिंग में माइक्रोसॉफ्ट, सोनी, निनटेंडो  का बोलबाला है. माइक्सॉक्फ्टरो, जैसे ट्रेडिशनल कंसोल मेकर्स को अब क्लाउड गेमिंग प्लैटफॉर्म के साथ मुकाबला करना होगा क्योंकि बढ़िया इंटरनेट कनेक्शन के साथ देश के किसी भी कोने में बैठे यूजर्स को आराम से एक्सेस मिल जा रहा है.


Edited by Upasana