upGrad ने रिक्रूटमेंट और स्टाफिंग कंपनी WOLVES India का अधिग्रहण किया

WOLVES India अपने संस्थापक रघु एस. के नेतृत्व में स्वतंत्र रूप से काम करना जारी रखेगा. WOLVES India की स्थापना 2015 में हुई थी. यह देश और विदेश में कई मध्य और बड़े संगठनों के साथ-साथ देश में टेक स्टार्टअप्स में टैलेंट भर्ती में मदद करता है.

upGrad ने रिक्रूटमेंट और स्टाफिंग कंपनी WOLVES India का अधिग्रहण किया

Friday July 15, 2022,

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ग्लोबल एडटेक यूनिकॉर्न upGrad की सहायक कंपनी upGrad Rekrut ने एक भर्ती और स्टाफिंग कंपनी WOLVES India के अधिग्रहण की घोषणा की है. हालांकि, उसने सौदे की कीमत का खुलाना नहीं किया है.

कंपनियों के मुताबिक, WOLVES India अपने संस्थापक रघु एस. के नेतृत्व में स्वतंत्र रूप से काम करना जारी रखेगा. WOLVES India की स्थापना 2015 में हुई थी. यह देश और विदेश में कई मध्य और बड़े संगठनों के साथ-साथ देश में टेक स्टार्टअप्स में टैलेंट भर्ती में मदद करता है.

कंपनी का दावा है कि उसने टेक्नोलॉजी और प्रोडक्ट्स भूमिकाओं में 5,000 से अधिक प्लेसमेंट किएए हैं। इसके साथ ही WOLVES India ग्लोबल बिजनेसों को ऑफशोर ऑफिस स्थापित करने में मदद करने के लिए एक प्रॉपरायटी प्रोडक्ट Quasara भी मुहैया कराता है.

अपग्रैड के सह-संस्थापक और एमडी मयंक कुमार ने कहा कि हमारे अधिग्रहण हमारे सीखने वाले के लिए करिअर के नए रास्ते खोलने की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं.

अपग्रैड रेक्रूट के साथ हमने वित्त वर्ष 2012 के दौरान अपने शिक्षार्थियों को रिकॉर्ड-ब्रेकिंग सीटीसी प्राप्त करते हुए देखा. वहीं, अभ वोल्व्स इंडिया में शामिल होने से हमें टेक्नोलॉजी में बढ़त मिलेगी. यह हमारे शिक्षार्थियों के लिए अत्यधिक भुगतान वाली तकनीकी भूमिकाओं और बेहतर करियर त्वरण के रूप में व्यापक रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देगा.

अपग्रैड के अनुसार, भारत की टेक इंडस्ट्री में आगे भी स्किल टैलेंट की डिमांड रहेगी और वित्त वर्ष 2026 तक इसमें 350 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है.

वहीं, अपग्रैड रेक्रूट के संस्थापकों अजय शाह और हुसैन टिनवाला ने कहा कि अपग्रैड रेक्रूट के साथ पार्टनरशिप करके हम रघु और बाकी टीम का स्वागत करके खुश हूं. इससे हमारा प्लेसमेंट पोर्टफोलियो मजबूत होगा जो कि अपग्रैड के लर्नर्स को भविष्य में टेक जॉब्स हासिल करने में मदद करेगा.

रॉनी स्क्रूवाला की अपग्रैड एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड ने वोल्व्स इंडिया के अधिग्रहण के साथ ही पिछले सात महीने में तीन कंपनियों के अधिग्रहण पूरा कर लिया है. एक महीने पहले 225 मिलियन डॉलर (17.56 अरब रुपये) की फंडिंग जुटाई है जिसके बाद उसकी वैल्यूएशन अब बढ़कर 2.25 बिलियन डॉलर (1.76 खरब रुपये) पहुंच गई है.