DigiLocker में डॉक्यूमेंट रखने से पहले जान लें ये बातें, कहीं ऐसा न हो...?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल इंडिया (Digital India) अभियान के तहत, जुलाई 2015 में इसे लॉन्च किया था. जैसा कि सरकार का जोर देशभर में पेपर लेस सिस्टम बनाने पर है.

DigiLocker में डॉक्यूमेंट रखने से पहले जान लें ये बातें, कहीं ऐसा न हो...?

Tuesday February 07, 2023,

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आज के दौर में हर जगह आपको अपने डॉक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ती है. चाहे आप कोई बिजनेस शुरू कर रहे हैं, बैंक से जुड़े काम में, या फिर कहीं यात्रा कर रहे हैं, ट्रैफिक चालान या और किसी सरकारी काम में; पैन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी, राशन कार्ड, बर्थ सर्टिफिकेट, कॉलेज की डिग्री... आदि की जरूरत पड़ती है. लेकिन डॉक्यूमेंट्स की हार्ड कॉपी हर समय, हर जगह लेकर चलना थोड़ा मुश्किल होता है. और यहीं पिक्चर में आता है DigiLocker (Digital Locker).

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल इंडिया (Digital India) अभियान के तहत, जुलाई 2015 में इसे लॉन्च किया था. जैसा कि सरकार का जोर देशभर में पेपर लेस सिस्टम बनाने पर है.

डिजी लॉकर एक वर्चुअल लॉकर होता है. इसमें आप अपने सभी जरूरी डॉक्यूमेंट, सरकारी प्रमाण पत्र स्टोर कर सकते हैं. इसमें अकाउंट बनाने के लिए आपके पास आधार कार्ड का होना जरूरी है. DigiLocker ऐप को आप Google Play Store और Apple App Store से आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं.

DigiLocker वेबसाइट के मुताबिक (7 फरवरी, 2023 तक), डिजीलॉकर के 1 करोड़ 47 लाख रजिस्टर्ड यूजर हैं. DigiLocker से अभी तक 2,311 इश्यूअर्स ने करीब 5.62 बिलियन डाक्यूमेंट्स इश्यू (जारी) किए गए हैं.

DigiLocker पर आपको 1GB तक का फ्री स्टोरेज स्पेस मिलता है. और 50MB तक की फाइल साइज को अपलोड किया जा सकता है.

DigiLocker पर ऐसे बनाएं अकाउंट

DigiLocker पर अपना अकाउंट बनाने के लिए यहां बताई जा रही स्टेप्स को फॉलो करें:

  • सबसे पहले digilocker.gov.in या digitallocker.gov.in पर जाएं.

  • इसके बाद दाईं ओर Sign Up पर क्लिक करें.

  • नया पेज ओपन होगा जहां अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें.

  • इसके बाद DigiLocker आपके द्वारा दर्ज मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजेगा जिसे दर्ज करें.

  • इसके बाद अपना यूजरनेम और पासवर्ड सेट करें.

  • अब आप DigiLocker का इस्तेमाल कर सकते हैं.

DigiLocker पर डॉक्यूमेंट अपलोड करने का तरीका

DigiLocker पर डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें:

  • डिजीलॉकर को लॉग इन करें, यहां आपको पर्सनल अकाउंट में दो सेक्शन मिलेंगे.

  • पहले ऑप्शन में आपको सरकारी एजेंसियों द्वारा इश्यूड सर्टिफिकेट, उनके URL लिंक, उनके जारी होने की तारीख और इन्हें शेयर करने का ऑप्शन दिखेगा.

  • दूसरे ऑप्शन में आपको जो सर्टिफिकेट अपलोड किए हैं उनकी डिटेल्स और शेयर के साथ ई-साइन का ऑप्शन मिलेगा.

  • अगर आपको कोई सर्टिफिकेट अपलोड करना है तो आप माई सर्टिफिकेट पर क्लिक कर, अपलोड डॉक्यूमेंट पर क्लिक के द्वारा अपने सर्टिफिकेट चुन सकते हैं.

  • अब आप यहां मांगी गई सारी जानकारी भर कर, इसी तरह अपने सारे डॉक्यूमेंट डिजिटल लॉकर में अपलोड कर सकते हैं.

DigiLocker सिस्टम काम कैसे करता है?

DigiLocker सिस्टम में तीन प्रमुख स्टेकहोल्डर हैं:

जारीकर्ता (Issuer): एक मानक प्रारूप में व्यक्तियों को ई-डॉक्यूमेंट जारी करने और उन्हें इलेक्ट्रॉनिक रूप से उपलब्ध कराने के लिए इकाई. CBSE, रजिस्ट्रार ऑफिस, आयकर विभाग इत्यादि.

अनुरोधकर्ता (Requester): रिपॉजिटरी (जैसे विश्वविद्यालय, पासपोर्ट कार्यालय, क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, इत्यादि) में संग्रहीत किसी विशेष ई-डॉक्यूमेंट के लिए सुरक्षित पहुँच का अनुरोध करना.

निवासी (Resident): वह व्यक्ति जो आधार संख्या के आधार पर डिजिटल लॉकर सेवा का उपयोग करता है.

एक समय था जब आपको अपने दस्तावेजों को एक राजपत्रित अधिकारी से अटेस्टेड करवाना होता था, लेकिन डिजीलॉकर के साथ, आप दस्तावेज़ को आसानी से ई-साइन कर सकते हैं और ई-मेल के माध्यम से अनुरोध प्राधिकारी के साथ शेयर कर सकते हैं. ई-साइन सेल्फ-अटेस्ट के समान है जहां व्यक्ति यह दावा करता है कि दस्तावेज़ वास्तविक है. अब तक, ई-साइन को आधार e-KYC सेवा के माध्यम से OTP या फिंगरप्रिंट प्रमाणीकरण के माध्यम से किया जा सकता है.

DigiLocker में जारी दस्तावेज़ सुरक्षित हैं क्योंकि आपको अपने अकाउंट को खोलने के लिए अपना यूज़रनेम और पासवर्ड दर्ज करना होगा या अपने आधार और OTP का उपयोग करना होगा. आपके अकाउंट को हैक करना असंभव है. आप इन दस्तावेजों को कभी भी और कहीं भी खो जाने के डर के बिना एक्सेस कर सकते हैं. ऐप 4 अंकों के पिन के साथ आता है जो आपके मोबाइल ऐप में सुरक्षा को और बेहतर करता है.

सरकार ने लोगों के लिए संबंधित DTO या जारी करने वाले प्राधिकारी से डिजीलॉकर ऐप (DigiLocker App) के माध्यम से अपना ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) प्राप्त करने का प्रावधान किया है. डिजीलॉकर में वेरिफाइड दस्तावेज़ों का उपयोग मूल ड्राइविंग लाइसेंस और RC के स्थान पर किया जा सकता है. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी की है RT-11036/64/2017 / MV कि डिजीलॉकर ऐप या mParivahan ऐप रखे गए ड्राइविंग लाइसेंस, RC या किसी अन्य दस्तावेज़ को मूल दस्तावेज़ों की तरह कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त होगी.

आवश्यकता पड़ने पर इन दस्तावेज़ों को ऐप के माध्यम से भी शेयर किया जा सकता है. दस्तावेज़ पर मौजूद QR कोड का उपयोग दस्तावेज़ की प्रामाणिकता को जानने के लिए भी किया जा सकता है.

रेल मंत्रालय ने वर्ष 2018 के कमर्शियल सर्कुलर नंबर 33 में पुष्टि की है कि आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस को डिजीलॉकर ऐप पर लॉग इन करके “Issued Documents” सेक्शन से पहचान का एक वैध प्रमाण माना जाएगा .यह भी ध्यान देने योग्य है कि यदि उपर्युक्त दस्तावेज़ “Uploaded Documents” सेक्शन में हैं, तो उन्हें पहचान का वैध प्रमाण नहीं माना जाएगा.

आप डिजीलॉकर ऐप में जारी किए गए अपने शैक्षिक दस्तावेज़ और प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं . डिजीलॉकर ईको-सिस्टम (DigiLocker Ecosystem) में 20 करोड़ से अधिक शैक्षिक प्रमाण पत्र हैं. 15 केंद्रीय और राज्य शिक्षा बोर्ड और तकनीकी संस्थान हैं जो डिजीलॉकर में छात्र प्रमाण पत्र जारी करते हैं. इस सेक्शन के अंतर्गत आने वाले कुछ प्रमुख बोर्ड CBSE, CICSI, BSEB, PSEB, महाराष्ट्र राज्य बोर्ड, झारखंड अकेडमिक काउंसिल, NIOS, आदि हैं.

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