इस उद्यमी ने 10,000 रुपये में शुरू किया था फिल्टर बनाने का बिजनेस, अब ONGC, GAIL जैसे ग्राहकों को करता है बिक्री

By Palak Agarwal
May 07, 2021, Updated on : Fri May 07 2021 05:21:21 GMT+0000
इस उद्यमी ने 10,000 रुपये में शुरू किया था फिल्टर बनाने का बिजनेस, अब ONGC, GAIL जैसे ग्राहकों को करता है बिक्री
मेहुल पंचाल द्वारा 2002 में शुरू किए गए, फिल्टर कॉन्सेप्ट (Filter Concept ) में इन-हाउस टेक्नोलॉजी के साथ डेवलप अपने पोर्टफोलियो में लगभग 10,000 प्रोडक्ट हैं। यह तेल और गैस, पेट्रोकेमिकल, फार्मास्यूटिकल्स, स्टील और बिजली, सीमेंट, फार्मूलेशन, उर्वरक, कपड़ा आदि सहित कई इंडस्ट्रीज को सेवाएं प्रदान करता है।
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"मेहुल अहमदाबाद से हैं। पढ़ाई खत्म होने के बाद मेहुल एक व्यवसाय स्थापित करना चाहते थे, जहां वे अपनी तकनीकी विशेषज्ञता का उपयोग कर सकें। कुछ रिसर्च करते समय उन्होंने पाया कि फिल्ट्रेशन इंडस्ट्री में कुछ सकारात्मक परिवर्तन किए जाने की आवश्यक थी।"

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फिल्टर कंसेप्ट के संस्थापक मेहुल पांचाल कहते हैं कि इंडियन फिल्ट्रेशन मार्केट 900 से 950 करोड़ रुपये का है। असल में, इंडस्ट्रियल फिल्ट्रेशन के लिए ग्लोबल मार्केट 2020 में 29.5 बिलियन डॉलर से 2025 तक 41.1 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। यह 6.9 प्रतिशत के सीएजीआर से बढ़ रहा है।


एक दो दशक पुरानी कंपनी फिल्टर कॉन्सेप्ट कंपलीट फिल्ट्रेशन टेक्नोलॉजी सलूशन प्रदान करती है। यह इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर में सुरक्षित काम की परिस्थितियों के लिए हवा, गैस और लिक्विड की विभिन्न फिल्ट्रेशन आवश्यकताओं को पूरा कर रहा है।


मेहुल ने योरस्टोरी को बताया,

“जब मैंने 2002 में फिल्टर कॉन्सेप्ट शुरू किया तो उस समय, फिल्ट्रेशन बिजनेस केवल इंडस्ट्री को बेचने और मार्केटिंग तक ही सीमित था, वहीं एप्लीकेशन एनालिसिस भी विशेष रूप से अपने निम्नतम स्तर पर था। एक तकनीकी पृष्ठभूमि होने के नाते, मैं अपनी रिसर्च कर रहा था, और इस तरह फिल्टर कॉन्सेप्ट का जन्म हुआ।"


मेहुल ने एक केमिकल इंजीनियर होने के अलावा एमबीए भी किया है। उन्होंने अहमदाबाद, गुजरात में 10,000 रुपये का निवेश करके कंपनी शुरू की। मेहुल के मुताबिक, फिल्टर कॉन्सेप्ट ने वित्त वर्ष 2020 में 100 करोड़ रुपये का कारोबार किया। कंपनी 87 देशों को निर्यात करती है और अपने राजस्व का 80 प्रतिशत इन निर्यातों से और 20 प्रतिशत पीएसयू से कमाती है।

व्यवसाय स्थापित करना

अपनी डिग्री के बाद, मेहुल एक व्यवसाय स्थापित करना चाहते थे, जहां वे अपनी तकनीकी विशेषज्ञता का उपयोग कर सकें। कुछ रिसर्च करते समय उन्होंने पाया कि फिल्ट्रेशन इंडस्ट्री में कुछ सकारात्मक परिवर्तन किए जाने की आवश्यक थी। मेहुल अहमदाबाद से हैं जोकि कपड़ा निर्यात का केंद्र है। उन्होंने पहली बार एक डाई और एक इंटरमीडिएट सेगमेंट कंपनी को जोड़ा और उन्हें एक बैग फिल्टर सिस्टम सप्लाई किया।


उनकी पहली पारी अच्छी रही, जिससे उन्हें एक दूसरे के जरिए तारीफ के माध्यम से अधिक ग्राहक प्राप्त करने में मदद मिली।


मेहुल कहते हैं,

"मैंने इंडस्ट्री से जुड़कर और उनकी खास जरूरतों के अनुसार फिल्ट्रेशन सिस्टम डिजाइन करने पर ध्यान केंद्रित किया, इसने कंपनियों की मदद की और इससे हमारे बिजनेस को भी बाजार में टॉप पर लाने में मदद हुई।"


धीरे-धीरे, मेहुल ने पीएसयू से संपर्क करना शुरू कर दिया और ओएनजीसी के साथ एक डील हासिल की। 


मेहुल बताते हैं,

“हम सिर्फ एक प्रोडक्ट नहीं बेचते हैं। हम ग्राहक की मांग को समझते हैं, उनकी समस्या को हल करने के लिए प्रोडक्ट डेवलप करते हैं, और मुझे लगता है, यही हमें यूनीक बनाता है। जब मैंने ओएनजीसी से संपर्क किया, तो मैंने पहले ऊपर के मैनेजमेंट के 50 लोगों से फिल्ट्रेशन कॉन्सेप्ट के बारे में बात की, और वे प्रभावित हुए।"


वर्ड ऑफ माउथ मार्केटिंग किसी चेन रिएक्शन से कम नहीं थी। नतीजा ये निकला कि ONGC ने GAIL को फिल्टर कॉन्सेप्ट रेफर किया और वहां कंपनी IOCL और अन्य लोगों से जुड़ने में सक्षम रही।


वर्तमान में, फिल्टर कॉन्सेप्ट तेल और गैस, पेट्रोकेमिकल्स, फार्मास्यूटिकल्स, इस्पात और बिजली, सीमेंट, फॉर्मुलेशन, उर्वरक, कपड़ा, पेंट और स्याही, केमिकल, माइंस और खनिज, इलेक्ट्रॉनिक्स और जल शोधन सहित सभी इंडस्ट्रियल सेक्टर में क्लाइंट्स को कंपलीट फिल्ट्रेशन टेक्नोलॉजी सलूशन प्रदान करता है। 

प्रभाव पैदा करना

फिल्टर कॉन्सेप्ट अपनी इन-हाउस तकनीक के आधार पर अपनी फिल्ट्रेशन मशीनों का निर्माण करता है और तकनीकी सहायता के लिए अन्य एजेंसियों पर निर्भर नहीं करता है।


MSME के पास अपने पोर्टफोलियो में फिल्टर हाउसिंग, फिल्टर कंज्यूमेबल्स, फिल्टर बैग्स (लिक्विड) गैस फिल्ट्रेशन और एयर फिल्ट्रेशन जैसी व्यापक कैटेगरीज में 10,000 से अधिक प्रोडक्ट्स हैं। इसने इन-हाउस 100 तकनीकों को भी विकसित किया है।


अपनी एक टेक्नोलॉजी के बारे में बताते हुए, मेहुल कहते हैं, "हमारे प्रोडक्ट्स में से एक - ऑटोमैटिक सेल्फ-क्लीनिंग फिल्टर है जिसका ग्लोबल पेटेंट है। इसने इंडस्ट्री सेक्टर को असाधारण परिणाम प्रदान किए हैं, जहां ग्राहकों को अपने कंज्यूमेबल्स को बदलने की आवश्यकता नहीं है।"


एक बार जब यह फिल्टर में अपने प्रीसेट डिफरेंशियल प्रेशर तक पहुंच जाता है तो ये फिल्टर अपने आप साफ हो जाते हैं। टेक्नोलॉजी की खासियत यह है कि इसके लिए किसी मानव हस्तक्षेप या फिल्टर प्लेसमेंट की आवश्यकता नहीं होती है। असल में, यह नियमित रूप से फिल्ट्रेशन जरूरतों वाले बहुत सारे उद्योगों को लाभान्वित करता है, जिससे पानी और बिजली की खपत पर बचत होती है।


कई उद्योग उच्च उत्सर्जन का उत्पादन करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप प्रदूषण बढ़ता है, जो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा तय सामान्य घन रेंज प्रति 50-150 मिलीग्राम में भी नहीं है, और बदले में, यह पर्यावरण को प्रभावित करता है।


वह कहते हैं,

“हमारे कुछ प्रोडक्ट अन्य कंपनियां द्वारा उत्सर्जित प्रदूषण को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ये प्रोडक्ट उत्सर्जन आउटपुट को 10 एमजी/एनएम 3 तक कम करने में मदद करते हैं। यह मानक अमेरिकी और यूरोपीय कंपनियों द्वारा फॉलो किया जाता है, और हम भी उस लीग में हैं।"


वह कहते हैं कि फिल्ट्रेशन इंडस्ट्री में बहुत जागरूकता और परिवर्तन लाया जाना बाकी है, और उनकी कंपनी ऐसा करने के लिए एक मिशन पर है।

चुनौतियां और प्रतियोगिता

मेहुल कहते हैं कि इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी चुनौती सरकारी सहायता है। वह कहते हैं, “हम एक MSME हैं। हालांकि सरकार ने इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए बहुत सारे कदम उठाए हैं, लेकिन इसके उत्थान के लिए कुछ बुनियादी ढाँचे और योजनाएं होनी चाहिए।" प्रतियोगिता के बारे में बात करते हुए, मेहुल कहते हैं कि भारत में फिल्ट्रेशन इंडस्ट्री में लगभग 100 कंपनियां हैं।


लेकिन,

“हम किसी भी प्रतियोगिता को नहीं देखते हैं क्योंकि हम उनके फिल्ट्रेशन की आवश्यकता के लिए एक समाधान प्रदाता हैं। हम कोई विशिष्ट उत्पाद बेचने वाली कंपनी नहीं हैं, और यह इसी ही सेगमेंट के हमारे साथी प्रतिस्पर्धा की तुलना में ऊपरी बढ़त देता है। यहां तक कि हम अपनी इंडस्ट्री के साथियों का सामना कर चुके हैं। उन्होंने अपने ग्राहकों को सही प्रोडक्ट ऑफर करने के लिए हमसे हमारी तकनीकी विशेषज्ञता के आधार पर मदद मांगी। इसलिए, इस तरह, वे भी हमारे ग्राहक बन जाते हैं।"


2018 में, फिल्टर कॉन्सेप्ट रिटेल मार्केट को पूरा करने के लिए एयर प्यूरीफायर के साथ आया। पिछले साल, COVID-19 महामारी के कारण इसकी एयर प्यूरीफायर की बिक्री 3 गुना बढ़ गई क्योंकि लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली हवा में सांस लेने के लिए जागरूक किया गया है।

आगे का रास्ता 

फिल्टर कॉन्सेप्ट जल्द ही B2C मार्केट में हाइड्रोजेल वाटर प्यूरीफायर बॉटल लॉन्च करने की योजना बना रहा है। कंपनी का उद्देश्य विदेशों में अपने कार्यालय और कारखाने स्थापित करना है।


वह कहते हैं,

“हमारे पास हमारी टाइमलाइन के लिए स्पष्ट रोडमैप है। पहले तो, हम दुनिया भर में वर्कस्टेशन स्थापित करके अपने संभावित बाजार पर कब्जा करना चाहते हैं।"


Edited by Ranjana Tripathi